निर्माण सामग्री की तेज डिलीवरी पर काम करने वाले स्टार्टअप Fixxly ने शुरुआती फंडिंग हासिल कर अपनी कारोबारी योजनाओं को गति दे दी है। कंपनी अब AI आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए सितंबर से अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है।
निर्माण सामग्री की तेज डिलीवरी पर काम करने वाले स्टार्टअप फिक्सली ने अपने शुरुआती निवेश दौर में 5.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है। इस निवेश में Accel, Fireside Ventures और Lightspeed India ने भाग लिया है। कंपनी का कहना है कि इस पूंजी का उपयोग अपने तकनीकी प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाने और कारोबार का विस्तार करने में किया जाएगा। इसके साथ ही कंपनी सितंबर की शुरुआत में अपनी व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है।
Fixxly Startup को 5.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग
फिक्सली की स्थापना इस साल DesignCafe के सह-संस्थापक शेज़ान भोजानी और Zepto में सप्लाई चेन से जुड़े रहे सचित वर्मा ने की है। कंपनी का उद्देश्य निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली जरूरी सामग्री को कम समय में ग्राहकों तक पहुंचाना है। इसके लिए एक AI आधारित प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसके जरिए प्लाईवुड, पेंट, इलेक्ट्रिकल सामान, लाइटिंग, प्लंबिंग सामग्री और हार्डवेयर जैसी चीजें बहुत कम समय में निर्माण स्थल तक पहुंचाई जा सकेंगी।
🚚 Fixxly Funding की मुख्य बातें
- Funding: 5.5 मिलियन डॉलर
- मुख्य निवेशक: Accel, Fireside Ventures, Lightspeed India
- सेवा: Construction Material Delivery
- तकनीक: AI आधारित प्लेटफॉर्म
- शुरुआत: सितंबर से
- पहला शहर: बेंगलुरु
कंपनी किन ग्राहकों को सेवा देगी
कंपनी की शुरुआत बेंगलुरु से होगी और उसके बाद दूसरे शहरों में भी विस्तार किया जाएगा। फिक्सली का मुख्य फोकस ठेकेदारों, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, बढ़ई, पेंटर, इंटीरियर डिजाइनर और घर बनाने या मरम्मत कराने वाले लोगों पर रहेगा। अभी इस क्षेत्र में अधिकतर लोग अलग-अलग स्थानीय दुकानदारों और डीलरों पर निर्भर रहते हैं, जिससे कई बार जरूरी सामान समय पर नहीं मिल पाता और काम रुक जाता है।
सह-संस्थापक शेज़ान भोजानी का कहना है कि कंपनी की सोच यह है कि किसी भी निर्माण स्थल पर सिर्फ एक सामान की कमी के कारण काम बंद न हो। उनके अनुसार निर्माण कार्य से जुड़े लोगों का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए सही समय पर सही सामग्री उपलब्ध कराना ही फिक्सली का सबसे बड़ा लक्ष्य है।
निवेशकों को क्यों दिख रहा है बड़ा अवसर
हाल के समय में निवेशक ऐसे स्टार्टअप में लगातार रुचि दिखा रहे हैं जो तेज डिलीवरी की सुविधा को नई श्रेणियों तक ले जा रहे हैं। पहले यह मॉडल मुख्य रूप से किराना सामान तक सीमित था, लेकिन अब दवाइयों, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन, घरेलू सेवाओं और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में भी इसका विस्तार हो रहा है। निर्माण सामग्री का बाजार अभी भी काफी बड़ा है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा पारंपरिक व्यवस्था पर आधारित है, इसलिए इसमें नई तकनीक के जरिए बदलाव की अच्छी संभावना मानी जा रही है।
📦 कंपनी की विस्तार योजना
- लक्ष्य ग्राहक: ठेकेदार, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर
- समस्या: समय पर सामग्री नहीं मिलना
- समाधान: तेज AI आधारित डिलीवरी
- विस्तार: बेंगलुरु के बाद अन्य शहर
- उद्देश्य: निर्माण कार्य बिना रुकावट जारी रखना
- फोकस: सप्लाई चेन को बेहतर बनाना
Accel के पार्टनर प्रशांत प्रकाश ने कहा कि भारत में निर्माण सामग्री की खरीद व्यवस्था अभी काफी बिखरी हुई है। ठेकेदार और घर बनाने वाले लोग अक्सर स्थानीय सप्लायर पर निर्भर रहते हैं, जिससे डिलीवरी में देरी होती है। उनका मानना है कि समय की बचत के लिए ऐसी सेवा की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
Fireside Ventures के सह-संस्थापक विनय सिंह ने कहा कि निर्माण सामग्री की अंतिम चरण की डिलीवरी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उनके अनुसार शेज़ान भोजानी के पास इस क्षेत्र का लंबा अनुभव है और उनकी पिछली कंपनी में भी निवेश का अच्छा अनुभव रहा है, इसलिए उन्हें इस नए कारोबार पर भरोसा है。
Lightspeed India के वाइस प्रेसिडेंट रोमित मेहता का कहना है कि यह क्षेत्र अभी काफी बिखरा हुआ है और तेज डिलीवरी का मॉडल इसमें बड़ा बदलाव ला सकता है। उनका मानना है कि संस्थापकों के अनुभव और सप्लाई नेटवर्क की समझ के कारण कंपनी इस बड़े बाजार को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने की क्षमता रखती है।
शेज़ान भोजानी दो दशक से अधिक समय से होम इम्प्रूवमेंट क्षेत्र से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पहले DesignCafe की सह-स्थापना की थी, जिसका 2024 में HomeLane के साथ विलय हुआ था। वहीं सचित वर्मा इससे पहले Zepto और Flipkart में सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं, जिससे उन्हें तेज डिलीवरी और संचालन का अच्छा अनुभव मिला है।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। निवेश और कारोबारी योजनाओं से जुड़े निर्णय आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार बदल सकते हैं।