अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतें छह सप्ताह के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। Brent Crude 2 प्रतिशत की तेजी के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.7 प्रतिशत बढ़कर 88.27 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। लगातार बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई और ईंधन लागत को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल में तेजी
तेल की कीमतों में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष है। अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात ईरान के ठिकानों पर हमले किए। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करेगा तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है।
इस बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने का दावा किया है। कुछ जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि एक तेल टैंकर पर हमले की भी खबर सामने आई। इन घटनाओं ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बाजार की चिंता और बढ़ा दी है।
कच्चे तेल बाजार की मुख्य बातें
- Brent Crude: 96 डॉलर प्रति बैरल
- WTI Crude: 88.27 डॉलर प्रति बैरल
- मुख्य वजह: अमेरिका-ईरान सैन्य तनाव
- चिंता: वैश्विक तेल आपूर्ति
- असर: महंगाई और ईंधन लागत बढ़ने की आशंका
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उनके नियंत्रण में है और जब तक क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियान जारी रहेगा, तब तक वहां से जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं हो सकेगी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन बाजार में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
दूसरी ओर अमेरिका में पिछले सप्ताह कच्चे तेल का भंडार 20 लाख बैरल बढ़ गया। यह वृद्धि उस समय हुई जब रिफाइनरियों की गतिविधियां धीमी रहीं, निर्यात कम हुआ और आयात बढ़ गया। आमतौर पर ज्यादा भंडार कीमतों पर दबाव डालता है, लेकिन इस समय भू-राजनीतिक तनाव का असर अधिक मजबूत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों की नजर किन स्तरों पर
- संभावित लक्ष्य: 100 डॉलर प्रति बैरल
- मजबूत स्तर: 85 डॉलर के ऊपर
- तेजी का संकेत: 88 से 88.5 डॉलर के ऊपर
- कमजोरी का स्तर: 84 डॉलर के नीचे
- फोकस: अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया की स्थिति
बाजार की नजर भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर
कमोडिटी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं तो Oil की कीमतें जल्द ही 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच सकती हैं। फिलहाल बाजार में निकट अवधि की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है, जिससे कीमतों में तेजी बनी हुई है.
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार अमेरिकी कच्चा तेल फिलहाल 85 डॉलर के ऊपर मजबूत स्थिति में बना हुआ है। यदि कीमतें 88 से 88.5 डॉलर के स्तर को पार कर जाती हैं तो तेजी और बढ़ सकती है। वहीं 84 डॉलर के नीचे फिसलने पर कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। फिलहाल विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में Market की दिशा पूरी तरह अमेरिका-ईरान संघर्ष और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। कमोडिटी या निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह लें।
