निवेशकों के बीच यह धारणा आम है कि पोर्टफोलियो में इक्विटी शामिल करने से जोखिम बढ़ जाता है, क्योंकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है। लेकिन लंबे समय के आंकड़े बताते हैं कि सही अनुपात में इक्विटी जोड़ने से हमेशा जोखिम नहीं बढ़ता। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि पोर्टफोलियो में अलग-अलग एसेट क्लास का मिश्रण किस तरह किया गया है।
इक्विटी जोड़ने से हमेशा नहीं बढ़ता पोर्टफोलियो जोखिम
व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड के एक अध्ययन में सितंबर 2001 से जून 2026 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि केवल डेट में निवेश करने वाले पोर्टफोलियो की औसत सालाना रिटर्न 6.79 प्रतिशत रही और उतार-चढ़ाव 6.38 प्रतिशत रहा।
वहीं, अगर डेट पोर्टफोलियो में 10 प्रतिशत इक्विटी जोड़ी गई तो औसत रिटर्न बढ़कर 7.99 प्रतिशत हो गया और उतार-चढ़ाव घटकर 5.76 प्रतिशत रह गया। इसी तरह 80 प्रतिशत डेट और 20 प्रतिशत इक्विटी वाले पोर्टफोलियो ने 9.20 प्रतिशत का औसत सालाना रिटर्न दिया, जबकि जोखिम का स्तर लगभग 100 प्रतिशत डेट पोर्टफोलियो के बराबर रहा।
इक्विटी के साथ बेहतर मिला रिटर्न और संतुलन
अध्ययन के अनुसार, 75 प्रतिशत डेट और 25 प्रतिशत इक्विटी वाले पोर्टफोलियो ने 9.80 प्रतिशत का औसत रिटर्न दिया। दूसरी तरफ, पूरी तरह इक्विटी में निवेश करने वाले पोर्टफोलियो ने सबसे ज्यादा 18.82 प्रतिशत रिटर्न दिया, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव भी सबसे ज्यादा 25.35 प्रतिशत रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, पोर्टफोलियो में अलग-अलग निवेश साधनों को शामिल करने से जोखिम को संतुलित करने में मदद मिल सकती है। इसी कारण अध्ययन में गोल्ड को तीसरे एसेट क्लास के रूप में शामिल करके भी विश्लेषण किया गया।
Asset Allocation से जुड़ी अहम बातें
- 100% Debt Portfolio: 6.79% औसत सालाना रिटर्न
- 10% Equity जोड़ने पर: रिटर्न 7.99% तक बढ़ा
- 20% Equity Mix: 9.20% औसत रिटर्न
- 25% Equity Mix: 9.80% औसत रिटर्न
- मुख्य फायदा: Risk-Return Balance में सुधार
डेट, इक्विटी और गोल्ड से बना संतुलित पोर्टफोलियो
डेट, इक्विटी और गोल्ड के मिश्रण वाले पोर्टफोलियो में भी बेहतर परिणाम देखने को मिले। उदाहरण के लिए, 55 प्रतिशत डेट, 25 प्रतिशत इक्विटी और 20 प्रतिशत गोल्ड वाले पोर्टफोलियो ने 11.60 प्रतिशत का औसत सालाना रिटर्न दिया। इसकी अस्थिरता केवल थोड़ी अधिक रही, जबकि पूरी तरह डेट वाले निवेश की तुलना में रिटर्न करीब 3 प्रतिशत ज्यादा रहा।
वहीं, 70 प्रतिशत डेट, 10 प्रतिशत इक्विटी और 20 प्रतिशत गोल्ड वाले पोर्टफोलियो ने 9.79 प्रतिशत का औसत रिटर्न दिया और इसकी अस्थिरता 5.52 प्रतिशत रही, जो अध्ययन में सबसे कम थी।
सही Asset Allocation से मिल सकता है बेहतर संतुलन
अध्ययन में बताया गया कि अलग-अलग एसेट क्लास के बीच कम संबंध होने से निवेशकों को बेहतर जोखिम-रिटर्न संतुलन मिल सकता है। सही Asset Allocation लंबे समय में निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने में मदद कर सकता है।
हालांकि, निवेश का फैसला व्यक्ति की आय, लक्ष्य और जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर होना चाहिए। किसी भी निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। यह जानकारी केवल शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है, इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
निवेश से पहले ध्यान रखने वाली बातें
- जोखिम क्षमता: अपनी Risk Appetite के अनुसार निवेश करें
- लक्ष्य: निवेश उद्देश्य स्पष्ट रखें
- Diversification: अलग-अलग Asset Class में निवेश करें
- विशेषज्ञ सलाह: बड़े फैसलों से पहले सलाह लें
- ध्यान रखें: हर निवेश में जोखिम शामिल होता है
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।