अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर आयात शुल्क (टैरिफ) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। एक ही सप्ताह में कई देशों के खिलाफ नए टैरिफ और व्यापारिक कदमों की घोषणा कर उन्होंने वैश्विक व्यापार बाजार में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है। खास तौर पर यूरोपीय संघ (EU), कनाडा, ब्राजील और दवा उद्योग से जुड़े फैसलों ने अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर असर डालने की संभावना बढ़ा दी है।
ट्रंप के नए टैरिफ फैसलों से बढ़ी वैश्विक व्यापार चिंता
सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका ने कनाडा से आने वाले कुछ उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह फैसला ऑटोमोबाइल, डेयरी और शराब से जुड़े व्यापारिक विवादों के बीच लिया गया। अमेरिका ने इसके लिए पुराने व्यापार कानून की धारा 338 का इस्तेमाल किया, जिसका पहले कभी टैरिफ लगाने के लिए उपयोग नहीं किया गया था।
इसके बाद ट्रंप ने Generic दवा बनाने वाली कंपनियों को दो साल का समय दिया। उन्होंने कहा कि यदि कंपनियां अपना उत्पादन अमेरिका में नहीं लाती हैं तो वर्ष 2028 से उन पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया जाएगा। इससे भारत, चीन और यूरोप जैसे देशों की दवा कंपनियों पर असर पड़ सकता है।
🌍 ट्रंप के प्रमुख टैरिफ फैसले
- कनाडा: कुछ उत्पादों पर 50% तक टैरिफ
- दवा उद्योग: उत्पादन अमेरिका नहीं लाने पर 2028 से 100% आयात शुल्क
- ब्राजील: कई उत्पादों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ
- EU: नए व्यापारिक कदमों की चेतावनी
- प्रभाव: वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ी
ब्राजील और अन्य व्यापारिक साझेदारों पर असर
बुधवार को अमेरिका ने ब्राजील से आने वाले कई उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लागू कर दिया। हालांकि कॉफी, बीफ और कुछ एथेनॉल उत्पादों को इससे छूट दी गई है। इसके जवाब में ब्राजील सरकार ने प्रभावित निर्यातकों की मदद के लिए राहत पैकेज की घोषणा की।
गुरुवार को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने कई प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों से आने वाले सामान पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक नया टैरिफ लागू करने की घोषणा की। अमेरिका का कहना है कि कई देशों में जबरन श्रम से जुड़े नियम पर्याप्त नहीं हैं या उनका सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। इसके बाद अमेरिका की औसत प्रभावी Tariff दर बढ़कर लगभग 10.7 प्रतिशत हो गई।
शुक्रवार को छोटे कारोबारियों ने अमेरिकी अदालत में ट्रंप प्रशासन के खिलाफ दो मुकदमे दायर किए। उनका आरोप है कि सरकार ने व्यापार कानून का गलत इस्तेमाल कर नए आयात शुल्क लगाए हैं।
📊 व्यापार विवाद की मुख्य बातें
- नई दर: 10% से 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ
- औसत प्रभावी Tariff: लगभग 10.7%
- ब्राजील: राहत पैकेज की घोषणा
- मुकदमे: छोटे कारोबारियों ने अदालत का रुख किया
- संभावित असर: Trade, Export, Import और Market पर दबाव
यूरोपीय संघ के साथ बढ़ता व्यापारिक तनाव
इसी दिन ट्रंप ने यूरोपीय संघ को भी नई चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि Google पर लगाए गए करीब एक अरब डॉलर के जुर्माने के जवाब में अमेरिका यूरोपीय संघ के खिलाफ नई जांच शुरू करेगा। इसके बाद जरूरत पड़ने पर यूरोपीय उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। हालांकि इस जांच की प्रक्रिया पूरी होने में कई महीने लग सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख बताता है कि अमेरिका आने वाले समय में भी व्यापार नीति में सख्ती बनाए रख सकता है। इससे वैश्विक Trade, Export, Import और Market पर असर पड़ने की संभावना बनी रहेगी। वहीं कई देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में फिर से तनाव बढ़ सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य के लिए है। नीतियों और फैसलों में समय के साथ बदलाव संभव है।
