Ethanol Blending: तेल कंपनियों ने खर्च किए ₹1.72 लाख करोड़

सरकार ने बताया है कि देश की सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने एथेनॉल खरीद पर अब तक 1.72 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। यह खर्च Ethanol Supply Year (ESY) 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान किया गया है। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के लिए तेल कंपनियां घरेलू स्तर पर एथेनॉल की खरीद करती हैं।

सरकारी तेल कंपनियों ने एथेनॉल खरीद पर खर्च किए 1.72 लाख करोड़ रुपये

राज्यसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जानकारी दी कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने ESY 2023-24 में 48,757 करोड़ रुपये, ESY 2024-25 में 73,996 करोड़ रुपये और ESY 2025-26 में जून तक 49,577 करोड़ रुपये एथेनॉल खरीदने पर खर्च किए हैं।

सरकार के अनुसार, तेल कंपनियां गन्ने से बनने वाले एथेनॉल जैसे C-heavy molasses, B-heavy molasses, गन्ने के रस और शुगर सिरप के अलावा अनाज आधारित स्रोतों से भी एथेनॉल खरीद रही हैं। इसमें खराब अनाज, भारतीय खाद्य निगम (FCI) के अतिरिक्त चावल और मक्का जैसे स्रोत शामिल हैं।

Ethanol Blended Petrol Programme को मिल रही मजबूती

Ethanol Blended Petrol (EBP) Programme को आगे बढ़ाने के लिए देश में एथेनॉल उत्पादन करने वाली 501 इकाइयों को पंजीकृत किया गया है। इन इकाइयों से पेट्रोल में मिलाने के लिए एथेनॉल की सप्लाई की जाती है।

सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum Corporation (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) भी ईंधन गुणवत्ता वाला एथेनॉल उत्पादन करने में शामिल हैं।

⛽ एथेनॉल खरीद के प्रमुख आंकड़े

  • कुल खर्च: 1.72 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा
  • ESY 2023-24: 48,757 करोड़ रुपये
  • ESY 2024-25: 73,996 करोड़ रुपये
  • ESY 2025-26 जून तक: 49,577 करोड़ रुपये
  • उद्देश्य: पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाना

IOCL, BPCL और HPCL की एथेनॉल उत्पादन क्षमता

आंकड़ों के अनुसार, ESY 2025-26 में जून तक IOCL की एथेनॉल उत्पादन क्षमता 228 किलोलीटर प्रति दिन रही और कंपनी ने 712 किलोलीटर उत्पादन किया। वहीं BPCL की क्षमता 200 किलोलीटर प्रति दिन और HPCL Biofuels की क्षमता 120 किलोलीटर प्रति दिन बताई गई है।

एथेनॉल मिले पेट्रोल की बिक्री में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। ESY 2024-25 में उत्तर प्रदेश में सरकारी तेल कंपनियों ने 124.98 करोड़ लीटर एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचा। इसके बाद महाराष्ट्र में 110.66 करोड़ लीटर, तमिलनाडु में 92.18 करोड़ लीटर, कर्नाटक में 79.24 करोड़ लीटर और गुजरात में 56.29 करोड़ लीटर बिक्री हुई।

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री में राज्यों का प्रदर्शन

सरकार का कहना है कि देश में एथेनॉल सप्लायर नेटवर्क और घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ने से EBP Programme को मजबूती मिल रही है। एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना है।

🌱 एथेनॉल मिश्रण के फायदे

  • आयात में कमी: पेट्रोलियम पर विदेशी निर्भरता कम होगी
  • किसानों को लाभ: गन्ना और अनाज आधारित बाजार को बढ़ावा मिलेगा
  • स्वच्छ ईंधन: प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी
  • घरेलू उत्पादन: एथेनॉल सप्लाई नेटवर्क मजबूत होगा

Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य से दी गई है, निवेश या व्यक्तिगत सलाह नहीं है।

Gourav Kumar Singh

About the Author

Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

Read More →

Leave a Comment