भारत में डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 5GW पहुंचने का अनुमान

भारत की डेटा सेंटर क्षमता अगले पाँच सालों में क्लाउड की बढ़ती माँग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की वजह से लगभग चार गुना बढ़ने का अनुमान है, जिससे $23 बिलियन का निवेश का अवसर पैदा होगा।

Short Intro: भारत में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की तेज़ी से बढ़ती मांग डेटा सेंटर सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।

भारत में डेटा सेंटर सेक्टर की तेज़ ग्रोथ

अपनी सालाना डेटा सेंटर स्टडी के तीसरे एडिशन में, इन्वेस्टमेंट बैंक ने कहा कि जैसे-जैसे कंपनियाँ AI का इस्तेमाल बढ़ाएँगी, भारत में अगले पाँच सालों में डेटा सेंटरों में 650,000–700,000 ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) लगाए जा सकते हैं।

भारत की बनी हुई डेटा सेंटर क्षमता 26 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है, जो 2025 में 1.6 GW से बढ़कर 2030 तक लगभग 5 GW हो जाएगी।

📊 भारत डेटा सेंटर ग्रोथ 2030

  • वर्तमान क्षमता: 1.6 GW (2025)
  • अनुमानित क्षमता: लगभग 5 GW (2030)
  • संभावित निवेश: $23 बिलियन
  • मुख्य कारण: AI और क्लाउड की बढ़ती मांग
  • GPU इंस्टॉलेशन: 6.5–7 लाख GPUs
  • ग्रोथ रेट: 26% CAGR

3 GW से ज़्यादा की एक्टिव पाइपलाइन क्षमता, जिसमें लगभग 1 GW AI-केंद्रित डेटा सेंटर क्षमता शामिल है, अभी डेवलपमेंट के दौर में है। अगले पाँच सालों में, इस बढ़ोतरी के लिए लगभग $23 बिलियन के कैपिटल खर्च की ज़रूरत होगी।

GPU इंफ्रास्ट्रक्चर बना बड़ा अवसर

बड़े डेटा सेंटर इकोसिस्टम के अंदर, GPU इंफ्रास्ट्रक्चर एक उभरता हुआ, ज़्यादा रिटर्न देने वाला बाज़ार है। इस रिपोर्ट का दावा है कि मौजूदा खर्च और कीमत के स्तर पर, बड़े पैमाने पर GPU लगाने से इक्विटी इंटरनल रेट्स ऑफ़ रिटर्न (IRRs) 28% से ज़्यादा मिल सकते हैं।

रिसर्च के मुख्य लेखक, वैभव गर्ग, डायरेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एसेट्स इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, एवेन्डस कैपिटल ने कहा, “क्लाउड और डिजिटल वर्कलोड से लगातार माँग के साथ, AI को अपनाना डेटा सेंटरों में अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के लिए एक अहम प्रेरणा के तौर पर उभर रहा है।”

अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों, इंफ्रास्ट्रक्चर फंडों और मुख्य ऑपरेटरों के सहयोग से, इस दोहरी माँग के रुझान के कारण पिछले तीन सालों में सौदों में पहले ही $5 बिलियन का निवेश हो चुका है।

🤖 AI और GPU निवेश बूम

  • IndiaAI मिशन: 38,000+ GPUs आवंटित
  • AI वर्कलोड: 22,000+ GPUs इस्तेमाल होंगे
  • संभावित रिटर्न: 28%+ IRR
  • मुख्य सेक्टर: AI, क्लाउड और डिजिटल सर्विस
  • नई मांग: हाई-डेंसिटी और लिक्विड-कूल्ड डेटा सेंटर
  • निवेश ट्रेंड: वैश्विक फंड्स की बढ़ती रुचि

Data sector center में IPO और निवेश

अगले तीन सालों में तीन से चार डेटा सेंटर के शुरुआती पब्लिक ऑफ़र (IPOs) आने की उम्मीद है, और पब्लिक बाज़ार और रणनीतिक सौदों की भी इस सेक्टर के विस्तार को फाइनेंस करने में बड़ी भूमिका निभाने की उम्मीद है।

डेटा सेंटर के सौदे अभी 20–30x के EBITDA मल्टीपल्स पर हो रहे हैं, जिससे इस इंडस्ट्री में प्राइवेट बाज़ार की गतिविधियाँ भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही हैं। इंडस्ट्री के लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट और स्थिर कैश फ़्लो की वजह से, कैपिटल रीसाइक्लिंग के लिए REITs और InvITs जैसी संरचनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। भारत की AI इंडस्ट्री के 2025 में $13 बिलियन से बढ़कर 2032 तक $131 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है, जिसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 39% होगी। इस ग्रोथ को बिज़नेस द्वारा AI को अपनाने और घरेलू AI क्षमताओं, जैसे कि लोकल लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) में किए गए निवेश से बढ़ावा मिलेगा।

IndiaAI मिशन और GPU विस्तार

IndiaAI मिशन के तहत पहले से ही आवंटित 38,000 से ज़्यादा GPUs में से 22,000 से ज़्यादा GPUs का इस्तेमाल आने वाले समय में AI वर्कलोड के लिए किए जाने की उम्मीद है। इससे पूरे देश में हाई-डेंसिटी, लिक्विड-कूल्ड और AI-रेडी डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की माँग बढ़ने का अनुमान है।

भारत की कुल स्थापित क्षमता का लगभग आधा हिस्सा होने के कारण, मुंबई देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बन गया है। इस शहर के अनुसार, अगले पाँच वर्षों में बनने वाली नई डेटा सेंटर क्षमता का लगभग 47% हिस्सा भारत से ही आएगा।

मुंबई में अब 801 से ज़्यादा डेटा सेंटर हैं, जिसके बाद चेन्नई में 268, दिल्ली NCR में 161 और हैदराबाद में 138 GCCs हैं।

Disclaimer: यह जानकारी विभिन्न रिपोर्ट्स और अनुमानों पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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