महबूबाबाद में पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई से एक 26 वर्षीय युवक की जान बच गई। बुधवार तड़के युवक ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने के इरादे से रेलवे ट्रैक पर लेटकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। समय रहते सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तेज रफ्तार ट्रेन आने से कुछ ही पल पहले उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस साहसिक बचाव की इलाके में काफी चर्चा हो रही है।
रेलवे ट्रैक पर समय रहते पहुंची पुलिस टीम
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 2:44 बजे महबूबाबाद ग्रामीण क्षेत्र की सर्किल इंस्पेक्टर अंजलि को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि एक युवक रेलवे ट्रैक पर लेटा हुआ है और अपनी जान देने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही उन्होंने बिना देर किए अपनी टीम को वायरलेस के जरिए अलर्ट किया। इसके बाद वह सब इंस्पेक्टर सुदर्शन, **Blue Colts**, पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों के साथ तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं।
रात का समय होने और चारों तरफ अंधेरा होने के कारण युवक को ढूंढना आसान नहीं था। पुलिस टीम लगातार रेलवे ट्रैक के किनारे उसकी तलाश करती रही। युवक ट्रैक पर बिल्कुल सीधा लेटा हुआ था, इसलिए वह दूर से दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार **Superfast Express** उसी दिशा से आती हुई दिखाई दी। ट्रेन के बेहद करीब पहुंचने से ठीक पहले पुलिस टीम की नजर युवक पर पड़ी।
महबूबाबाद रेस्क्यू की मुख्य बातें
- स्थान: महबूबाबाद रेलवे ट्रैक
- समय: बुधवार सुबह करीब 2:44 बजे
- सूचना: कंट्रोल रूम से पुलिस को मिली
- कार्रवाई: पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची
- परिणाम: युवक की जान सुरक्षित बचाई गई
ट्रेन आने से कुछ पल पहले बचाई जान
स्थिति बेहद गंभीर थी, क्योंकि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो युवक की जान बचाना संभव नहीं होता। खतरे की परवाह किए बिना पुलिसकर्मियों ने तेजी से दौड़ लगाई और युवक को ट्रैक से खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। इस दौरान पुलिस ने अपनी जान की भी परवाह नहीं की और साहस का परिचय दिया।
बचाए गए युवक की पहचान 26 वर्षीय शेख वसीम के रूप में हुई, जो कोठागुडेम जिले के येल्लांडु का रहने वाला है। उसे सुरक्षित निकालने के बाद पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उससे बातचीत की गई और उसकी काउंसलिंग की गई। बाद में उसके परिवार को सूचना देकर बुलाया गया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद युवक को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
- सर्किल इंस्पेक्टर: अंजलि
- सब इंस्पेक्टर: सुदर्शन
- सहयोग: पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी
- बाद की कार्रवाई: काउंसलिंग और परिवार को सूचना
- उद्देश्य: समय रहते जीवन की रक्षा
पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना की
इस घटना के बाद जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. सबरीश पी ने पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर मिली सूचना, पुलिस की सतर्कता और टीम की बहादुरी के कारण एक अनमोल जीवन बचाया जा सका। उन्होंने सर्किल इंस्पेक्टर अंजलि, सब इंस्पेक्टर सुदर्शन और पूरी **Police** टीम की सूझबूझ, समर्पण और जिम्मेदारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत करते हैं।
यदि आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट से गुजर रहा है या आत्महत्या जैसे विचार आ रहे हैं, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति, परिवार के सदस्य या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से तुरंत बात करें। समय पर मदद मिलना कई बार जीवन बचा सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर है। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों और विशेषज्ञों से तुरंत संपर्क करें।
