भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग की तेज़ी से बढ़ती मांग के बीच हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल्स ने देश की सबसे बड़ी बैटरी मटेरियल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना बनाई है। कंपनी अगले पांच वर्षों में 30,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
EV सेक्टर पर बड़ा दांव: हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल्स लगाएगी भारत की सबसे बड़ी बैटरी मटेरियल यूनिट, ₹30,000 करोड़ अतिरिक्त राजस्व का लक्ष्य
भारत की सबसे बड़ी EV बैटरी मटेरियल यूनिट लगाएगी हिमाद्री
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग की तेज़ी से बढ़ती मांग को देखते हुए हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल्स ने बड़ा निवेश करने की घोषणा की है। कंपनी भारत की सबसे बड़ी बैटरी मटेरियल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस परियोजना के जरिए कंपनी अगले पांच वर्षों में करीब 30,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कंपनी की योजना 100 गीगावॉट-आवर (GWh) क्षमता वाला बैटरी मटेरियल उत्पादन केंद्र विकसित करने की है। यहां इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों में इस्तेमाल होने वाले दो प्रमुख कच्चे पदार्थ—कैथोड और एनोड मटेरियल—का निर्माण किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ईवी बैटरियों की बढ़ती मांग इस निवेश को लंबी अवधि में बेहद लाभदायक बनाएगी।
🔋 परियोजना की मुख्य बातें
- क्षमता: 100 GWh बैटरी मटेरियल यूनिट
- उत्पादन: कैथोड और एनोड मटेरियल
- लक्ष्य: 30,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व
- अवधि: अगले 5 वर्ष
- फोकस: भारत का EV बैटरी इकोसिस्टम
पायलट प्लांट से शुरू हुई तैयारी
हिमाद्री स्पेशलिटी केमिकल्स ने बताया कि इस परियोजना के लिए पूंजीगत निवेश (Capex) की अंतिम रूपरेखा तैयार की जा रही है और आने वाले कुछ सप्ताह में इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। कंपनी ने 400 टन क्षमता का एक पायलट प्लांट पहले ही शुरू कर दिया है, जिससे व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू करने से पहले तकनीक और संचालन का परीक्षण किया जा सके।
कंपनी का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक बैटरी मटेरियल की वैश्विक मांग मौजूदा 2 टेरावॉट-आवर (TWh) से बढ़कर लगभग 5 TWh तक पहुंच सकती है। इसके लिए दुनिया भर में 1 करोड़ टन से अधिक कैथोड और लगभग 50 लाख टन एनोड मटेरियल की आवश्यकता होगी। ऐसे में दोनों क्षेत्रों में मौजूदगी कंपनी के लिए बड़े अवसर लेकर आ सकती है।
कंपनी के चेयरमैन और सीईओ अनुराग चौधरी का कहना है कि आने वाला दशक बैटरी उद्योग के लिए सबसे बड़ा अवसर लेकर आएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर के बाद अब इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति तेज़ी से आगे बढ़ रही है, जिससे बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की मांग लगातार बढ़ेगी।
📈 निवेशकों के लिए अहम संकेत
- LFP प्लांट: 40,000 MT प्रारंभिक क्षमता
- भविष्य लक्ष्य: 2 लाख MT क्षमता
- 2030 मांग: करीब 5 TWh
- शेयर प्रदर्शन: 3 महीने में 50% से अधिक तेजी
- विश्लेषकों की राय: लंबी अवधि का ग्रोथ अवसर
LFP प्लांट और वैश्विक अवसर
हिमाद्री इससे पहले 40,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) कैथोड एक्टिव मटेरियल प्लांट की घोषणा भी कर चुकी है। भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर 2 लाख मीट्रिक टन करने की योजना है। कंपनी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2028-29 से इस प्लांट का पूर्ण व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बाद उसकी आय और मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना कंपनी के लिए लंबी अवधि का बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हो सकती है। उनका कहना है कि चीन के बाहर इस तरह की अत्याधुनिक एलएफपी कैथोड मटेरियल सुविधा स्थापित करने वाली कंपनियों में हिमाद्री अग्रणी बन सकती है। वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग और ऊर्जा सुरक्षा पर बढ़ते फोकस से इस कारोबार को अतिरिक्त गति मिलने की संभावना है।
शेयर बाजार में मजबूत प्रदर्शन
शेयर बाजार में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पिछले तीन महीनों में कंपनी के शेयर में 50 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है। इससे पहले मार्च 2023 से सितंबर 2024 के बीच यह शेयर लगभग 700 प्रतिशत तक उछल चुका था, जिससे यह निवेशकों के लिए मल्टीबैगर स्टॉक के रूप में उभरा।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार शेयर अभी भी मजबूत अपट्रेंड में बना हुआ है। उनका मानना है कि यदि इसमें गिरावट आती है और भाव 650 रुपये के आसपास पहुंचता है, तो यह निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा अवसर हो सकता है। वहीं निकट अवधि में 725 रुपये का स्तर संभावित लक्ष्य माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को तय समय पर पूरा करने में सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में वह भारत के ईवी बैटरी मटेरियल बाजार में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

