भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बढ़ती मांग के बीच घरेलू कंपनियां नए अवसरों का लाभ उठाने की तैयारी में हैं। इसी कड़ी में लार्सन एंड टुब्रो ने EV Components और आधुनिक तकनीकों के निर्माण पर अपना फोकस बढ़ाया है।
लार्सन एंड टुब्रो ने EV Components कारोबार में बढ़ाई रफ्तार
देश की बड़ी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो अब इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए नए पुर्जे बनाने के कारोबार में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी ने ऐसे मोटर और दूसरे जरूरी उपकरण तैयार किए हैं जो बैटरी से मिलने वाली ऊर्जा को वाहन चलाने में मदद करते हैं। कंपनी को एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता से पहला बड़ा ऑर्डर भी मिल चुका है और वह कई यात्री तथा व्यावसायिक वाहन बनाने वाली कंपनियों से बातचीत कर रही है। कंपनी का कहना है कि भारत में बने उत्पादों पर उसका अधिक ध्यान रहेगा ताकि विदेशी सामान पर निर्भरता कम हो और भारतीय सड़कों तथा मौसम के अनुसार बेहतर समाधान तैयार किए जा सकें। इसी दिशा में उसने ADAS और दूसरे आधुनिक सिस्टम भी विकसित किए हैं। बढ़ते Premium वाहनों की वजह से ऐसे सिस्टम की मांग लगातार बढ़ रही है।
भारत में EV Components पर L&T का बड़ा दांव
- फोकस: इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए नए पुर्जे
- मुख्य उत्पाद: मोटर और बैटरी ऊर्जा से जुड़े उपकरण
- पहला ऑर्डर: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता से
- नई तकनीक: ADAS और आधुनिक सिस्टम
- उद्देश्य: Localization बढ़ाकर आयात पर निर्भरता कम करना
- फायदा: भारतीय सड़कों और मौसम के अनुसार बेहतर उत्पाद
कंपनी का मानना है कि भारत में बने उत्पाद भविष्य में विदेशी कंपनियों को मजबूत चुनौती दे सकते हैं। उसके अधिकतर पुर्जे देश के अंदर ही तैयार किए जा रहे हैं, जिससे लागत कम होने के साथ आपूर्ति भी आसान होगी। कंपनी के अनुसार उसके मोटर में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर Components स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा चुके हैं और आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी की जाएगी। इन उत्पादों का निर्माण तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित संयंत्र में होगा। कंपनी का फोकस चीन से आने वाले आयात को कम करने और भारत में निर्माण बढ़ाने पर है। चीन की ओर से कुछ दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर सख्ती के बावजूद कंपनी का कहना है कि उसकी सप्लाई फिलहाल प्रभावित नहीं हुई है।
भारत में बढ़ रही EV बाजार की संभावनाएं
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, जिसके कारण ऑटो उद्योग में नए निवेश भी बढ़े हैं। पिछले वित्त वर्ष में देश में लाखों नए इलेक्ट्रिक वाहन बिके और कई नई कंपनियों ने इस क्षेत्र में प्रवेश किया। इसके साथ ही वाहन उद्योग में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों का आयात भी बढ़ा है। टाटा, महिंद्रा और जेएसडब्ल्यू जैसे बड़े समूह पहले से इस क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं और अब लार्सन एंड टुब्रो भी इस दौड़ में शामिल हो गई है। कंपनी का मानना है कि आने वाले वर्षों में EV बाजार तेजी से बढ़ेगा और भारत इस क्षेत्र में मजबूत निर्माण केंद्र बन सकता है। साथ ही अधिक Localization से देश के उद्योग और रोजगार दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
भारत के EV सेक्टर की बड़ी तस्वीर
- बिक्री: इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है
- निवेश: कई कंपनियां EV सेक्टर में निवेश बढ़ा रही हैं
- प्रमुख समूह: टाटा, महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू और L&T
- फोकस: भारत में Manufacturing और Localization
- लक्ष्य: आयात कम कर घरेलू उत्पादन बढ़ाना
- संभावना: भारत मजबूत EV निर्माण केंद्र बन सकता है
BMW ने कर्मचारियों की संख्या घटाने का लिया फैसला
दूसरी ओर जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता बीएमडब्ल्यू ने वर्ष 2027 के अंत तक अपने हजारों कर्मचारियों की संख्या घटाने का फैसला किया है। यह कटौती मुख्य रूप से प्रशासन और विकास से जुड़े विभागों में होगी, जबकि उत्पादन इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी लगभग आठ हजार कर्मचारियों को स्वैच्छिक योजना के तहत बाहर करने की तैयारी कर रही है। हाल के महीनों में चीन में बिक्री कमजोर रहने, बढ़ती लागत और मुनाफे पर दबाव के कारण कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने वित्तीय अनुमान भी कम किए हैं।
बीएमडब्ल्यू के अलावा जर्मनी की कई दूसरी वाहन कंपनियां भी खर्च घटाने के लिए ऐसे कदम उठा रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बढ़ते बदलाव, चीन की कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा और अमेरिका के शुल्क जैसे कारण पूरे उद्योग पर दबाव बना रहे हैं। कंपनी का कहना है कि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए अभी खर्च कम करना जरूरी है। इसी वजह से प्रबंधन ढांचे में भी बदलाव किए जाएंगे। हालांकि घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली, लेकिन इस साल अब तक उसके शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। कंपनी जल्द ही अपनी दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे भी जारी करेगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से है। निवेश या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
