भारत में म्यूचुअल फंड निवेश में व्यक्तिगत निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। Franklin Templeton India Mutual Fund के अनुसार, जून 2026 में म्यूचुअल फंड उद्योग के कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 61 प्रतिशत हो गई, जो मई में 60 प्रतिशत थी। वहीं संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत रही।
भारत में म्यूचुअल फंड निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ी
म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल AUM जून 2026 में बढ़कर रिकॉर्ड 82.22 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह आंकड़ा 74.41 लाख करोड़ रुपये था। यानी पिछले एक साल में उद्योग के कुल निवेश में करीब 7.8 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। लंबे समय में भी म्यूचुअल फंड उद्योग ने अच्छी growth दिखाई है।
SIP यानी Systematic Investment Plan के जरिए निवेश करने वालों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है। जून 2026 में SIP से आने वाला निवेश बढ़कर रिकॉर्ड 31,781 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो जून 2025 के 27,269 करोड़ रुपये से करीब 17 प्रतिशत ज्यादा है।
SIP निवेश में लगातार बढ़ रही लोगों की रुचि
SIP खातों की संख्या बढ़कर 10.52 करोड़ हो गई है। पिछले एक साल में इसमें 14.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं औसत मासिक SIP योगदान भी 2,966 रुपये से बढ़कर 3,022 रुपये हो गया है।
लंबे समय के लिए SIP के जरिए निवेश करने का चलन भी बढ़ रहा है। पांच साल से ज्यादा समय तक चलने वाले SIP निवेश की हिस्सेदारी मार्च 2026 में बढ़कर 31 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 30 प्रतिशत थी। इक्विटी म्यूचुअल फंड में SIP निवेश की हिस्सेदारी भी बढ़कर 29.1 प्रतिशत हो गई है।
📈 म्यूचुअल फंड निवेश के बड़े आंकड़े
- कुल AUM: 82.22 लाख करोड़ रुपये
- व्यक्तिगत निवेशकों की हिस्सेदारी: 61 प्रतिशत
- SIP निवेश: 31,781 करोड़ रुपये
- SIP खाते: 10.52 करोड़
- औसत मासिक SIP: 3,022 रुपये
इक्विटी और Multi Asset Allocation Funds में बढ़ा निवेश
इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेशकों की पसंद बने हुए हैं। जून 2026 में इक्विटी फंड का AUM बढ़कर 37.38 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 33.51 लाख करोड़ रुपये था। इस दौरान मिड कैप और स्मॉल कैप फंड में निवेशकों की रुचि ज्यादा देखने को मिली।
Multi Asset Allocation Funds ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। जून 2026 में इस कैटेगरी में 4,811 करोड़ रुपये का निवेश आया और इसका कुल AUM बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले 12 महीनों में इन फंड्स में 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आया है।
Gold ETF और Silver ETF में भी बढ़ा निवेश
सोना और चांदी से जुड़े ETF में भी निवेश तेजी से बढ़ा है। Gold ETF का AUM बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले यह 65,000 करोड़ रुपये था। वहीं Silver ETF का AUM 20,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 79,000 करोड़ रुपये पहुंच गया।
छोटे शहरों में भी म्यूचुअल फंड निवेश का विस्तार हो रहा है। B30 यानी देश के टॉप 30 शहरों के बाहर के क्षेत्रों की हिस्सेदारी जून 2026 में बढ़कर 19 प्रतिशत हो गई, जो दिसंबर 2020 में 16 प्रतिशत थी।
महाराष्ट्र म्यूचुअल फंड निवेश में सबसे आगे
राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र म्यूचुअल फंड निवेश में सबसे आगे रहा। राज्य का औसत AUM 33.50 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं नई दिल्ली में सालाना AUM growth सबसे ज्यादा 39.95 प्रतिशत रही।
💰 व्यक्तिगत निवेशकों का बढ़ता भरोसा
- 10 साल में AUM: व्यक्तिगत निवेशकों का AUM करीब आठ गुना बढ़ा
- पांच साल की growth: सालाना औसत 23 प्रतिशत
- 10 साल की growth: सालाना 22 प्रतिशत
- मुख्य कारण: SIP और नियमित निवेश की बढ़ती लोकप्रियता
व्यक्तिगत निवेशकों की संपत्ति में तेज बढ़ोतरी
Franklin Templeton के अनुसार, व्यक्तिगत निवेशकों की संपत्ति में लंबे समय में उद्योग की तुलना में तेज बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 वर्षों में व्यक्तिगत निवेशकों का AUM करीब आठ गुना बढ़ा है, जबकि पूरे उद्योग का AUM लगभग छह गुना बढ़ा है।
पिछले पांच वर्षों में व्यक्तिगत निवेशकों के AUM की सालाना औसत growth 23 प्रतिशत रही, जबकि उद्योग की growth 20 प्रतिशत रही। वहीं 10 साल की अवधि में व्यक्तिगत निवेशकों का AUM 22 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि उद्योग की growth 20 प्रतिशत रही।
यह आंकड़े बताते हैं कि भारत में छोटे निवेशकों का भरोसा म्यूचुअल फंड और नियमित निवेश की रणनीति पर लगातार मजबूत हो रहा है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य से दी गई है, निवेश सलाह नहीं है।
