Microsoft AI Data Center: अमेरिका के विस्कॉन्सिन में माइक्रोसॉफ्ट के 7.3 अरब डॉलर के एआई डेटा सेंटर को लेकर नया विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों ने लगातार शोर की शिकायत करते हुए कंपनी के खिलाफ क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया है। नीचे पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य के माउंट प्लेज़ेंट में बने माइक्रोसॉफ्ट के 7.3 अरब डॉलर के एआई डेटा सेंटर को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस डेटा सेंटर के पास रहने वाले कुछ लोगों ने कंपनी के खिलाफ सामूहिक (क्लास-एक्शन) मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि डेटा सेंटर से दिन-रात लगातार तेज आवाज आती रहती है, जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उसने इस समस्या को पहले ही दूर करने के लिए जरूरी कदम उठा लिए हैं।
माइक्रोसॉफ्ट के AI डेटा सेंटर पर क्यों हुआ विवाद?
🏢 AI डेटा सेंटर की मुख्य जानकारी
- कंपनी: Microsoft
- स्थान: माउंट प्लेज़ेंट, विस्कॉन्सिन (अमेरिका)
- निवेश: 7.3 अरब डॉलर
- उद्देश्य: बड़े पैमाने पर AI कंप्यूटिंग
- विशेषता: लाखों AI चिप्स से संचालित सुविधा
- विवाद: स्थानीय लोगों ने शोर की शिकायत की
इसी साल माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने इस एआई डेटा सेंटर को दुनिया की सबसे शक्तिशाली एआई सुविधाओं में से एक बताया था। यहां लाखों एआई चिप्स को जोड़कर बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग का काम किया जाता है। लेकिन आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि इस आधुनिक तकनीकी परियोजना की वजह से उन्हें लगातार शोर का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्टरटेवेंट गांव के तीन निवासियों ने अदालत में दायर याचिका में कहा है कि डेटा सेंटर में लगे डीजल जनरेटर और कूलिंग सिस्टम से लगातार तेज आवाज निकलती है। उनका दावा है कि यह आवाज कभी बंद नहीं होती और पूरे इलाके में सुनाई देती रहती है। कुछ लोगों ने इसकी तुलना लगातार चलने वाले मालगाड़ी के इंजन की आवाज से की है।
स्थानीय लोगों ने क्या लगाए आरोप?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले निर्माण कार्य के दौरान कई महीनों तक तेज शोर सुनाई देता था, लेकिन अब उसकी जगह मशीनों की लगातार गूंज ने ले ली है। कुछ निवासियों का आरोप है कि इस वजह से उनकी नींद प्रभावित हो रही है और घर में आराम करना भी मुश्किल हो गया है। एक निवासी ने अपने घर के बाहर लगभग 60 डेसिबल तक शोर मापने का दावा किया, जिसे उन्होंने काफी परेशान करने वाला बताया।
⚖️ मुकदमे और माइक्रोसॉफ्ट का पक्ष
- मुकदमा: क्लास-एक्शन केस दायर
- मुख्य शिकायत: डेटा सेंटर से लगातार शोर
- कारण: डीजल जनरेटर और कूलिंग सिस्टम
- कंपनी का दावा: तकनीकी बदलाव कर शोर कम किया गया
- प्रशासन: अप्रैल के बाद नई शिकायत नहीं मिली
- स्थिति: मामला अदालत में विचाराधीन
माइक्रोसॉफ्ट ने मुकदमे की पुष्टि करते हुए कहा कि कंपनी अपने डेटा सेंटर के आसपास रहने वाले लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेती है। कंपनी के अनुसार, उसने आवाज के स्रोत की जांच की थी और कूलिंग फैन की तेज गति को इसकी मुख्य वजह पाया था। इसके बाद शोर कम करने के लिए कई तकनीकी बदलाव किए गए और कंपनी का दावा है कि इन उपायों से समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। माइक्रोसॉफ्ट का यह भी कहना है कि आसपास के कई लोगों ने सुधार की पुष्टि की थी।
स्थानीय प्रशासन का क्या कहना है?
वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अप्रैल में किए गए बदलावों के बाद उन्हें शोर को लेकर कोई नई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि मुकदमा दायर होने से साफ है कि कुछ निवासी अभी भी कंपनी के दावों से संतुष्ट नहीं हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में रिहायशी इलाकों के पास तेजी से बन रहे बड़े डेटा सेंटरों को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ रही हैं। कई जगहों पर शोर, बिजली की खपत और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर तकनीकी कंपनियों का विरोध भी देखा जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रिपोर्टों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित है। मामले का अंतिम निर्णय संबंधित अदालत और अधिकारियों द्वारा लिया जाएगा।

