भारी बारिश का असर! बुलेट ट्रेन टनल उद्घाटन टला, काम रहेगा जारी

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में भारी बारिश के कारण उद्घाटन समारोह स्थगित कर दिया गया है, लेकिन सुरंग निर्माण कार्य तय समय पर जारी रहेगा।

लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में सुरंग (टनल) निर्माण कार्य के औपचारिक शुभारंभ को फिलहाल टाल दिया गया है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा मुंबई के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद रेलवे मंत्रालय ने यह फैसला लिया। हालांकि, परियोजना में किसी तरह की देरी न हो, इसलिए सुरंग बनाने का वास्तविक काम तय समय पर ही शुरू कर दिया जाएगा।

भारी बारिश के बीच बुलेट ट्रेन सुरंग निर्माण जारी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव रविवार को मुंबई के विक्रोली से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्टेशन तक भूमिगत सुरंग निर्माण कार्य का उद्घाटन करने वाले थे। इस परियोजना में पहली बार टनल बोरिंग मशीन (TBM) का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन खराब मौसम को देखते हुए उद्घाटन समारोह स्थगित कर दिया गया। रेलवे मंत्रालय ने राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को निर्देश दिया है कि बिना किसी औपचारिक कार्यक्रम का इंतजार किए निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाए।

अधिकारियों के अनुसार, सुरंग निर्माण का काम अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कर रही है। पहली टनल बोरिंग मशीन विक्रोली से बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स की ओर लगभग 5.8 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाएगी। दूसरी मशीन सावली में तैयार की जा रही है और उसके एक सप्ताह के भीतर काम शुरू करने की उम्मीद है। यह मशीन सावली से विक्रोली तक 9.7 किलोमीटर की सुरंग बनाएगी, जिसमें लगभग 7 किलोमीटर लंबा समुद्र के नीचे का हिस्सा भी शामिल है।

🚄 सुरंग निर्माण की प्रमुख जानकारी

  • परियोजना: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन
  • उद्घाटन: खराब मौसम के कारण स्थगित
  • निर्माण: तय समय पर जारी
  • पहली TBM: विक्रोली से BKC (5.8 किमी)
  • दूसरी TBM: सावली से विक्रोली (9.7 किमी)
  • समुद्र के नीचे सुरंग: लगभग 7 किमी

हर टनल बोरिंग मशीन हर महीने करीब 300 मीटर सुरंग खोदने में सक्षम होगी। दोनों मशीनों के एक साथ काम शुरू करने के बाद हर महीने लगभग 600 मीटर सुरंग तैयार होने की उम्मीद है। इस परियोजना के तहत कुल 20.37 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग बनाई जा रही है, जो बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से शिलफाटा तक जाएगी। इसमें 15.4 किलोमीटर हिस्से का निर्माण टनल बोरिंग मशीन से होगा, जबकि बाकी 4.8 किलोमीटर का काम ड्रिल एंड ब्लास्ट तकनीक से पहले ही पूरा किया जा चुका है।

टनल निर्माण की तकनीक और प्रगति

यह सुरंग एक सिंगल ट्यूब होगी, जिसके अंदर दो रेल ट्रैक होंगे ताकि दोनों दिशाओं में बुलेट ट्रेन का संचालन किया जा सके। निर्माण कार्य को आसान बनाने के लिए विक्रोली और सावली में गहरे शाफ्ट बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा सुरंग के साथ कई तकनीकी उपकरण कक्ष भी तैयार किए जाएंगे।

📊 बुलेट ट्रेन परियोजना की मुख्य बातें

  • कुल कॉरिडोर: 508 किलोमीटर
  • भूमिगत सुरंग: 20.37 किलोमीटर
  • TBM निर्माण: 15.4 किलोमीटर
  • ड्रिल एंड ब्लास्ट: 4.8 किलोमीटर
  • परियोजना प्रगति: लगभग 80% कार्य पूरा
  • पहला चरण: सूरत से बिलीमोरा (2027)

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसकी कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में सबसे पहले सूरत से बिलीमोरा के बीच बुलेट ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। इसके बाद वलसाड, अहमदाबाद और अंत में मुंबई तक के बाकी हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य तय समय के भीतर पूरी परियोजना को पूरा करना है।

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना के तहत निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार जारी रहेगा और चरणबद्ध तरीके से विभिन्न हिस्सों में बुलेट ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी।

Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। परियोजना से जुड़े अंतिम निर्णय और समयसीमा संबंधित अधिकारियों द्वारा बदले जा सकते हैं।

Gourav Kumar Singh

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