मारुति सुजुकी ने गुजरात के हंसलपुर संयंत्र में नया उत्पादन केंद्र शुरू कर इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी का लक्ष्य घरेलू और वैश्विक बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करना और आने वाले वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाना है।
मारुति सुजुकी ने बढ़ाई EV उत्पादन क्षमता
मारुति सुजुकी ने देश में अपनी इलेक्ट्रिक कारों की मांग को पूरा करने के लिए गुजरात के हंसलपुर संयंत्र में नया उत्पादन केंद्र शुरू कर दिया है। कंपनी ने इस परियोजना पर करीब 3,900 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके शुरू होने से संयंत्र की कुल सालाना उत्पादन क्षमता बढ़कर 10 लाख वाहन हो गई है।
मारुति सुजुकी के नए संयंत्र की प्रमुख बातें
- निवेश: करीब 3,900 करोड़ रुपये
- स्थान: हंसलपुर, गुजरात
- नई EV क्षमता: 2.5 लाख वाहन प्रति वर्ष
- कुल संयंत्र क्षमता: 10 लाख वाहन सालाना
- कुल उत्पादन क्षमता: 29 लाख वाहन प्रति वर्ष
- लक्ष्य: वर्ष 2030 तक 40 लाख वाहन सालाना
कंपनी का कहना है कि नए संयंत्र में हर साल 2.5 लाख EV तैयार किए जा सकेंगे। इसके साथ ही मारुति सुजुकी की चारों इकाइयों की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 29 लाख वाहन सालाना हो गई है। कंपनी वर्ष 2030 तक इसे 40 लाख वाहन प्रति वर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
अब तक कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार eVitara की आपूर्ति सीमित रही है क्योंकि घरेलू बाजार के लिए हर महीने केवल करीब 2,000 गाड़ियों का उत्पादन हो रहा था। पहले कंपनी का ज्यादा ध्यान विदेशों में भेजी जाने वाली गाड़ियों पर था, जिससे भारत में ग्राहकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा था।
घरेलू और वैश्विक मांग पूरी करने पर फोकस
कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा कि नए संयंत्र के शुरू होने से भारत और विदेश दोनों बाजारों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम देश में निर्माण बढ़ाने और दुनिया के कई बाजारों तक पहुंच मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
मारुति सुजुकी ने पिछले वर्ष अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार का उत्पादन शुरू किया था। इसके बाद फरवरी 2026 में इसे भारतीय बाजार में उतारा गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक देश में करीब 8,000 eVitara की बिक्री हो चुकी है और कंपनी इस समय भारत की चौथी सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता बन गई है।
eVitara और भविष्य की योजना
- मॉडल: eVitara
- बिक्री: करीब 8,000 वाहन
- स्थिति: भारत की चौथी सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता
- चुनौती: सीमित उत्पादन क्षमता
- उम्मीद: सितंबर के बाद उत्पादन में तेजी
- लक्ष्य: FY2031 तक कुल बिक्री में EV की 15% हिस्सेदारी
आगे उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
पिछले वित्त वर्ष में कंपनी 70 हजार इलेक्ट्रिक गाड़ियों के उत्पादन का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी थी। उस दौरान लगभग 25 हजार गाड़ियां विदेश भेजी गईं, जबकि घरेलू बिक्री उम्मीद से काफी कम रही। कंपनी के अधिकारियों ने पहले भी सीमित उत्पादन क्षमता को सबसे बड़ी चुनौती बताया था।
मारुति सुजुकी के अनुसार सितंबर के बाद उत्पादन में और तेजी आएगी। कंपनी का कहना है कि फिलहाल पहले से मिले ऑर्डर पूरे किए जा रहे हैं। बढ़ी हुई क्षमता के बाद ग्राहकों को गाड़ियों की आपूर्ति तेज होने की उम्मीद है।
कंपनी का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2031 तक उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत हो जाए। फिलहाल यह हिस्सा करीब 1 प्रतिशत के आसपास है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से दी गई है। वाहन खरीदने या निवेश से पहले आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।

