भारत के नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अर्शद नदीम की जैवलिन प्रतिद्वंद्विता एक बार फिर चर्चा में है। Commonwealth Games 2026 में दोनों खिलाड़ी आमने-सामने होंगे, जहां खेल प्रेमियों की नजरें उनके मुकाबले पर टिकी रहेंगी।
भारत के Neeraj Chopra और पाकिस्तान के Arshad Nadeem के बीच जैवलिन थ्रो की प्रतिद्वंद्विता दुनिया की सबसे चर्चित खेल प्रतिस्पर्धाओं में से एक बन चुकी है। दोनों खिलाड़ी एक बार फिर Commonwealth Games 2026 में आमने-सामने होंगे। पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट का क्वालिफिकेशन राउंड 30 जुलाई को खेला जाएगा, जिस पर भारत और पाकिस्तान समेत दुनिया भर के खेल प्रेमियों की नजरें टिकी हुई हैं।
Neeraj Chopra vs Arshad Nadeem Head-to-Head Record
अगर दोनों खिलाड़ियों के Head-to-Head रिकॉर्ड की बात करें तो इसमें नीरज चोपड़ा का दबदबा साफ दिखाई देता है। अब तक दोनों 11 बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में आमने-सामने आ चुके हैं, जिनमें नीरज ने 10 बार अर्शद नदीम को पीछे छोड़ा है। अर्शद केवल एक बार नीरज से आगे रहे हैं और वह मौका 2024 के पेरिस ओलंपिक में आया था।
🏅 Head-to-Head रिकॉर्ड
- कुल मुकाबले: 11
- नीरज चोपड़ा: 10 जीत
- अर्शद नदीम: 1 जीत
- अर्शद की पहली जीत: पेरिस ओलंपिक 2024
- अगला मुकाबला: Commonwealth Games 2026
- इवेंट: पुरुष जैवलिन थ्रो
पेरिस ओलंपिक 2024 में क्या हुआ
पेरिस ओलंपिक 2024 में अर्शद नदीम ने 92.97 मीटर का थ्रो कर नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं नीरज चोपड़ा ने 89.45 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता। यह पहला अवसर था जब किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में अर्शद नदीम नीरज चोपड़ा से आगे रहे।
दोनों खिलाड़ियों की पहली भिड़ंत वर्ष 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में हुई थी। उस प्रतियोगिता में नीरज ने 82.23 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता, जबकि अर्शद नदीम 78.33 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उसी साल एशियन जूनियर चैंपियनशिप में भी नीरज ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाद में विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में जूनियर विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया, जबकि अर्शद फाइनल तक भी नहीं पहुंच सके।
नीरज का लगातार दबदबा
इसके बाद नीरज चोपड़ा ने लगातार कई बड़े टूर्नामेंटों में अर्शद नदीम को पीछे छोड़ा। वर्ष 2017 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप, 2018 के Commonwealth Games और 2018 के एशियन गेम्स में भी नीरज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इन प्रतियोगिताओं में अर्शद नदीम नीरज की बराबरी नहीं कर सके।
टोक्यो ओलंपिक में भी नीरज चोपड़ा ने इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उस प्रतियोगिता में अर्शद नदीम पांचवें स्थान पर रहे। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों की प्रतिद्वंद्विता और भी रोमांचक होती गई क्योंकि दोनों दुनिया के शीर्ष जैवलिन खिलाड़ियों में शामिल हो चुके थे।
🎯 Commonwealth Games 2026 पर नजर
- क्वालिफिकेशन: 30 जुलाई
- भारत की उम्मीद: नीरज चोपड़ा
- पाकिस्तान की उम्मीद: अर्शद नदीम
- मुख्य लक्ष्य: गोल्ड मेडल
- चर्चा का केंद्र: ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता
- रिकॉर्ड: नीरज 10-1 से आगे
विश्व चैंपियनशिप और आगे की चुनौती
वर्ष 2022 की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज ने सिल्वर मेडल जीता और अर्शद नदीम उनसे पीछे रहे। इसके बाद 2023 की विश्व चैंपियनशिप में नीरज ने 88.17 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड जीता, जबकि अर्शद 87.82 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों के बीच यह मुकाबला बेहद करीबी रहा और इसे हाल के वर्षों के सबसे यादगार जैवलिन मुकाबलों में गिना जाता है।
हालांकि 2024 पेरिस ओलंपिक अर्शद नदीम के करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। उन्होंने न केवल ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया बल्कि पाकिस्तान को व्यक्तिगत स्पर्धा में पहला ओलंपिक गोल्ड भी दिलाया। इसके बावजूद कुल रिकॉर्ड में नीरज चोपड़ा अभी भी काफी आगे हैं。
दोनों खिलाड़ी आखिरी बार 2025 की विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आमने-सामने आए थे। उस प्रतियोगिता में नीरज 84.03 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ आठवें स्थान पर रहे, जबकि अर्शद नदीम 82.75 मीटर के साथ दसवें स्थान पर रहे। दोनों ही खिलाड़ी पदक जीतने से चूक गए, लेकिन इस मुकाबले में भी नीरज अर्शद से आगे रहे।
मैदान के भीतर दोनों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा जरूर रहती है, लेकिन मैदान के बाहर दोनों खिलाड़ियों के रिश्ते काफी सम्मानजनक रहे हैं। कई मौकों पर नीरज चोपड़ा और अर्शद नदीम ने एक-दूसरे के प्रदर्शन की खुलकर सराहना की है। टोक्यो ओलंपिक के दौरान भी नीरज ने अर्शद के खिलाफ लगाए गए बेबुनियाद आरोपों का विरोध किया था। वहीं बड़े टूर्नामेंटों के बाद दोनों खिलाड़ी अक्सर एक-दूसरे को बधाई देते हुए भी नजर आए हैं।
अब सभी की नजरें CWG 2026 पर हैं, जहां दोनों दिग्गज एक बार फिर गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला करेंगे। नीरज चोपड़ा अपने शानदार रिकॉर्ड को और मजबूत करना चाहेंगे, जबकि अर्शद नदीम पेरिस ओलंपिक की सफलता को दोहराकर इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता में एक और बड़ी जीत दर्ज करने की कोशिश करेंगे।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड और सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। प्रतियोगिता के परिणाम आयोजन के बाद ही अंतिम रूप से तय होंगे।
