India Funds का प्रदर्शन घटा, AI निवेश से बदला बाजार रुख

भारतीय शेयर बाजार से जुड़े फंड्स के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Elara Securities की रिपोर्ट के अनुसार, India-focused funds की बढ़त अब Global Emerging Markets (GEM) फंड्स के मुकाबले काफी कम हो गई है।

भारतीय शेयर बाजार से जुड़े फंड्स के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Elara Securities की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पर केंद्रित फंड्स ने पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक उभरते बाजारों (Global Emerging Markets) के मुकाबले जो बढ़त बनाई थी, वह अब लगभग खत्म हो गई है।

भारत केंद्रित फंड्स की बढ़त पांच साल के निचले अंतर पर पहुंची

रिपोर्ट के मुताबिक, India-focused long-only funds और GEM funds के बीच प्रदर्शन का अंतर वापस अप्रैल 2021 के स्तर पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि करीब पांच साल में भारत के फंड्स ने जो अतिरिक्त प्रदर्शन दिखाया था, वह अब काफी हद तक समाप्त हो चुका है।

अप्रैल 2021 से सितंबर 2024 के बीच भारतीय बाजारों के बेहतर प्रदर्शन के पीछे कई कारण थे। इनमें कंपनियों की मजबूत कमाई, घरेलू निवेशकों से लगातार आने वाला पैसा और चीन के बाजार को लेकर निवेशकों की चिंता प्रमुख थी।

भारत केंद्रित फंड्स के प्रदर्शन की मुख्य बातें

  • रिपोर्ट: Elara Securities
  • तुलना: India-focused Funds बनाम GEM Funds
  • बदलाव: पांच साल की बढ़त लगभग खत्म
  • मुख्य कारण: AI सेक्टर में बढ़ता निवेश
  • प्रभाव: भारत के फंड्स से निवेश निकासी

AI सेक्टर की तेजी से बदला निवेशकों का रुख

हालांकि, हाल के समय में निवेशकों का रुझान बदल गया है। दुनियाभर के निवेशकों ने AI (Artificial Intelligence) से जुड़े बाजारों की ओर अपना पैसा बढ़ाया है। खासतौर पर South Korea और Taiwan जैसे देशों की कंपनियों को इसका फायदा मिला है, जहां AI से जुड़ी टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर में तेजी देखने को मिली।

Elara के अनुसार, अमेरिकी शेयर बाजार में भी निवेशकों की रुचि बनी हुई है। वहीं, Global Emerging Market फंड्स में कई हफ्तों की गिरावट के बाद पहली बार निवेश आया है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा South Korea की ओर गया है।

वैश्विक बाजार में निवेश का नया ट्रेंड

  • AI सेक्टर: निवेशकों का बढ़ता आकर्षण
  • South Korea: विदेशी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर
  • Taiwan: टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों को फायदा
  • भारत: विदेशी निवेशकों की निकासी जारी
  • भविष्य: कमाई और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भरता

भारत और चीन से विदेशी निवेशकों की निकासी जारी

रिपोर्ट में बताया गया कि दक्षिण कोरियाई शेयर बाजार में विदेशी निवेश रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा है। AI सेक्टर में बढ़ती उम्मीदों के कारण निवेशकों ने वहां की कंपनियों में ज्यादा रुचि दिखाई है।

भारत और चीन दोनों बाजारों से विदेशी निवेशकों ने निकासी जारी रखी, हालांकि निकासी की रफ्तार पहले की तुलना में कम हुई है। भारत केंद्रित फंड्स से भी निवेशकों ने पैसा निकाला है।

भारत के बाजारों में सुधार की उम्मीद

Elara ने यह भी कहा कि अमेरिकी डॉलर के आधार पर भारत और South Korea के शेयर बाजारों के प्रदर्शन का अंतर काफी नीचे आ चुका है। यह स्तर कई दशक पुराने समर्थन स्तरों के करीब पहुंच गया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि भारत के बाजारों में गिरावट का दौर अब धीरे-धीरे खत्म होने की संभावना है। हालांकि, अभी यह शुरुआती संकेत हैं और आने वाले समय में बाजार की दिशा कंपनियों की कमाई, विदेशी निवेश और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, AI सेक्टर में तेजी के कारण कुछ समय के लिए निवेशकों का ध्यान भारत से हट सकता है, लेकिन मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक विकास की वजह से भारतीय बाजार में दोबारा आकर्षण बढ़ सकता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

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