Meta Case में कंपनी की मुश्किलें बढ़ीं, 29 राज्यों के आरोपों पर सुनवाई जल्द

Meta ने अमेरिका के 29 राज्यों की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बिना ठोस आधार का बताया है।

कंपनी पर आरोप है कि उसके Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म इस तरह बनाए गए कि लोग, खासकर बच्चे और किशोर, लंबे समय तक उनसे जुड़े रहें। राज्यों का कहना है कि कंपनी ने अपने ऐप्स के असर और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को लेकर यूजर्स को गुमराह किया।

Meta पर बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर आरोप

Meta के प्रवक्ता ने कहा कि राज्यों के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं हैं। कंपनी का कहना है कि राज्यों की ओर से मांगी जा रही आर्थिक भरपाई भी बहुत ज्यादा है। Meta ने यह भी कहा कि वह किशोरों की सुरक्षा के लिए उठाए गए अपने कदमों का बचाव अदालत में करेगी।

Meta Case में 29 राज्यों के आरोपों पर कंपनी का जवाब
Meta Case में कंपनी ने 29 राज्यों के आरोपों को बिना ठोस आधार का बताया।

 

यह मामला कैलिफोर्निया के ओकलैंड की संघीय अदालत में चलने वाली सुनवाई से जुड़ा है। 2023 में 29 राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने Meta के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। इस मामले में California, Colorado, New Jersey और Kentucky की ओर से अदालत में मुख्य रूप से दलीलें रखी जा रही हैं। राज्यों का आरोप है कि Meta ने युवाओं को अपने प्लेटफॉर्म पर अधिक समय तक बनाए रखने के लिए कई ऐसी सुविधाएं विकसित कीं, जिनसे उनकी निर्भरता बढ़ सकती है।

मुकदमे में Infinite Scrolling और Push Notifications जैसी सुविधाओं का भी जिक्र किया गया है। राज्यों का कहना है कि इन सुविधाओं का उद्देश्य यूजर्स को लगातार ऐप पर सक्रिय रखना था। इसके अलावा कंपनी पर बच्चों की निजी जानकारी माता-पिता की अनुमति के बिना इकट्ठा करने से जुड़े संघीय कानून का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया गया है।

📱 Meta पर राज्यों के मुख्य आरोप

  • 29 राज्य: Meta के खिलाफ मुकदमा दायर करने वाले अमेरिकी राज्य
  • मुख्य प्लेटफॉर्म: Facebook और Instagram
  • आरोप: युवाओं को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म से जोड़े रखना
  • फीचर्स: Infinite Scrolling और Push Notifications
  • निजी जानकारी: बच्चों की जानकारी को लेकर संघीय कानून के उल्लंघन का आरोप

Meta के खिलाफ सुनवाई अगस्त से शुरू होने की उम्मीद

मामले की सुनवाई 18 अगस्त से शुरू होने वाली है और इसके करीब सात सप्ताह तक चलने की उम्मीद है। इस दौरान Meta के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Mark Zuckerberg और Instagram के प्रमुख Adam Mosseri के गवाही देने की संभावना है। राज्य सरकारें 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए ऐप्स में कई बदलाव की मांग कर रही हैं, जिनमें लगातार वीडियो चलना, अनंत स्क्रॉल और लाइक की संख्या दिखाने जैसी सुविधाओं में बदलाव शामिल हैं।

कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल Rob Bonta ने Meta पर बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पाद तैयार करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कंपनी को अपने प्लेटफॉर्म के संभावित नुकसान की जानकारी थी, फिर भी उसने बच्चों, परिवारों और समाज के सामने इसके असर को सही तरीके से पेश नहीं किया। वहीं Meta इन आरोपों को स्वीकार नहीं कर रहा है और अदालत में अपना पक्ष रखने की तैयारी कर रहा है।

इस मामले से पहले भी Meta को बच्चों और युवाओं से जुड़े मामलों में कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसी महीने न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने कंपनी पर 567 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया और ऐप्स में बड़े बदलाव करने की बात कही थी। अदालत ने कंपनी के प्लेटफॉर्म को युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या बढ़ने से जोड़ते हुए यह फैसला दिया था।

Meta के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला

इस साल लॉस एंजिल्स में हुए एक अन्य मामले में भी Meta और Google के YouTube को लेकर जूरी ने अहम फैसला दिया था। मामले में कहा गया कि दोनों कंपनियों के ऐप्स में मौजूद ऑटोप्ले, सुझाव देने वाली तकनीक और नोटिफिकेशन जैसी सुविधाओं ने एक युवती की किशोरावस्था के दौरान चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं में योगदान दिया।

⚖️ Meta मामले की सुनवाई और संभावित असर

  • सुनवाई: 18 अगस्त से शुरू होने की उम्मीद
  • अवधि: करीब सात सप्ताह तक चल सकती है
  • गवाही: Mark Zuckerberg और Adam Mosseri के गवाही देने की संभावना
  • मांग: 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए ऐप्स में बदलाव
  • संभावित असर: आर्थिक जिम्मेदारी और प्लेटफॉर्म फीचर्स में बदलाव का दबाव

आने वाली सुनवाई Meta के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस मामले में कंपनी पर बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी डालने के साथ उसके ऐप्स में व्यापक बदलाव करने का दबाव भी बन सकता है। इसलिए अदालत का फैसला सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Frequently asked questions

1. Meta पर 29 राज्यों ने मुकदमा क्यों किया है?

29 अमेरिकी राज्यों का आरोप है कि Meta के Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं को लंबे समय तक जोड़कर रखने के लिए बनाए गए हैं। राज्यों का कहना है कि कुछ सुविधाओं से बच्चों और किशोरों पर गलत असर पड़ा।

2. Meta ने इन आरोपों पर क्या जवाब दिया है?

Meta ने राज्यों के आरोपों को बिना ठोस आधार वाला बताया है। कंपनी का कहना है कि उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं और आर्थिक नुकसान की मांग भी बहुत ज्यादा है। कंपनी अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी कर रही है।

3. Meta के खिलाफ सुनवाई कब शुरू होगी?

Meta के खिलाफ इस मामले की सुनवाई 18 अगस्त 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। मामला अमेरिका की संघीय अदालत में चलेगा और इसकी कार्यवाही करीब सात सप्ताह तक चल सकती है। Mark Zuckerberg और Adam Mosseri के भी गवाही देने की संभावना है।

4. राज्यों की Meta से क्या मांग है?

राज्य सरकारें 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए Meta के ऐप्स में कई बदलाव चाहती हैं। इनमें लगातार स्क्रॉल, वीडियो अपने आप चलने और लाइक की संख्या दिखाने जैसी सुविधाओं पर रोक या बदलाव शामिल हैं।

5. इस मामले का Meta पर क्या असर पड़ सकता है?

मामले का फैसला Meta के लिए आर्थिक और कारोबारी दोनों रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। कंपनी पर बड़ा जुर्माना लग सकता है और बच्चों के लिए Facebook तथा Instagram की कुछ सुविधाओं में स्थायी बदलाव करने का आदेश भी दिया जा सकता है।

निष्कर्ष

Meta के खिलाफ यह मामला बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी से जुड़ा है। आने वाली सुनवाई में अदालत के फैसले से यह तय हो सकता है कि युवाओं पर प्लेटफॉर्म के असर को लेकर कंपनियों की जवाबदेही कितनी बढ़ेगी।

Disclaimer: यह जानकारी समाचार उद्देश्य के लिए है और इसे कानूनी या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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