ब्रिटेन की रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी **Network Rail** ने घरेलू कंपनी **Universal Signalling** के साथ समझौता किया है, जिसके तहत हार्ट ऑफ वेल्स रेलवे लाइन पर कम लागत वाली नई ट्रेन पहचान प्रणाली **U-Cross** लगाई जाएगी। यह सिस्टम स्वानसी से श्रूसबरी तक लगभग 153.6 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर 100 से अधिक ग्रामीण लेवल क्रॉसिंग पर स्थापित किया जाएगा। हालांकि इस परियोजना की कुल लागत सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह नई तकनीक खासतौर पर उन लेवल क्रॉसिंग के लिए बनाई गई है, जहां किसान और स्थानीय लोग निजी या कृषि भूमि से होकर रेलवे लाइन पार करते हैं। मौजूदा व्यवस्था में उन्हें लाइन पार करने से पहले सिग्नलर से अनुमति लेनी पड़ती है। U-Cross सिस्टम सिग्नलर को यह जानकारी देगा कि ट्रेन कब क्रॉसिंग के पास पहुंचने वाली है और कब वह पूरी तरह वहां से गुजर चुकी है। इससे लोगों का इंतजार काफी कम होने की उम्मीद है।
यह डिजिटल सिस्टम रेलवे ट्रैक पर लगाए गए छोटे **Beacon** और ट्रेन में लगे कम बिजली खपत वाले उपकरणों के जरिए काम करता है। जैसे ही ट्रेन बीकन के ऊपर से गुजरती है, सिस्टम तुरंत ट्रेन की सटीक स्थिति की जानकारी सिग्नलर तक पहुंचा देता है। इन बीकन को बाहरी बिजली की जरूरत नहीं होती, क्योंकि वे ट्रेन में लगे उपकरण से सक्रिय हो जाते हैं।
Network Rail के अनुसार, यह तकनीक पारंपरिक ट्रेन पहचान प्रणालियों की तुलना में अधिक सुरक्षित, सरल और कम खर्चीली है। एक बीकन लगाने की लागत लगभग 20 से 30 पाउंड बताई गई है और इन्हें हर 20 मीटर की दूरी पर लगाया जाएगा। इससे रखरखाव का खर्च भी कम होगा।
इस तकनीक का पिछले साल 17.6 किलोमीटर लंबे लैंडेलो से लैंडोवरी सेक्शन पर परीक्षण किया गया था। खराब मौसम, तेज तूफान और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी सिस्टम ने संतोषजनक प्रदर्शन किया। सफल परीक्षण के बाद अब इसे पूरे हार्ट ऑफ वेल्स रेल मार्ग पर लागू किया जा रहा है।
परियोजना के तहत इंस्टॉलेशन का काम दिसंबर से शुरू होने की संभावना है, जबकि सिस्टम को पूरी तरह चालू करने की तारीख बाद में घोषित की जाएगी। कंपनी का कहना है कि भले ही यह परियोजना फिलहाल एक विशेष रेल मार्ग के लिए है, लेकिन भविष्य में ब्रिटेन के अन्य रेल मार्गों पर भी इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है।
