झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद, छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को और तेज हो गया। विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हजारों छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगह झड़प भी हुई। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का प्रदर्शन तेज

झारखंड सीआईडी ने पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते को भी कथित गड़बड़ियों के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार उनकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 20 हो गई है। जांच एजेंसी इससे पहले रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद में कई स्थानों पर तलाशी ले चुकी है।

रांची में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने कई जगह बैरिकेड लगाए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी कुछ बैरिकेड पार करने में सफल रहे। जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस ने पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट नंबर एक के पास पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने फिर लाठीचार्ज किया।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई में कई छात्र और महिलाएं घायल हुई हैं। दूसरी ओर रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पथराव में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस अब घटनास्थल की CCTV फुटेज की जांच कर उन लोगों की पहचान करने की बात कह रही है, जिन्होंने हिंसा की।

🚨 प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई

  • प्रदर्शन: 25 जुलाई से जारी
  • मार्च: विधानसभा की ओर छात्रों का प्रदर्शन
  • पुलिस कार्रवाई: पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज
  • पुलिसकर्मी: पथराव में 14 पुलिसकर्मी घायल होने का दावा
  • मुख्य मांग: भर्ती परीक्षाओं की स्वतंत्र जांच

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों से बातचीत और विश्वास के जरिए अपनी मांगों का समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी समस्याएं रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से देखेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर छात्रों को राजनीतिक फायदे के लिए गुमराह करने का आरोप भी लगाया।

इस मामले में विपक्षी भाजपा ने छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को पूरे झारखंड में बंद का ऐलान किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने सरकार पर छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत से होना चाहिए। उन्होंने झारखंड सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की। भाजपा ने राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी झारखंड की सरकार में सहयोगी है।

छात्र 25 जुलाई से इस मामले को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच कराना है। खास तौर पर झारखंड सामान्य स्नातक स्तर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को लेकर छात्र सवाल उठा रहे हैं। इसके अलावा वे झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की भी मांग कर रहे हैं। इनमें 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है। छात्र चाहते हैं कि मामले की स्वतंत्र जांच हो और इसके लिए केंद्रीय जांच एजेंसी या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की समिति बनाई जाए।

📋 छात्रों की मुख्य मांगें और जांच

  • मुख्य मांग: भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच
  • परीक्षाएं: कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग
  • 14वीं जेपीएससी: सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल
  • प्रवर्तन निदेशालय: कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच
  • सुधार: जेपीएससी और जेएसएससी की व्यवस्था में बदलाव

सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने भी भर्ती परीक्षाओं में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच शुरू कर दी। सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा और 2023 तथा 2025 की पिछली भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े सबूत सामने आने के बाद सरकार ने जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय को अपनी सहमति दी है।

JSSC-CGL परीक्षा को लेकर सरकार का अलग रुख

हालांकि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने को लेकर सरकार ने कहा कि यह परीक्षा अदालत की निगरानी में हुई थी, इसलिए राज्य सरकार अपने स्तर पर इसे रद्द नहीं कर सकती। सरकार ने सीआईडी जांच की निगरानी के लिए एक सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने इसे स्वीकार नहीं किया।

सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार के लिए भी कदम उठाने की बात कही है। इसमें जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए धनबाद के आईआईटी-आईएसएम, रांची के आईआईएम और जमशेदपुर के एक्सएलआरआई से सुझाव लेने की बात भी कही गई है। फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है और मंगलवार को घोषित बंद के कारण राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

Gourav Kumar Singh

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