गुजरात सरकार राज्य में सेमीकंडक्टर, artificial intelligence, डेटा सेंटर और कौशल विकास से जुड़े निवेश को बढ़ाने के लिए कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अमेरिका दौरे के दौरान Micron, Google, Perplexity AI और The Indus Entrepreneurs के प्रतिनिधियों के साथ संभावित सहयोग और निवेश को लेकर चर्चा की।
गुजरात में तकनीकी निवेश बढ़ाने की तैयारी
यह दौरा Vibrant Gujarat Summit 2027 से जुड़ी तैयारियों के तहत किया जा रहा है। बातचीत में गुजरात में तकनीकी निवेश बढ़ाने के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजिटल ढांचे जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

Micron के साथ बैठक के दौरान कंपनी के चेयरमैन संजय मेहरोत्रा ने गुजरात सरकार की ओर से Sanand स्थित कंपनी की परियोजना के लिए 20 एकड़ जमीन को मंजूरी देने की प्रक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग से कंपनी की सेमीकंडक्टर इकाई में व्यावसायिक उत्पादन जल्द शुरू करने में मदद मिल सकती है।
Sanand और Dholera बन रहे सेमीकंडक्टर केंद्र
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने फरवरी 2026 में Sanand में Micron की सेमीकंडक्टर सुविधा के उद्घाटन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में Sanand और Dholera गुजरात में सेमीकंडक्टर उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। इससे राज्य में इस क्षेत्र से जुड़े अन्य निवेश के लिए भी माहौल मजबूत हो सकता है।
Google के साथ हुई बातचीत में युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी शिक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। कंपनी ने गुजरात के साथ मिलकर कौशल विकास के क्षेत्र में काम करने में रुचि दिखाई है। बैठक में खेती में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल पर भी विचार किया गया।
💻 गुजरात का तकनीकी निवेश फोकस
- सेमीकंडक्टर: Sanand और Dholera में उद्योग को बढ़ावा
- Artificial Intelligence: शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में इस्तेमाल
- डेटा सेंटर: नई डिजिटल सुविधाओं की संभावनाओं पर चर्चा
- कौशल विकास: युवाओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रशिक्षण
- डिजिटल ढांचा: तकनीकी कंपनियों के साथ सहयोग बढ़ाने की तैयारी
कृषि और शिक्षा में AI के इस्तेमाल पर जोर
कृषि क्षेत्र में फसल के पैटर्न, मिट्टी और मौसम से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग कैसे किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा Google Workspace Sovereign AI से जुड़ी संभावनाओं पर बातचीत हुई, जिसका उद्देश्य डेटा की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद करना है।
Perplexity AI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद श्रीनिवास के साथ मुख्यमंत्री की अलग बैठक भी हुई। इसमें गुजरात में कंपनी की इंजीनियरिंग और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही राज्य में डेटा सेंटर स्थापित करने या किसी डेवलपर के साथ मिलकर मिश्रित व्यवस्था तैयार करने की संभावना पर भी विचार किया गया।
डेटा सेंटर और कौशल विकास पर भी बातचीत
The Indus Entrepreneurs के प्रतिनिधियों ने भी गुजरात के साथ सहयोग में रुचि दिखाई। बातचीत में स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण और युवाओं को अलग-अलग कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों का प्रशिक्षण देने जैसे विषय शामिल रहे।
🤝 संभावित तकनीकी सहयोग के क्षेत्र
- Micron: सेमीकंडक्टर निर्माण और Sanand परियोजना
- Google: AI शिक्षा, कौशल विकास और कृषि
- Perplexity AI: इंजीनियरिंग, अनुसंधान और डेटा सेंटर
- The Indus Entrepreneurs: स्वास्थ्य और AI प्रशिक्षण
- मुख्य लक्ष्य: वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए मजबूत कारोबारी वातावरण
इन बैठकों से गुजरात की उस रणनीति का संकेत मिलता है, जिसके तहत राज्य वैश्विक तकनीकी कंपनियों को आकर्षित कर सेमीकंडक्टर निर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल ढांचे और कुशल कर्मचारियों से जुड़ा मजबूत वातावरण तैयार करना चाहता है। सरकार शिक्षा, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी तकनीकी सहयोग के जरिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दे रही है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य के लिए है और इसे निवेश या कारोबारी सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
