नेपाल में जन्मे और दुनिया के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन की घटना के तीन दिन बाद बरामद कर लिया गया है। शुक्रवार को आए भयानक हिमस्खलन में पुर्जा समेत 10 लोग इसकी चपेट में आ गए थे।
निर्मल पुर्जा का शव 5,700 मीटर ऊंचाई पर मिला
पाकिस्तान के Alpine Club के अनुसार, 43 वर्षीय पर्वतारोही निर्मल पुर्जा का शव करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला। क्लब ने बताया कि बचाव दल ब्रॉड पीक पर उस स्थान तक पहुंच गया, जहां पुर्जा मौजूद थे।
बचाव अभियान अब भी जारी है। Alpine Club के महासचिव अयाज शिगरी ने बताया कि जमीन से पहुंचे rescue team के सदस्य पहाड़ से चार शव नीचे ला रहे हैं। इनमें निर्मल पुर्जा के अलावा दो नेपाली नागरिक और एक चीनी नागरिक शामिल हैं।
Nirmal Purja Avalanche Update
- स्थान: Broad Peak, Pakistan
- ऊंचाई: करीब 5,700 मीटर
- घटना: हिमस्खलन हादसा
- समय: तीन दिन बाद शव बरामद
- बचाव: Rescue Operation जारी
- टीम: Alpine Club और बचाव दल
एक और शव की पुष्टि, खराब मौसम बना चुनौती
बचाव दल ने एक और शव के होने की पुष्टि की है, जो काफी अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र में मौजूद है। हालांकि, वहां की खतरनाक स्थिति और खराब मौसम के कारण फिलहाल उस शव को निकालना मुश्किल बताया जा रहा है।
निर्मल पुर्जा की कंपनी Elite Expeditions ने शनिवार को उनकी मौत की पुष्टि की थी। वह उन 10 लोगों में शामिल थे, जिनकी मौत हिमस्खलन में हुई।
14 सबसे ऊंचे पर्वतों पर चढ़ाई कर बनाई पहचान
निर्मल पुर्जा का जन्म नेपाल में हुआ था और बाद में उन्होंने ब्रिटिश सेना में भी सेवा दी। साल 2019 में उन्होंने दुनिया के 14 सबसे ऊंचे पर्वतों की चोटियों पर छह महीने से कुछ अधिक समय में चढ़ाई कर विश्व स्तर पर पहचान बनाई थी।
Nirmal Purja की उपलब्धियां
- पहचान: विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही
- रिकॉर्ड: 14 सबसे ऊंचे पर्वतों पर चढ़ाई
- समय: छह महीने से कुछ अधिक अवधि
- पृष्ठभूमि: नेपाल में जन्म, ब्रिटिश सेना सेवा
- विशेषता: कठिन अभियानों को पूरा करने की क्षमता
- सम्मान: पर्वतारोहण जगत में बड़ी पहचान
पर्वतारोहण जगत में शोक
पर्वतारोहण की दुनिया में निर्मल पुर्जा को उनकी कठिन अभियानों को पूरा करने की क्षमता और साहस के लिए जाना जाता था। ब्रॉड पीक पर हुई इस घटना ने पर्वतारोहण समुदाय को गहरा दुख पहुंचाया है।
बचाव दल अब बाकी शवों को सुरक्षित नीचे लाने और अभियान को पूरा करने में जुटा हुआ है। खराब मौसम और कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के बावजूद राहत कार्य लगातार जारी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्ट्स और सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है।
