भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में 2026 के पहले छह महीनों के दौरान घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है और कुल निवेश में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
हाल ही में भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार 2026 के पहले छह महीनों में भारतीय निवेशकों ने रिकॉर्ड करीब 2.6 अरब डॉलर का निवेश किया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 80% ज्यादा है।
रियल एस्टेट निवेश में रिकॉर्ड वृद्धि
कुल मिलाकर इस सेक्टर में संस्थागत निवेश बढ़कर करीब 4.5 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले छह साल में सबसे ज्यादा है। इसमें घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी लगभग 57% रही, यानी बाजार में सबसे बड़ा योगदान भारतीय निवेशकों का रहा।
विदेशी निवेश भी इस दौरान बढ़ा, लेकिन उसकी रफ्तार घरेलू निवेश की तुलना में कम रही। विदेशी निवेश करीब 24% बढ़कर 1.9 अरब डॉलर तक पहुंचा। इसके बावजूद घरेलू निवेशक ही पूरे बाजार की मुख्य ताकत बने रहे। खास बात यह रही कि इस दौरान दूसरे और तीसरे तिमाही में निवेश में और तेजी देखी गई, जिससे कुल मिलाकर बाजार में मजबूत ग्रोथ देखने को मिली।
🏢 भारत रियल एस्टेट निवेश 2026
- कुल निवेश: 4.5 अरब डॉलर
- घरेलू निवेश: 2.6 अरब डॉलर
- घरेलू हिस्सेदारी: 57%
- विदेशी निवेश: 1.9 अरब डॉलर
- वृद्धि: पिछले वर्ष से लगभग 80% अधिक
सेक्टर वाइज निवेश ट्रेंड
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑफिस प्रॉपर्टी सबसे ज्यादा पसंद की गई। लगभग 40% से ज्यादा निवेश ऑफिस एसेट्स में हुआ और इसमें पिछले साल की तुलना में काफी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई। निवेशकों ने ज्यादातर तैयार और किराए पर चल रही ऑफिस प्रॉपर्टी में पैसा लगाया, क्योंकि इससे स्थिर रिटर्न मिलता है।
इसके विपरीत रिहायशी (रेजिडेंशियल) सेक्टर में निवेश कम हुआ। इसमें करीब 43% की गिरावट देखी गई क्योंकि लागत बढ़ने और बिक्री धीमी होने से निवेशक थोड़े सतर्क हो गए। वहीं मिक्स्ड-यूज़ प्रॉपर्टी, वैकल्पिक एसेट्स जैसे डेटा सेंटर, स्टोरेज और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश बढ़ा है।
📊 प्रमुख निवेश रुझान
- ऑफिस एसेट्स: सबसे ज्यादा निवेश
- रेजिडेंशियल: 43% गिरावट
- उभरते सेक्टर: डेटा सेंटर, वेयरहाउस, हॉस्पिटैलिटी
- प्रमुख शहर: चेन्नई और बेंगलुरु
- शहरों का योगदान: 27% निवेश
चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी निवेश काफी मजबूत रहा और इन दोनों शहरों ने कुल निवेश का लगभग 27% हिस्सा आकर्षित किया। छोटे और मध्यम शहरों में भी धीरे-धीरे निवेश बढ़ रहा है, खासकर होटल, वेयरहाउस और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स में।
कुल मिलाकर यह साफ दिख रहा है कि भारत का रियल एस्टेट सेक्टर अब ज्यादा स्थिर और मजबूत निवेश आधार की तरफ बढ़ रहा है, जिसमें घरेलू निवेशक सबसे अहम भूमिका निभा रहे हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश निर्णय से पहले विशेषज्ञ सलाह आवश्यक है।

