Origin Robotics Funding 2026: कंपनी ने जुटाए 2 करोड़ डॉलर

निर्माण क्षेत्र में काम को आसान बनाने और मजदूरों की कमी की समस्या दूर करने के लिए तकनीक आधारित कंपनी ओरिजिन ने 2 करोड़ डॉलर यानी करीब 20 मिलियन डॉलर की राशि जुटाई है। इस निवेश का नेतृत्व एक्सेल और जाकुआ वेंचर्स ने किया है।

इसके अलावा, यूनिलेजर वेंचर्स, स्कीमा वेंचर्स, जेड21, आईएसएआई और इमाद वेंचर्स सहित कुछ मौजूदा ग्राहकों ने भी निवेश किया है। कंपनी का लक्ष्य अमेरिका और यूरोप में अपने निर्माण रोबोट का इस्तेमाल बढ़ाना है। इसके लिए वह अगले साल के अंत तक 150 स्वचालित रोबोट तैयार करने की योजना बना रही है।

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निर्माण क्षेत्र में रोबोट का इस्तेमाल बढ़ाएगी ओरिजिन

ओरिजिन ऐसे रोबोट विकसित करती है, जो घरों के अंदर निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम कर सकते हैं। अमेरिका और यूरोप में बड़े निर्माण ठेकेदारों के सामने कुशल मजदूरों की कमी और उन्हें काम पर रखने की बढ़ती लागत बड़ी चुनौती है। कंपनी का दावा है कि उसके रोबोट इस्तेमाल करने से ठेकेदारों को खर्च में लगभग 20 प्रतिशत तक बचत हो सकती है। ओरिजिन के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेश घातुरले के अनुसार, अमेरिका में पांच कुशल कर्मचारियों की एक टीम पर हर महीने करीब 50,000 डॉलर खर्च हो सकते हैं। ऐसे में रोबोट की मदद से काम करने पर कंपनियों को लागत कम करने में मदद मिल सकती है।

ओरिजिन की योजना से जुड़ी मुख्य बातें

  • कंपनी ने 2 करोड़ डॉलर का निवेश जुटाया है।
  • अगले साल के अंत तक 150 स्वचालित रोबोट तैयार करने की योजना है।
  • कंपनी के अनुसार, रोबोट के इस्तेमाल से निर्माण लागत में लगभग 20 प्रतिशत तक बचत हो सकती है।
  • फिलहाल अमेरिका और यूरोप में कंपनी के छह रोबोट काम कर रहे हैं।
  • कंपनी रोबोट को बेचने के बजाय मासिक सदस्यता पर उपलब्ध कराती है।

दीवारों की रंगाई और मरम्मत में मदद करेंगे रोबोट

कंपनी भविष्य में ऐसे रोबोट विकसित करना चाहती है, जो घरों के अंदर कई तरह के काम कर सकें। इनमें हीटिंग और हवा के आवागमन से जुड़ी प्रणालियां लगाना, पाइपलाइन का काम और दीवारों पर पेंट करना शामिल है। हालांकि, फिलहाल कंपनी का प्रमुख रोबोट ओजी-1 मुख्य रूप से दीवारों की सतह तैयार करने और रंगाई का काम करता है। इसमें दीवारों को घिसकर चिकना करना, प्राइमर लगाना और अंतिम रंग करना शामिल है।

ओजी-1 रोबोट कैसे करता है काम?

ओजी-1 को घरों के अंदर दीवारों की तैयारी और रंगाई जैसे कार्यों के लिए विकसित किया गया है। यह दीवारों को चिकना करने से लेकर प्राइमर और अंतिम रंग लगाने तक के काम कर सकता है। कंपनी का लक्ष्य भविष्य में इस तकनीक को अन्य निर्माण और मरम्मत संबंधी कार्यों के लिए भी विकसित करना है।

2025 में शुरू हुई थी कंपनी

ओरिजिन की स्थापना जनवरी 2025 में योगेश घातुरले, आशीष डागा और तुषार मक्कर ने की थी। कंपनी ने अक्टूबर 2025 में शुरुआती परीक्षण और रोबोट की तैनाती शुरू की। फिलहाल अमेरिका और यूरोप के बाजारों में उसके छह रोबोट काम कर रहे हैं। कंपनी अब मौजूदा ग्राहकों के साथ रंगाई का काम बढ़ाने, पहले से तय परियोजनाओं को पूरा करने और नए परीक्षण शुरू करने पर ध्यान दे रही है। इसके साथ ही वह उत्पादन क्षमता बढ़ाने और दोनों क्षेत्रों में रोबोट लगाने तथा उनका संचालन करने वाली टीम तैयार करने की योजना पर काम कर रही है।

कंपनी के सामने मौजूद अवसर और चुनौतियां

  • कुशल मजदूरों की कमी निर्माण कंपनियों को स्वचालित तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है।
  • रोबोट के इस्तेमाल से श्रम लागत कम करने की संभावना है।
  • उत्पादन बढ़ाने के साथ रोबोट की तैनाती और रखरखाव की व्यवस्था तैयार करना जरूरी होगा।
  • निर्माण स्थलों की अलग-अलग परिस्थितियों में रोबोट का भरोसेमंद प्रदर्शन सुनिश्चित करना एक चुनौती है।

निर्माण क्षेत्र की रोबोट तकनीक में बढ़ा निवेश

निर्माण क्षेत्र में रोबोट का इस्तेमाल अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। पिचबुक के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही तक निर्माण क्षेत्र में रोबोट तकनीक से जुड़ी कंपनियों को लगभग 1.3 अरब डॉलर का निवेश मिला था। इसकी तुलना में वर्ष 2024 के पूरे साल में इस क्षेत्र को करीब 61.2 करोड़ डॉलर की राशि मिली थी। हालांकि, इस क्षेत्र में दीवारों की रंगाई, इमारतों के अंदर तकनीकी काम और बाहरी हिस्सों पर काम करने वाले रोबोट विकसित करना अभी अधिक जोखिम वाला कारोबार माना जाता है।

रोबोट सेवा के रूप में उपलब्ध कराने का मॉडल

ओरिजिन अपने रोबोट सीधे ग्राहकों को बेचने के बजाय सदस्यता आधारित मॉडल पर उपलब्ध कराती है। इस व्यवस्था को रोबोट सेवा के रूप में भी जाना जाता है। इसमें ग्राहक रोबोट खरीदने के बजाय उसका इस्तेमाल करने के लिए हर महीने भुगतान करते हैं। कंपनी के अनुसार, इसके लिए ग्राहकों से मासिक 25,000 से 40,000 डॉलर तक लिए जाते हैं। योगेश घातुरले ने बताया कि फिलहाल कंपनी के मौजूदा समझौतों का औसत मूल्य 20 लाख से 25 लाख डॉलर के बीच है। आगे नए समझौते होने पर कंपनी को उम्मीद है कि यह राशि बढ़कर 50 लाख से एक करोड़ डॉलर तक पहुंच सकती है। हालांकि, कंपनी ने अपने कुल समझौतों की संख्या सार्वजनिक नहीं की है। भारत में निर्माण कंपनियों के लिए इस सेवा की शुरुआत होने में अभी कुछ साल लग सकते हैं।

सदस्यता मॉडल से कैसे कमाई करती है कंपनी?

इस मॉडल में निर्माण कंपनियों को रोबोट खरीदने के लिए एकमुश्त बड़ी राशि खर्च नहीं करनी पड़ती। इसके बजाय वे उसके इस्तेमाल के लिए हर महीने भुगतान करती हैं। इससे ग्राहकों को स्वचालित तकनीक अपनाने का एक अलग विकल्प मिलता है, जबकि ओरिजिन को नियमित आय प्राप्त करने का अवसर मिलता है। हालांकि, वास्तविक बचत परियोजना के आकार, काम की अवधि और रोबोट के इस्तेमाल पर निर्भर कर सकती है।

हार्डवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार हो रही तकनीक

ओरिजिन हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मिलाकर निर्माण क्षेत्र के लिए एक संपूर्ण तकनीकी प्रणाली तैयार कर रही है। उसका रोबोट तीन पहियों वाला है और इसकी चौड़ाई लगभग 600 से 700 मिलीमीटर है। यह 14 फीट तक की ऊंचाई पर काम कर सकता है और बाजार में आसानी से मिलने वाले बिजली से चलने वाले औजारों का इस्तेमाल करता है। कंपनी के अनुसार, जरूरत के हिसाब से इसमें औजार बदलकर नए प्रकार के काम करने की क्षमता जोड़ी जा सकती है।

रोबोट को बेहतर बनाने के लिए आंकड़ों का इस्तेमाल

सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में कंपनी निर्माण कार्यों के लिए विशेष तकनीकी मॉडल विकसित कर रही है। इनकी मदद से रोबोट आसपास की वस्तुओं को पहचान सकते हैं, निर्माण स्थल पर मौजूद सामान के बीच रास्ता बना सकते हैं, रुकावटों से बच सकते हैं और छत पर भी काम कर सकते हैं। इन रोबोटों को बेहतर बनाने के लिए कंपनी तीन तरह के आंकड़ों का इस्तेमाल करती है। पहला, वास्तविक निर्माण स्थलों पर काम करते समय रोबोट से मिलने वाली जानकारी। दूसरा, कंप्यूटर पर तैयार किए गए वास्तविक जैसे दिखने वाले नकली वातावरण और आंकड़े। तीसरा, प्रयोगशाला में अलग-अलग परिस्थितियां बनाकर किए जाने वाले परीक्षण। कंपनी के अनुसार, शुरुआती दौर में कृत्रिम रूप से तैयार आंकड़ों और प्रयोगशाला के परीक्षणों पर अधिक निर्भरता थी, लेकिन अब वास्तविक निर्माण स्थलों से मिलने वाली जानकारी तेजी से बढ़ रही है।

वास्तविक निर्माण स्थलों से मिल रही जानकारी

निर्माण स्थलों पर काम करते समय रोबोट को अलग-अलग तरह की वस्तुओं, रास्तों और रुकावटों का सामना करना पड़ता है। वास्तविक परिस्थितियों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर कंपनी अपनी तकनीक में सुधार कर सकती है। इसके साथ ही कंप्यूटर पर तैयार किए गए वातावरण और प्रयोगशाला में किए गए परीक्षण रोबोट को अलग-अलग परिस्थितियों में काम करने के लिए प्रशिक्षित करने में मदद करते हैं।

निर्माण उद्योग में रोबोट का भविष्य

ओरिजिन का लक्ष्य निर्माण क्षेत्र में मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत जैसी समस्याओं के समाधान के लिए स्वचालित तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है। कंपनी फिलहाल दीवारों की तैयारी और रंगाई जैसे कामों पर ध्यान दे रही है, लेकिन भविष्य में अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी रोबोट विकसित करना चाहती है। उसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि रोबोट अलग-अलग निर्माण स्थलों पर कितनी विश्वसनीयता से काम करते हैं और ग्राहकों को वास्तविक बचत कितनी मिलती है।

निर्माण रोबोट और स्वचालन क्षेत्र में निवेश से जुड़ी जानकारी के लिए पिचबुक की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। वहां उपलब्ध उद्योग संबंधी रिपोर्टों से निवेश के रुझानों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिल सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. ओरिजिन कंपनी क्या काम करती है?

ओरिजिन निर्माण और मरम्मत से जुड़े कामों के लिए रोबोट विकसित करती है। इसका प्रमुख रोबोट ओजी-1 दीवारों की सतह तैयार करने, उन्हें चिकना करने, प्राइमर लगाने और रंगाई करने जैसे कामों में मदद करता है।

2. ओरिजिन ने कितना निवेश जुटाया है?

दिए गए विवरण के अनुसार, ओरिजिन ने 2 करोड़ डॉलर का निवेश जुटाया है। इस निवेश का नेतृत्व एक्सेल और जाकुआ वेंचर्स ने किया, जबकि कई अन्य निवेशकों और मौजूदा ग्राहकों ने भी इसमें भाग लिया।

3. ओरिजिन के रोबोट इस्तेमाल करने से कितना खर्च बच सकता है?

कंपनी का दावा है कि उसके रोबोट के इस्तेमाल से निर्माण ठेकेदारों को लागत में लगभग 20 प्रतिशत तक बचत हो सकती है। वास्तविक बचत काम के प्रकार, परियोजना की अवधि और रोबोट के इस्तेमाल की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

4. ओरिजिन अपने रोबोट ग्राहकों को कैसे उपलब्ध कराती है?

ओरिजिन सदस्यता आधारित मॉडल अपनाती है, जिसमें ग्राहक रोबोट खरीदने के बजाय उसका इस्तेमाल करने के लिए हर महीने भुगतान करते हैं। कंपनी के अनुसार, मासिक शुल्क 25,000 से 40,000 डॉलर तक हो सकता है।

5. क्या ओरिजिन भारत में भी अपनी सेवा शुरू करेगी?

कंपनी की भारत में निर्माण कंपनियों के लिए अपनी सेवा शुरू करने की योजना को लेकर अभी तत्काल शुरुआत की जानकारी नहीं दी गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, भारत में इस सेवा के आने में कुछ साल लग सकते हैं।

निष्कर्ष

ओरिजिन निर्माण क्षेत्र में मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत से निपटने के लिए रोबोट तकनीक विकसित कर रही है। नए निवेश से कंपनी को उत्पादन और तैनाती बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसकी दीर्घकालीन सफलता रोबोट की विश्वसनीयता, ग्राहकों की मांग और वास्तविक लागत बचत पर निर्भर करेगी।

अस्वीकरण

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। इसमें दिए गए निवेश, लागत और प्रदर्शन संबंधी आंकड़े उपलब्ध विवरण पर आधारित हैं। किसी व्यावसायिक निर्णय से पहले संबंधित स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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