EU कोर्ट का ऐपल को झटका, App Store पर सख्त नियम लागू रहेंगे

Apple EU Digital Markets Act: यूरोपीय संघ की अदालत ने ऐपल को बड़ा झटका देते हुए उसके ऐप स्टोर और iOS को डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) से बाहर रखने की मांग खारिज कर दी। जानिए अदालत के फैसले, ऐपल की दलील और इसके संभावित प्रभाव के बारे में।

यूरोपीय संघ (EU) की अदालत ने ऐपल को बड़ा झटका देते हुए उसकी वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें कंपनी ने अपने ऐप स्टोर और iPhone के iOS ऑपरेटिंग सिस्टम को डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) के नियमों से बाहर रखने की मांग की थी। लक्ज़मबर्ग स्थित जनरल कोर्ट ने कहा कि यूरोपीय आयोग का फैसला सही था और ऐपल की इन सेवाओं पर DMA के नियम लागू रहेंगे।

यूरोपीय संघ की अदालत ने ऐपल की याचिका क्यों खारिज की?

📱 फैसले की मुख्य बातें

  • कंपनी: Apple
  • मामला: App Store और iOS पर DMA नियम
  • अदालत: यूरोपीय संघ की जनरल कोर्ट
  • फैसला: ऐपल की याचिका खारिज
  • निष्कर्ष: App Store और iOS पर DMA लागू रहेगा
  • स्थिति: Apple को “Gatekeeper” माना गया

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ऐपल का ऐप स्टोर और iOS डिजिटल बाजार में इतनी मजबूत स्थिति रखते हैं कि उन्हें “गेटकीपर” माना जा सकता है। हालांकि iMessage से जुड़ी ऐपल की याचिका को अदालत ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

फैसले के बाद ऐपल ने कहा कि उसका मानना है कि डिजिटल मार्केट्स एक्ट जरूरत से ज्यादा सख्त है और इससे कंपनी द्वारा वर्षों में विकसित की गई यूजर्स की प्राइवेसी और सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि यह कानून उसकी सेवाओं पर ऐसे नियम लागू करता है जो उचित नहीं हैं।

ऐपल ने फैसले पर क्या कहा?

ऐपल ने पहले भी यूरोपीय संघ के इस कानून का विरोध किया था। कंपनी का कहना था कि नए नियमों के कारण उसे अपने iPhone और अन्य सेवाओं को प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के लिए अधिक खुला बनाना पड़ेगा, जिससे उसके बिजनेस मॉडल और सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर यूरोपीय आयोग का तर्क है कि ऐपल का अपने इकोसिस्टम पर बहुत अधिक नियंत्रण है, जिससे दूसरे कारोबारियों के लिए बराबरी की प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है।

⚖️ DMA और आगे की स्थिति

  • कानून: Digital Markets Act (2023)
  • उद्देश्य: बड़ी टेक कंपनियों की बाजार पकड़ सीमित करना
  • फोकस: निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा
  • पहले का जुर्माना: 50 करोड़ यूरो
  • Apple का कदम: कानूनी चुनौती जारी
  • अगला विकल्प: EU की सर्वोच्च अदालत में अपील

डिजिटल मार्केट्स एक्ट क्या है?

डिजिटल मार्केट्स एक्ट 2023 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य बड़ी टेक कंपनियों की बाजार में मजबूत पकड़ को सीमित करना और छोटे कारोबारों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का मौका देना है। इस कानून के तहत बड़ी टेक कंपनियों पर कई नई जिम्मेदारियां लागू की गई हैं।

अब आगे क्या होगा?

हालांकि ऐपल इस फैसले के खिलाफ यूरोपीय संघ की सर्वोच्च अदालत में अपील कर सकती है। इससे पहले यूरोपीय आयोग ऐपल पर ऐप स्टोर से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के लिए 50 करोड़ यूरो (करीब 57.1 करोड़ डॉलर) का जुर्माना भी लगा चुका है, जिसे कंपनी अलग से कानूनी चुनौती दे रही है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रिपोर्टों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और निर्णय समय के साथ बदल सकते हैं।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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