मध्य पूर्व में तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष में अस्थायी विराम के संकेत मिलने के बाद सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इससे तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई और महंगाई बढ़ने का खतरा भी कुछ घटा है। इसी वजह से निवेशकों का रुझान एक बार फिर सोने की ओर बढ़ा है।
मध्य पूर्व तनाव घटने के बाद सोने की कीमतों में तेजी
सोमवार को सोने की कीमत में 1.1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई और यह करीब 4,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर के आसपास पहुंच गया। इससे पहले पिछले सप्ताह भी सोने में लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ करीब दो हफ्तों से जारी हमलों को रोक दिया है। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई से दूरी बनाने के संकेत दिए हैं और ओमान के साथ बातचीत शुरू की है। इस बातचीत का एक अहम मुद्दा होरमुज जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री व्यापार को लेकर है।
सोने की कीमतों से जुड़ी मुख्य बातें
- सोने की कीमत: करीब 4,100 डॉलर प्रति औंस
- सोमवार की तेजी: 1.1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
- पिछले सप्ताह: करीब 1 प्रतिशत की वृद्धि
- मुख्य कारण: मध्य पूर्व तनाव में कमी और सुरक्षित निवेश की मांग
- नजर: केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति पर
संघर्ष में कमी आने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। वैश्विक मानक ब्रेंट तेल शुरुआती कारोबार में 7 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ।
तेल कीमतों में गिरावट से बाजार को मिली राहत
सोना जून के अंत से लगातार 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है। कीमतों में गिरावट के दौरान खरीदारी बढ़ने से इसे मजबूती मिली है। इससे पहले अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू करने के बाद सोने की कीमतों में दबाव आया था।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण पिछले कुछ हफ्तों में महंगाई की चिंता बढ़ गई थी। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी मजबूत हुई थी, जिसका असर सोने जैसी बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों पर पड़ता है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत
- बाजार कारक: मध्य पूर्व की स्थिति
- महंगाई: ऊर्जा कीमतों और आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर
- ब्याज दर: अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले पर नजर
- सुरक्षित निवेश: अनिश्चितता में सोने की मांग बढ़ सकती है
- अन्य धातु: चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम में भी तेजी
बाजार की नजर अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक के आगामी फैसले पर है। ऊर्जा कीमतों में बदलाव और महंगाई के आंकड़ों के बीच ब्याज दर को लेकर फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सिंगापुर में शुरुआती कारोबार के दौरान हाजिर सोने की कीमत 1 प्रतिशत बढ़कर 4,094.03 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई। वहीं चांदी की कीमत में 2.7 प्रतिशत की तेजी आई और यह 59.72 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। प्लेटिनम और पैलेडियम में भी बढ़त दर्ज की गई।
आगे सोने की कीमतों की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने की दिशा मध्य पूर्व की स्थिति, तेल की कीमतों और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहती है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग मजबूत रह सकती है।
वहीं, अगर तनाव पूरी तरह कम होता है और महंगाई का दबाव घटता है तो सोने की तेजी सीमित हो सकती है। फिलहाल निवेशक वैश्विक घटनाओं और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के लिए है, निवेश निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ सलाह जरूर लें।
