जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश ने कई इलाकों में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। पुंछ और राजौरी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। रविवार को लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में flash flood और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
पुंछ और राजौरी में बारिश से भारी तबाही
पिर पंजाल क्षेत्र में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। पहाड़ों से तेज बहाव के साथ पानी, पत्थर और मिट्टी नीचे आने से कई घरों को नुकसान पहुंचा है। पुंछ के सुरनकोट, हवेली और मंडी इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई क्षेत्रों में बचाव अभियान अभी जारी है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना दिल्ली दौरा बीच में छोड़कर जम्मू पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को तेजी से राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी बचाव अभियान की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को अलर्ट पर रहने को कहा है।
Flash Flood से प्रभावित इलाके
- प्रभावित जिले: पुंछ और राजौरी
- मौत: कम से कम 14 लोगों की जान गई
- मुख्य कारण: भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन
- सबसे प्रभावित क्षेत्र: सुरनकोट, हवेली और मंडी
- बचाव: मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
मुख्यमंत्री और प्रशासन ने संभाली राहत की कमान
सबसे ज्यादा नुकसान पुंछ के लोअर मुर्राह इलाके में हुआ, जहां एक परिवार के कई सदस्य पानी के तेज बहाव में बह गए। राहत टीमों ने कुछ शव बरामद किए हैं, जबकि बाकी लापता लोगों की तलाश जारी है। इसके अलावा सांगला और आसपास के क्षेत्रों में भी कई लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
भारी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर भी यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों को संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद यात्राओं को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निलंबित किया गया है। मार्गों की जांच और मौसम की स्थिति में सुधार के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
बाढ़ अलर्ट और बचाव अभियान
- अलर्ट: जम्मू संभाग में बाढ़ की चेतावनी
- नदियां: चेनाब और अन्य नदियों में जलस्तर बढ़ा
- सुरक्षा: संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई
- टीमें: सेना, पुलिस और SDRF सक्रिय
- काम: राहत सामग्री और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना
सेना और बचाव दल लगातार चला रहे अभियान
जम्मू संभाग में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। चेनाब और अन्य नदियों में जलस्तर बढ़ने के कारण प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कुछ जलविद्युत परियोजनाओं के गेट खोले जाने से नदी में पानी का बहाव और तेज हुआ है।
भारतीय सेना, पुलिस, SDRF और स्थानीय बचाव दल लगातार राहत अभियान चला रहे हैं। सेना के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम लगातार जारी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य सूचना के लिए है। आपदा की स्थिति में प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

