पिछले 21 वर्षों के बाजार आंकड़ों से पता चलता है कि निवेश के दौरान कुछ बेहतरीन तेजी वाले दिनों से बाहर रहना निवेशकों की कुल संपत्ति पर बड़ा असर डाल सकता है।
Abbacus Mutual Fund के एक अध्ययन के अनुसार, अगर किसी निवेशक ने अप्रैल 2005 से जुलाई 2026 के बीच बाजार के केवल पांच सबसे अच्छे प्रदर्शन वाले दिन गंवा दिए होते, तो उसके निवेश की अंतिम रकम में कई लाख रुपये का अंतर आ सकता था। यह असर बड़ी, मध्यम और छोटी कंपनियों से जुड़े सूचकांकों में भी देखने को मिला।
Market के 5 बेहतरीन दिन चूकने से कितना नुकसान
अध्ययन में पूरे समय निवेश बनाए रखने और बाजार के पांच सबसे अच्छे दिनों से बाहर रहने की स्थिति की तुलना की गई। इसके लिए एक लाख रुपये के शुरुआती निवेश को आधार माना गया। निफ्टी 50 टीआरआई में पूरे समय निवेश रहने पर 13.67 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर मिली और एक लाख रुपये बढ़कर करीब 15.39 लाख रुपये हो गए।
वहीं, अगर निवेशक पांच सबसे अच्छे दिन चूक जाता तो रकम करीब 9.83 लाख रुपये रह जाती। यानी दोनों स्थितियों के बीच करीब 5.55 लाख रुपये का अंतर रहा।
निफ्टी 100 टीआरआई में भी तस्वीर कुछ ऐसी ही रही। पूरे समय निवेश बनाए रखने पर 14 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ एक लाख रुपये करीब 16.37 लाख रुपये हो गए। लेकिन पांच सबसे अच्छे दिनों को छोड़ने पर यही रकम लगभग 10.56 लाख रुपये रह गई। इस तरह दोनों के बीच करीब 5.81 लाख रुपये का अंतर देखने को मिला।
निफ्टी 50 और निफ्टी 100 में असर
📊 बड़े indices में निवेश का असर
- निफ्टी 50 टीआरआई: 1 लाख रुपये बढ़कर करीब 15.39 लाख रुपये
- 5 अच्छे दिन चूकने पर: करीब 9.83 लाख रुपये
- अंतर: करीब 5.55 लाख रुपये
- निफ्टी 100 टीआरआई: 1 लाख रुपये बढ़कर करीब 16.37 लाख रुपये
- 5 अच्छे दिन चूकने पर: करीब 10.56 लाख रुपये
- अंतर: करीब 5.81 लाख रुपये
मध्यम आकार की कंपनियों वाले सूचकांक में यह अंतर और बड़ा रहा। निफ्टी मिडकैप 150 टीआरआई में पूरे समय निवेश करने पर 17.20 प्रतिशत की annual compound growth दर रही। इस आधार पर एक लाख रुपये बढ़कर करीब 29.54 लाख रुपये हो गए। लेकिन बाजार के पांच सबसे अच्छे दिन छूटने पर रकम लगभग 20.16 लाख रुपये रह गई। यानी करीब 9.38 लाख रुपये का अंतर आया, जो अध्ययन में शामिल चारों सूचकांकों में सबसे अधिक था।
छोटी कंपनियों वाले निफ्टी स्मॉलकैप 250 टीआरआई में भी पांच सबसे अच्छे दिनों को गंवाने का असर काफी बड़ा रहा। पूरे समय निवेश बनाए रखने पर एक लाख रुपये की रकम बढ़कर लगभग 22.86 लाख रुपये हो सकती थी। वहीं, पांच सबसे अच्छे दिनों को छोड़ने पर यह रकम करीब 15.85 लाख रुपये रह गई। दोनों स्थितियों के बीच लगभग 7.01 लाख रुपये का अंतर रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा अंतर
📈 मिडकैप और स्मॉलकैप में असर
- निफ्टी मिडकैप 150 टीआरआई: 1 लाख रुपये बढ़कर करीब 29.54 लाख रुपये
- 5 अच्छे दिन चूकने पर: करीब 20.16 लाख रुपये
- अंतर: करीब 9.38 लाख रुपये
- निफ्टी स्मॉलकैप 250 टीआरआई: 1 लाख रुपये बढ़कर करीब 22.86 लाख रुपये
- 5 अच्छे दिन चूकने पर: करीब 15.85 लाख रुपये
- अंतर: करीब 7.01 लाख रुपये
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि बाजार में कुछ ही दिनों की तेज बढ़त लंबे समय में निवेश की कुल रकम पर काफी असर डाल सकती है। खासकर तब, जब Investor Market में बार-बार प्रवेश और निकासी करने की कोशिश करता है। बाजार की तेजी वाले दिनों का पहले से अनुमान लगाना आसान नहीं होता और इन्हीं दिनों से बाहर रहने पर लंबे समय के रिटर्न पर असर पड़ सकता है।
लंबे समय तक निवेश बनाए रखना क्यों जरूरी
अध्ययन में शामिल चारों सूचकांकों में मध्यम आकार की कंपनियों वाले सूचकांक ने पूरे समय निवेश करने वाले निवेशकों को सबसे ज्यादा वृद्धि दर दी। वहीं, पांच सबसे अच्छे दिनों को छोड़ने पर भी इसमें Property का अंतर सबसे ज्यादा रहा। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि लंबे समय तक निवेश बनाए रखना बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, यह आंकड़े केवल जानकारी और समझ के उद्देश्य से हैं। किसी भी निवेश का फैसला केवल पिछले प्रदर्शन के आधार पर नहीं लेना चाहिए। निवेश से पहले अपनी आर्थिक स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश के लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्य से है और निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

