रिलायंस जियो आने वाले समय में 6जी तकनीक शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी के अनुसार, इसके लिए नए टावर और अन्य भौतिक ढांचे पर बड़े पैमाने पर निवेश करने के बजाय सॉफ्टवेयर में बदलाव का सहारा लिया जा सकता है।
उन्होंने गुरुवार को जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उनके मुताबिक, कंपनी का मौजूदा नेटवर्क और उसकी खुद की विकसित तकनीक भविष्य में नई पीढ़ी की कनेक्टिविटी शुरू करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने 6जी सेवा शुरू होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
जियो की 6जी तकनीक शुरू करने की तैयारी
आकाश अंबानी ने कहा कि जियो का उद्देश्य तकनीक को आम भारतीयों तक पहुंचाना है। कंपनी के पास देशभर में 3.60 लाख से अधिक टावर और 10 लाख किलोमीटर से ज्यादा लंबाई वाला फाइबर नेटवर्क है। इसके अलावा, जियो के पास स्पेक्ट्रम का भी बड़ा भंडार है। कंपनी का मानना है कि इसी मजबूत नेटवर्क और तकनीकी क्षमता के आधार पर भविष्य में नई सेवाएं शुरू करना आसान हो सकता है।
जियो की भविष्य की योजनाओं की मुख्य बातें
- 6जी सेवा शुरू करने के लिए सॉफ्टवेयर में बदलाव पर जोर दिया जा सकता है।
- कंपनी के पास 3.60 लाख से अधिक टावर और 10 लाख किलोमीटर से ज्यादा फाइबर नेटवर्क है।
- जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का मूल्य दायरा 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
- कंपनी ब्रॉडबैंड सेवा को 3 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक पहुंचाना चाहती है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की अहम तारीखें
इसी बीच, जियो प्लेटफॉर्म्स अपने आईपीओ की तैयारी भी कर रही है। कंपनी ने इसके लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का मूल्य दायरा तय किया है। आईपीओ में निवेश के लिए आवेदन 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे। बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए 19 अक्टूबर को शेयरों की बोली लगाने की प्रक्रिया होगी। कंपनी 10 रुपये के अंकित मूल्य वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इन शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों पर सूचीबद्ध किए जाने की योजना है।
आईपीओ में निवेश करने वालों के लिए जरूरी जानकारी
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में निवेश करने की योजना बना रहे लोगों के लिए कंपनी का तय मूल्य दायरा, आवेदन की तारीखें और शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की प्रस्तावित तारीख महत्वपूर्ण हैं। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों में दी गई वित्तीय जानकारी, जोखिमों और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
तीन वर्षों में जियो का राजस्व बढ़ा
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की जानकारी देते हुए अंबानी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जियो का राजस्व 1.09 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस अवधि में राजस्व की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर 15.8 प्रतिशत रही। कंपनी का ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ 76,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का लाभ मार्जिन 53.3 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि भारत में कुल डिजिटल डेटा ट्रैफिक का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा जियो के नेटवर्क से गुजरता है। कंपनी अपने राजस्व का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा मुक्त नकदी प्रवाह में बदलने में भी सक्षम है।
जियो के कारोबार से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- ग्राहकों की संख्या: लगभग 53 करोड़।
- प्रति ग्राहक औसत मासिक डेटा इस्तेमाल: 43.7 जीबी।
- डाउनलोड की गति: लगभग 200 एमबीपीएस तक।
- पिछले तीन वर्षों में राजस्व की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर: 15.8 प्रतिशत।
- कंपनी की इंजीनियरिंग टीम की ओर से पेटेंट के लिए आवेदन: 7,220।
जियो के पास 53 करोड़ ग्राहक, नए बाजार पर नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स के पास करीब 53 करोड़ ग्राहक हैं। कंपनी के अनुसार, उसके ग्राहक हर महीने औसतन 43.7 जीबी डेटा का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, डाउनलोड की गति लगभग 200 एमबीपीएस तक पहुंचती है। मोबाइल सेवा के क्षेत्र में कंपनी की नजर करीब 34 करोड़ संभावित ग्राहकों पर है। इनमें लगभग 10 करोड़ ऐसे लोग शामिल हैं, जो पहली बार मोबाइल सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, करीब 24 करोड़ ऐसे ग्राहक हैं, जो पुराने 2जी नेटवर्क से नई तकनीक पर आ सकते हैं।
10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने का लक्ष्य
घर तक इंटरनेट पहुंचाने के कारोबार में भी जियो अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य मौजूदा 3 करोड़ घरों से बढ़कर 10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड सेवा पहुंचाना है। फाइबर केबल बिछाने में आने वाली जमीन और रास्ते से जुड़ी दिक्कतों को कम करने के लिए कंपनी ने अपना वायरलेस ब्रॉडबैंड समाधान विकसित किया है। यह बिना लाइसेंस वाले रेडियो फ्रीक्वेंसी बैंड पर काम करता है। कंपनी के अनुसार, नए ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में लगभग 40 प्रतिशत योगदान इसी समाधान का है।
वायरलेस ब्रॉडबैंड से विस्तार की योजना
जियो का वायरलेस ब्रॉडबैंड समाधान उन क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंचाने में मदद कर सकता है, जहां फाइबर केबल बिछाना मुश्किल या महंगा होता है। कंपनी इस तकनीक के जरिए घरों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और नए ग्राहकों को जोड़ने की योजना बना रही है। इससे ब्रॉडबैंड कारोबार के विस्तार में मदद मिलने की उम्मीद है।
जियो की तकनीक को दूसरे देशों तक पहुंचाने की योजना
आकाश अंबानी ने यह भी बताया कि जियो अपनी ओर से विकसित तकनीक और बौद्धिक संपदा को दूसरे देशों तक पहुंचाने की योजना बना रही है। कंपनी की इंजीनियरिंग टीम अब तक 7,220 पेटेंट के लिए आवेदन कर चुकी है। उनके अनुसार, जियो ने अपनी तकनीक को विकसित करने, नेटवर्क में लागू करने और उसका संचालन करने की क्षमता हासिल की है। इससे कंपनी दुनिया की दूसरी दूरसंचार कंपनियों के साथ साझेदारी कर सकती है और बड़े स्तर पर नए भौतिक ढांचे पर खर्च किए बिना अपने कारोबार का विस्तार कर सकती है।
6जी और आईपीओ से जियो के कारोबार को क्या मिल सकता है?
जियो की 6जी तैयारी, वायरलेस ब्रॉडबैंड विस्तार और तकनीक को दूसरे देशों तक पहुंचाने की योजना कंपनी के दीर्घकालीन विकास की दिशा दिखाती है। वहीं, प्रस्तावित आईपीओ निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं का आकलन करने का अवसर देगा। हालांकि, 6जी सेवा शुरू होने की तारीख अभी तय नहीं बताई गई है।
जियो की सेवाओं और कंपनी से जुड़ी घोषणाओं के लिए जियो की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। आईपीओ से जुड़ी जानकारी के लिए जारी आधिकारिक दस्तावेजों को प्राथमिकता देना उचित होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. जियो 6जी तकनीक शुरू करने की तैयारी कैसे कर रही है?
आकाश अंबानी के अनुसार, जियो मौजूदा नेटवर्क और अपनी विकसित तकनीक के आधार पर 6जी की तैयारी कर रही है। इसके लिए नए टावरों और अन्य भौतिक ढांचे पर बड़े निवेश के बजाय सॉफ्टवेयर में बदलाव की संभावना जताई गई है।
2. जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का मूल्य दायरा कितना है?
दिए गए विवरण के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। निवेश करने से पहले आधिकारिक दस्तावेजों में दी गई शर्तों की जांच करना जरूरी है।
3. जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए आवेदन कब किए जा सकेंगे?
लेख में दी गई जानकारी के मुताबिक, आईपीओ के लिए आवेदन 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे। बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया 19 अक्टूबर को प्रस्तावित है। तारीखों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
4. जियो का ब्रॉडबैंड विस्तार लक्ष्य क्या है?
जियो का लक्ष्य मौजूदा 3 करोड़ घरों से बढ़कर 10 करोड़ घरों तक ब्रॉडबैंड सेवा पहुंचाना है। कंपनी फाइबर बिछाने की चुनौतियों को कम करने के लिए वायरलेस ब्रॉडबैंड समाधान का इस्तेमाल कर रही है।
5. जियो ने कितने पेटेंट के लिए आवेदन किया है?
आकाश अंबानी के अनुसार, जियो की इंजीनियरिंग टीम अब तक 7,220 पेटेंट के लिए आवेदन कर चुकी है। कंपनी अपनी तकनीक और बौद्धिक संपदा को दूसरे देशों की दूरसंचार कंपनियों तक पहुंचाने की योजना भी बना रही है।
निष्कर्ष
जियो 6जी की तैयारी, ब्रॉडबैंड विस्तार और तकनीक के अंतरराष्ट्रीय इस्तेमाल के जरिए अपने कारोबार को आगे बढ़ाना चाहती है। प्रस्तावित आईपीओ भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, निवेशकों को आईपीओ से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और जोखिमों का आकलन करने के बाद ही निर्णय लेना चाहिए।
अस्वीकरण
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। आईपीओ में निवेश से पहले आधिकारिक दस्तावेज पढ़ें, जोखिम समझें और जरूरत पड़ने पर प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
