हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट (MCP) की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस परियोजना की वार्षिक उत्पादन क्षमता को 2.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 5 मिलियन टन करना है।
HCL की बड़ी योजना: 2030 तक बढ़ेगी मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट की क्षमता
HCL के नए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) अनुपम मिश्रा ने बताया कि कंपनी अपनी कुल उत्पादन क्षमता को भी वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 12.2 मिलियन टन करने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से capital expenditure (capex) योजना लागू की जा रही है।
कंपनी की मौजूदा खदान अयस्क उत्पादन क्षमता करीब 4 मिलियन टन प्रति वर्ष है। CMD ने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति और महत्वपूर्ण लक्ष्यों की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की रुकावट को समय रहते दूर किया जा सके।
HCL विस्तार योजना की प्रमुख बातें
- कंपनी: हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL)
- मुख्य परियोजना: मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट (MCP)
- स्थान: बालाघाट, मध्य प्रदेश
- 2030 लक्ष्य: उत्पादन क्षमता 2.5 मिलियन टन से 5 मिलियन टन
- कुल उत्पादन लक्ष्य: 12.2 मिलियन टन
- निवेश योजना: चरणबद्ध capital expenditure (capex)
बढ़ती तांबे की मांग के बीच HCL का फोकस
वैश्विक स्तर पर तांबे की मांग लगातार बढ़ रही है और आपूर्ति की तुलना में मांग अधिक बनी हुई है। ऐसे में HCL भारत की औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने और खनिज उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीक और विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है।
मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट HCL के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस परियोजना की वर्तमान उत्पादन क्षमता 2.5 मिलियन टन प्रति वर्ष है और यह कंपनी के कुल उत्पादन में लगभग 70 प्रतिशत का योगदान देती है। कंपनी इस परियोजना में विस्तार के लिए नए उत्पादन और सर्विस शाफ्ट, विंडर, कॉन्सेंट्रेटर प्लांट और पेस्ट-फिल प्लांट जैसे कार्यों पर काम कर रही है।
HCL की प्रमुख कॉपर परियोजनाएं
- मलांजखंड कॉपर प्रोजेक्ट: उत्पादन क्षमता विस्तार
- वर्तमान क्षमता: 2.5 मिलियन टन प्रति वर्ष
- योगदान: HCL के कुल उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत
- विस्तार कार्य: शाफ्ट, विंडर और कॉन्सेंट्रेटर प्लांट
- अन्य परियोजनाएं: खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स और इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स
खेतड़ी और घाटशिला परियोजनाओं पर भी काम जारी
इसके अलावा कंपनी राजस्थान के खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स और झारखंड के घाटशिला स्थित इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना पर भी काम कर रही है। इन सभी परियोजनाओं के जरिए कंपनी अपने 2030 के उत्पादन लक्ष्य को हासिल करना चाहती है।
अनुपम मिश्रा ने HCL का कार्यभार इसी महीने संभाला है। इससे पहले वह फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड में डायरेक्टर (मार्केटिंग) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने मलांजखंड परियोजना के दौरे के दौरान भूमिगत खदान, कॉन्सेंट्रेटर प्लांट, पेस्ट-फिल प्लांट और विस्तार कार्यों का निरीक्षण किया।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। परियोजनाओं की योजनाओं में भविष्य में बदलाव संभव हैं।

