बोकारो सदर अस्पताल परिसर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की। अभियान के दौरान कई दुकानों और ठेलों का निरीक्षण किया गया तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
बोकारो सदर अस्पताल परिसर में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच
झारखंड के बोकारो सदर अस्पताल परिसर में गुरुवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य अस्पताल और उसके आसपास बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच करना था। जांच के दौरान अस्पताल की कैंटीन समेत करीब 10 दुकानों और ठेलों का निरीक्षण किया गया। कई जगह नियमों का पालन नहीं मिलने पर दुकानदारों को चेतावनी दी गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।
जांच अभियान की मुख्य बातें
- स्थान: बोकारो सदर अस्पताल परिसर
- अभियान: खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष जांच
- निरीक्षण: अस्पताल कैंटीन समेत करीब 10 दुकानें और ठेले
- उद्देश्य: खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच
- कार्रवाई: नियम उल्लंघन पर चेतावनी और निर्देश
- फोकस: सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन
यह कार्रवाई अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी-सह-सिविल सर्जन के निर्देश पर गठित टीम ने की। अभियान का नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुलाब लकड़ा ने किया। उनके साथ पूजा कुमारी, एम. ए. आलम और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने सभी दुकानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की विस्तार से जांच की।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को सभी खाद्य सामग्री ढंककर रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही पैक खाद्य उत्पादों पर निर्माण तिथि, बैच नंबर और उपयोग की अंतिम तिथि साफ तौर पर लिखने को कहा गया। अधिकारियों ने साफ कहा कि समय सीमा समाप्त हो चुके या बिना जरूरी जानकारी वाले खाद्य उत्पादों की बिक्री नहीं की जानी चाहिए।
दुकानदारों को दिए गए जरूरी निर्देश
टीम ने दुकानदारों को नियमित सफाई रखने, ढक्कन वाले कूड़ेदान का उपयोग करने और खाद्य सामग्री को स्वच्छ वातावरण में रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा अखबार और पॉलीथिन में खाद्य सामग्री बेचने से भी मना किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सभी खाद्य पदार्थ तय मानकों के अनुसार ही बेचे जाएं।
जांच के दौरान एक दुकान में चटनी बनाने के लिए प्रतिबंधित रंग का इस्तेमाल मिलता पाया गया। इसके बाद मौके पर ही पूरी चटनी को नष्ट कराया गया। संबंधित दुकानदार को भविष्य में केवल स्वीकृत रंगों का उपयोग करने की चेतावनी दी गई। विभाग ने कहा कि दोबारा ऐसी गलती मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण में मिली प्रमुख कमियां
- प्रतिबंधित रंग: एक दुकान की चटनी में मिला
- कार्रवाई: मौके पर पूरी चटनी नष्ट कराई गई
- चेतावनी: केवल स्वीकृत रंगों के उपयोग के निर्देश
- लाइसेंस: FSSAI पंजीकरण नहीं मिलने पर नोटिस
- निर्देश: जल्द आवश्यक दस्तावेज बनवाने को कहा गया
- आगे की कार्रवाई: नियम उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
बिना लाइसेंस दुकानदारों को नोटिस
निरीक्षण के समय जिन दुकानदारों के पास FSSAI का पंजीकरण या लाइसेंस नहीं मिला, उन्हें नोटिस जारी किया गया। विभाग ने उन्हें जल्द जरूरी दस्तावेज बनवाने का निर्देश दिया। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। इसलिए आगे भी ऐसे जांच अभियान लगातार चलाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। संबंधित विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी को ही अंतिम माना जाए।

