LAPL Automotive का IPO 6 अगस्त 2026 को खुला था और 10 अगस्त को बंद हो गया। कंपनी इस IPO के जरिए करीब 32.40 करोड़ रुपये जुटा रही है। यह पूरी रकम नए शेयर जारी करके जुटाई जाएगी। कंपनी ने प्रति शेयर 88 रुपये से 94 रुपये का मूल्य दायरा तय किया था। शेयरों की अंकित कीमत 10 रुपये है। कंपनी के शेयर 13 अगस्त 2026 को BSE के छोटे और मध्यम कारोबार वाले मंच पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया 11 अगस्त को पूरी होने वाली है।
LAPL Automotive IPO की पूरी जानकारी
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में उसकी आय 67.07 करोड़ रुपये रही थी, जो 2024 में 61.03 करोड़ रुपये थी। इसी अवधि में मुनाफा 2.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 5.03 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय और मुनाफे में और बढ़ोतरी हुई। इस दौरान आय 94.32 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 8.63 करोड़ रुपये रहा।
इस IPO में खुदरा निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है, जबकि योग्य संस्थागत निवेशकों के लिए 50 प्रतिशत और गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है। एक आवेदन में कम से कम 2,400 शेयरों के लिए बोली लगानी थी। ऊपरी मूल्य 94 रुपये के हिसाब से खुदरा निवेशक के लिए न्यूनतम राशि 2,25,600 रुपये बनती है।
IPO का आकार और निवेश की राशि
📊 LAPL Automotive IPO की मुख्य जानकारी
- IPO खुलने की तारीख: 6 अगस्त 2026
- IPO बंद होने की तारीख: 10 अगस्त 2026
- IPO का आकार: करीब 32.40 करोड़ रुपये
- प्राइस बैंड: 88 रुपये से 94 रुपये
- लॉट साइज: 2,400 शेयर
- न्यूनतम निवेश: 2,25,600 रुपये
- लिस्टिंग की उम्मीद: 13 अगस्त 2026
कंपनी ने IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र के औरंगाबाद स्थित ऑरिक सिटी में एक नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने पर खर्च करने की योजना बनाई है। इसके लिए करीब 19.56 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा करीब 4.79 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी के कुछ सुरक्षित कर्ज के पूरे या आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा।
LAPL Automotive का कारोबार और उत्पाद
LAPL Automotive की शुरुआत 2004 में हुई थी। कंपनी वाहन उद्योग के लिए अलग-अलग तरह के पुर्जे और सहायक सामान बनाती है। इसके उत्पादों में दोपहिया और तिपहिया वाहनों के हिस्से, बस के पुर्जे, लाइट, बल्ब, संकेतक, पीछे देखने वाले शीशे, स्टार्टर मोटर, हेडलैंप, टेललैंप, यूएसबी चार्जर, बोतल रखने की जगह और दूसरे सामान शामिल हैं।
कंपनी अपने ग्राहकों को उत्पादन, गुणवत्ता जांच, सामान पहुंचाने और तकनीकी सहायता जैसी सेवाएं भी देती है। कंपनी के अनुसार, उसके कई उत्पाद वाहन निर्माताओं की जरूरतों के अनुसार तैयार किए जाते हैं। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में स्थित उसकी विनिर्माण इकाई में आधुनिक मशीनों के साथ उपकरण बनाने और उत्पादों की जांच के लिए अलग व्यवस्था भी मौजूद है।
📈 LAPL Automotive के वित्तीय आंकड़े
- 2024 की आय: 61.03 करोड़ रुपये
- 2025 की आय: 67.07 करोड़ रुपये
- 2026 की आय: 94.32 करोड़ रुपये
- 2024 का मुनाफा: 2.17 करोड़ रुपये
- 2025 का मुनाफा: 5.03 करोड़ रुपये
- 2026 का मुनाफा: 8.63 करोड़ रुपये
- 2026 की संपत्ति: 62.68 करोड़ रुपये
- आरओई: 41.20 प्रतिशत
- आरओसीई: 34.37 प्रतिशत
कंपनी की वित्तीय स्थिति
वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 में कंपनी की आय 61.03 करोड़ रुपये, खर्च 57.91 करोड़ रुपये और मुनाफा 2.17 करोड़ रुपये था। 2025 में आय बढ़कर 67.07 करोड़ रुपये और मुनाफा 5.03 करोड़ रुपये हो गया। 2026 में आय 94.32 करोड़ रुपये और मुनाफा 8.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी की संपत्ति भी 2024 के 32.79 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 में 62.68 करोड़ रुपये हो गई।
वित्त वर्ष 2026 के आधार पर कंपनी का आरओई 41.20 प्रतिशत और आरओसीई 34.37 प्रतिशत रहा। मुनाफे का मार्जिन 9.25 प्रतिशत और कर्ज तथा पूंजी का अनुपात 0.83 रहा। प्रति शेयर कमाई 9.80 रुपये बताई गई है, जबकि प्रति शेयर शुद्ध संपत्ति का मूल्य 28.70 रुपये है।
LAPL Automotive IPO में हिस्सेदारी और लिस्टिंग
कंपनी के प्रवर्तकों में नीरज सत्यप्रकाश गोयल, शुभम नीरज गोयल और अनीता नीरज गोयल शामिल हैं। IPO से पहले प्रवर्तक समूह के पास कंपनी की 96.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जो IPO के बाद करीब 70.17 प्रतिशत रहने की जानकारी दी गई है।
कंपनी के शेयरों का आवंटन 11 अगस्त को, धन वापसी 12 अगस्त को और डीमैट खाते में शेयर जमा होने की प्रक्रिया भी 12 अगस्त को होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद 13 अगस्त को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तारीख तय है। ग्रे मार्केट से जुड़ी जानकारी को अलग से देखना होगा, क्योंकि इसमें समय के साथ बदलाव हो सकता है।
LAPL Automotive IPO में निवेश से पहले ध्यान दें
किसी भी IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार, कर्ज, मूल्यांकन और जोखिमों को समझना जरूरी है। खासकर छोटे और मध्यम कंपनियों के शेयरों में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसलिए केवल मुनाफे के आंकड़ों या संभावित सूचीबद्धता लाभ को देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
अस्वीकरण: यह जानकारी केवल समाचार और जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश से पहले कंपनी की पूरी जानकारी और जोखिम जरूर समझें।
