Apple के लोकप्रिय लैपटॉप MacBook Air की उपलब्धता पर असर पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, मेमोरी चिप की कमी के कारण कंपनी को बाजार में इसकी सप्लाई बनाए रखने में परेशानी हो रही है। कई रिटेल स्टोर पर नए यूनिट की उपलब्धता पहले की तुलना में कम हो गई है।
MacBook Air की सप्लाई पर मेमोरी चिप संकट का असर
मेमोरी की कमी का असर Apple के कई डिवाइस पर देखने को मिल रहा है। इसी वजह से कंपनी ने हाल ही में MacBook और iPad की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। भारत में M5 चिप वाले MacBook Air की कीमत करीब 24 प्रतिशत बढ़कर 1,20,900 रुपये से बढ़कर 1,49,900 रुपये हो गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में भी MacBook Air की शुरुआती कीमत में 200 डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। अब वहां इसका शुरुआती मॉडल 1,299 डॉलर में उपलब्ध है। कीमत बढ़ने के बावजूद सप्लाई की समस्या बनी हुई है।
💻 MacBook Air सप्लाई संकट की मुख्य बातें
- मुख्य समस्या: मेमोरी चिप की कमी
- प्रभावित डिवाइस: MacBook और iPad
- भारत में कीमत: M5 MacBook Air की कीमत बढ़ी
- अमेरिका में बदलाव: शुरुआती कीमत में 200 डॉलर की बढ़ोतरी
- रिटेल स्थिति: कई स्टोर पर उपलब्धता कम हुई
Apple मेमोरी संकट को कम करने की कोशिश में
मेमोरी संकट को कम करने के लिए Apple चीन के सप्लायर से मेमोरी खरीदने की योजना बना रही है। हालांकि, यह सुविधा फिलहाल चीन में बिकने वाले डिवाइस के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। कंपनी अपने दूसरे लैपटॉप मॉडल की बिक्री को भी बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि MacBook Air को तुरंत नया अपडेट मिलने की उम्मीद नहीं है। कंपनी ने इसी साल मार्च में M5 चिप के साथ इसका नया मॉडल पेश किया था। इसलिए अभी Apple का ध्यान उत्पादन और उपलब्धता सुधारने पर है।
MacBook Air की बिक्री और उपलब्धता पर असर
मेमोरी की कमी का असर कंपनी के बैक-टू-स्कूल अभियान पर भी पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में देरी हुई थी। इसके अलावा कंपनी अपनी वेबसाइट और स्टोर पर ग्राहकों को MacBook Pro की ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।
Apple ने कुछ प्रचार सामग्री में यह जानकारी भी जोड़नी शुरू की है कि MacBook Air उपलब्धता के आधार पर मिलेगा। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में सप्लाई की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।
⚠️ Apple डिवाइस पर सप्लाई समस्या का प्रभाव
- प्रभाव: MacBook Air की उपलब्धता में कमी
- अभियान: बैक-टू-स्कूल अभियान में देरी
- ग्राहक विकल्प: MacBook Pro की ओर आकर्षित करने की कोशिश
- भविष्य संकेत: सप्लाई सामान्य होने में समय लग सकता है
- कारण: मेमोरी चिप की कमी
Apple स्मार्ट ग्लास और हेडसेट पर भी काम कर रही कंपनी
इसके अलावा Apple स्मार्ट ग्लास और हेडसेट को स्वास्थ्य से जुड़े फीचर्स के साथ विकसित करने पर भी काम कर रही है। कंपनी भविष्य में इन डिवाइस की मदद से शरीर की गतिविधियों और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को ट्रैक करने की योजना बना रही है।
हालांकि, पहली पीढ़ी के Apple Glasses में ये फीचर्स मिलने की संभावना कम है। कंपनी लंबे समय में सेंसर और नई तकनीक के जरिए इन्हें शामिल कर सकती है।
Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। उत्पादों की कीमत और उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है।

