टाटा ग्रुप की एयरलाइन Air India को घरेलू बाजार में नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, जबकि IndiGo अपनी क्षमता बढ़ाकर लगातार मजबूत स्थिति बना रही है। हाल के महीनों में परिचालन संबंधी परेशानियों और उड़ानों में कमी के कारण Air India का मार्केट शेयर घटा है, वहीं IndiGo का हिस्सा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
IndiGo का घरेलू एयरलाइन बाजार में दबदबा बढ़ा, Air India की हिस्सेदारी घटी
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के अनुसार, जून में IndiGo की घरेलू बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 66.3% हो गई। इसका मतलब है कि भारत में उड़ान भरने वाले लगभग हर तीन यात्रियों में से दो यात्री IndiGo से सफर कर रहे हैं। दूसरी ओर, Air India ग्रुप की हिस्सेदारी घटकर 23.9% रह गई।
एक साल पहले IndiGo के पास 64.5% घरेलू बाजार हिस्सा था, जबकि Air India ग्रुप की हिस्सेदारी 27.1% थी। बाजार में यह बदलाव मुख्य रूप से एयरलाइंस की उड़ानों की संख्या और उपलब्ध क्षमता में अंतर के कारण आया है।
✈️ भारतीय एयरलाइन मार्केट शेयर
- IndiGo हिस्सेदारी: जून में बढ़कर 66.3%
- Air India Group: घटकर 23.9%
- Akasa Air: रिकॉर्ड 6.4% बाजार हिस्सा
- SpiceJet: हिस्सेदारी घटकर 1.9%
- मुख्य कारण: उड़ानों की संख्या और क्षमता में अंतर
Air India की उड़ान क्षमता में कमी का IndiGo को फायदा
अप्रैल और मई के दौरान Air India ग्रुप ने पिछले साल की तुलना में करीब 3,900 घरेलू उड़ानें कम संचालित कीं। यह लगभग 7% की गिरावट थी। वहीं IndiGo ने अपनी क्षमता में करीब 12% की बढ़ोतरी की और इन दो महीनों में 13,000 से ज्यादा अतिरिक्त घरेलू उड़ानें संचालित कीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, Air India की उड़ानों में कमी का सीधा फायदा IndiGo को मिला। विमान उपलब्धता में कमी, रखरखाव से जुड़ी समस्याएं और सप्लाई चेन की परेशानियों ने Air India की क्षमता को प्रभावित किया, जिससे यात्रियों का रुख IndiGo की तरफ बढ़ा।
Air India सितंबर से क्षमता बहाल करने की तैयारी में
इक्विरस सिक्योरिटीज के एविएशन एनालिस्ट जैनम शाह ने कहा कि Air India सितंबर से अपनी अधिकतर उड़ानों को दोबारा शुरू करने की योजना बना रही है, लेकिन बाजार हिस्सेदारी वापस हासिल करना धीरे-धीरे होगा। इससे IndiGo की मजबूत स्थिति बनी रह सकती है।
Air India के चीफ कमर्शियल ऑफिसर निपुण अग्रवाल ने कहा है कि एयरलाइन सितंबर से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर क्षमता बहाल करने की योजना बना रही है। कंपनी को उम्मीद है कि परिचालन संबंधी समस्याएं कम होने के बाद स्थिति में सुधार आएगा।
📊 एयरलाइन प्रदर्शन तुलना
- IndiGo On-Time Performance: 89.4%
- Air India Group On-Time Performance: 85.9%
- Akasa Air On-Time Performance: 82.7%
- IndiGo Cancellation Rate: 0.2%
- Air India Group Cancellation Rate: 0.49%
Akasa Air की बढ़ी पकड़, SpiceJet की चुनौतियां जारी
इस बीच Akasa Air ने भी भारतीय विमानन बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है। एयरलाइन की घरेलू बाजार हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 6.4% हो गई है। वहीं SpiceJet लगातार वित्तीय और परिचालन चुनौतियों से जूझ रही है और उसकी हिस्सेदारी घटकर 1.9% पर आ गई है।
अप्रैल और मई में Akasa Air ने अपनी उड़ानों की संख्या में 16% की वृद्धि की और 1,356 अतिरिक्त उड़ानें संचालित कीं। दूसरी ओर, SpiceJet ने कुछ उड़ानें बढ़ाईं, लेकिन परिचालन समस्याओं के कारण उसे बाजार में बड़ा फायदा नहीं मिल सका।
यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी
IndiGo का बेहतर परिचालन प्रदर्शन भी उसकी बढ़ती ताकत का कारण बना है। जून में देश के 10 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों पर IndiGo की समय पर उड़ान संचालन क्षमता (On-time performance) 89.4% रही। Air India ग्रुप का प्रदर्शन 85.9% और Akasa Air का 82.7% रहा।
उड़ान रद्द होने के मामले में भी IndiGo बेहतर स्थिति में रही। कंपनी की cancellation rate सिर्फ 0.2% रही, जबकि Air India ग्रुप की 0.49% और SpiceJet की 6.23% रही।
DGCA के आंकड़ों के अनुसार, जून में भारतीय घरेलू एयरलाइंस ने करीब 1.35 करोड़ यात्रियों को यात्रा कराई। साल 2026 के पहले छह महीनों में कुल यात्री संख्या 8.64 करोड़ रही, जो पिछले साल की तुलना में 1.44% अधिक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि क्षमता में उतार-चढ़ाव के बावजूद यात्रियों की मांग स्थिर बनी हुई है। फिलहाल IndiGo भारतीय विमानन बाजार में अपनी बढ़त को और मजबूत करती दिखाई दे रही है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य से है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं है।
