इस साल शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई इंडो एसएमसी को एक बड़ी सफलता मिली है। कंपनी ने जानकारी दी है कि उसे महाराष्ट्र की एक प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी से 66.60 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर मिला है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी और मार्च के निचले स्तर से अब तक शेयर करीब 190 प्रतिशत तक चढ़ चुका है।
नए ऑर्डर, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और शेयर में तेजी के कारण Indo SMC एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा में है।
Indo SMC को मिला 66.60 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर
कंपनी के अनुसार इस अनुबंध के तहत वह VFD पैनल की आपूर्ति करेगी। पूरे ऑर्डर को 31 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि कंपनी ने ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन बताया है कि यह एक प्रमाणित भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी है, जो बिजली, चीनी, सीमेंट, बुनियादी ढांचा और रेलवे जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए भारी निर्माण का काम करती है।
📦 नए ऑर्डर की प्रमुख बातें
- ऑर्डर वैल्यू: ₹66.60 करोड़
- उत्पाद: VFD पैनल
- ग्राहक: प्रमुख भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी
- समय सीमा: 31 जुलाई 2026 तक आपूर्ति
- क्षेत्र: बिजली, सीमेंट, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर और चीनी उद्योग
- स्थिति: प्रमोटर समूह का कोई हित नहीं
कंपनी का कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन
इंडो एसएमसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस सौदे में कंपनी के प्रमोटरों या प्रमोटर समूह का किसी प्रकार का कोई हित नहीं है। साथ ही यह भी बताया गया कि यह किसी संबंधित पक्ष के बीच होने वाला लेनदेन नहीं है।
कंपनी बिजली वितरण और सर्किट सुरक्षा से जुड़े उत्पादों का निर्माण करती है। इसके उत्पादों में आधुनिक इलेक्ट्रिकल एनक्लोजर, ट्रांसफॉर्मर और फाइबर आधारित कई औद्योगिक उत्पाद शामिल हैं। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से तीन अलग-अलग क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिनमें ऊर्जा मीटर बॉक्स, औद्योगिक फाइबर उत्पाद और विभिन्न विद्युत उपकरणों का निर्माण शामिल है।
📈 कंपनी की वित्तीय झलक
- Revenue: ₹310 करोड़
- शुद्ध लाभ: ₹32 करोड़
- EBITDA: ₹47 करोड़
- ऑर्डर बुक: ₹237 करोड़
- IPO: जनवरी 2026 में सूचीबद्ध
- शेयर प्रदर्शन: मार्च के निचले स्तर से करीब 190% की तेजी
IPO के बाद शेयर में मजबूत तेजी
वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए काफी मजबूत रहा। इस दौरान उसका शुद्ध लाभ बढ़कर 32 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 15 करोड़ रुपये था। वहीं Revenue भी सालाना आधार पर लगभग 123 प्रतिशत बढ़कर 310 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 139 करोड़ रुपये था।
परिचालन स्तर पर कंपनी का EBITDA भी बढ़कर 47 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि इस दौरान मार्जिन में कुछ गिरावट दर्ज की गई। वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी के पास 237 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक मौजूद था, जो आने वाले समय में कारोबार को मजबूती दे सकता है।
इंडो एसएमसी का IPO इसी साल जनवरी में आया था। कंपनी के शेयर 149 रुपये के निर्गम मूल्य पर ही बाजार में सूचीबद्ध हुए थे। शुरुआती कुछ महीनों तक शेयर में ज्यादा तेजी नहीं दिखी, लेकिन मार्च के बाद इसमें लगातार मजबूत बढ़त देखने को मिली। पिछले तीन महीनों में ही शेयर लगभग 174 प्रतिशत तक चढ़ चुका है और हाल में इसका भाव करीब 407 रुपये के आसपास पहुंच गया।
कंपनी ने अपने सार्वजनिक निर्गम से जुटाई गई राशि का उपयोग नई मशीनें और उपकरण खरीदने, कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने और अन्य सामान्य कारोबारी उद्देश्यों के लिए करने की योजना बनाई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि नए ऑर्डर, मजबूत वित्तीय नतीजे और बढ़ती कारोबारी गतिविधियां कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि किसी भी Investment से पहले निवेशकों को अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेकर ही निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।
