पश्चिमी देशों के एक गठबंधन ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया से जुड़े IT कर्मचारियों को नौकरी पर रखना वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि उत्तर कोरिया अपने लोगों को नकली पहचान के साथ दुनिया भर की कंपनियों में दूरस्थ रूप से काम दिला रहा है। इन कर्मचारियों की कमाई का बड़ा हिस्सा सरकारी एजेंसियों तक पहुंचाया जाता है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के लिए किए जाने का आरोप लगाया गया है।
उत्तर कोरिया से जुड़े IT कर्मचारियों पर वैश्विक चेतावनी
यह संयुक्त चेतावनी अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड समेत नौ देशों की 19 सरकारी एजेंसियों की ओर से जारी की गई। बयान में कहा गया कि उत्तर कोरिया अब अपनी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के लिए AI का भी उपयोग कर रहा है। इसकी मदद से नकली पहचान तैयार करना, ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना और अपनी वास्तविक पहचान छिपाना पहले की तुलना में आसान हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरियाई कर्मचारी फर्जी दस्तावेजों और चोरी की गई पहचान का इस्तेमाल करके दुनिया की विभिन्न कंपनियों में दूर से काम हासिल करते हैं। वे अपनी कमाई सीधे सरकारी नेटवर्क तक पहुंचाते हैं। कई मामलों में इन पर कंपनियों का गोपनीय डेटा चुराने, संवेदनशील जानकारी हासिल करने और डिजिटल संपत्तियों की चोरी करने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं।
मुख्य चेतावनी और खतरे
- मुख्य आरोप: नकली पहचान से दूरस्थ नौकरी हासिल करना
- कमाई का उपयोग: सरकारी एजेंसियों तक धन पहुंचाने का आरोप
- संभावित खतरा: परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को वित्तीय सहायता
- नई तकनीक: AI के जरिए फर्जी पहचान तैयार करना
- प्रभाव: वैश्विक साइबर सुरक्षा पर जोखिम
AI, VPN और लैपटॉप फार्म का इस्तेमाल
चेतावनी में यह भी कहा गया कि उत्तर कोरिया, चीन, रूस और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ क्षेत्रों में ऐसे ठिकाने बनाए गए हैं, जिन्हें VPN और तथाकथित “लैपटॉप फार्म” के जरिए संचालित किया जाता है। इन स्थानों पर कंपनी द्वारा दिए गए लैपटॉप रखे जाते हैं और उत्तर कोरिया में मौजूद लोग दूर से उन्हें चलाकर ऐसा दिखाते हैं कि वे किसी दूसरे देश से काम कर रहे हैं।
गठबंधन ने सभी कंपनियों, भर्ती प्लेटफॉर्म और नियोक्ताओं से अपील की है कि वे कर्मचारियों की पहचान की जांच को और मजबूत करें। साथ ही नए लोगों को काम पर रखने से पहले दस्तावेजों, उपकरणों और अन्य जरूरी जानकारियों का अच्छी तरह सत्यापन करें ताकि इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके।
कंपनियों के लिए सुरक्षा उपाय
- पहचान सत्यापन: दस्तावेजों की गहन जांच
- भर्ती प्रक्रिया: उम्मीदवार की पृष्ठभूमि की पुष्टि
- उपकरण जांच: कंपनी के डिवाइस की निगरानी
- ऑनलाइन सुरक्षा: VPN और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर
- उद्देश्य: डेटा चोरी और साइबर जोखिम कम करना
साइबर सुरक्षा पर बढ़ती चिंता
उत्तर कोरिया लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। कई देशों का आरोप है कि प्रतिबंधों के बीच वहां की सरकार साइबर अपराध, डिजिटल चोरी और अन्य अवैध तरीकों से धन जुटाकर अपने सैन्य कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है। वहीं उत्तर कोरिया लगातार अपने परमाणु कार्यक्रम को अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक बताता रहा है।
