Global market में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद भारत में गुरुवार 23 जुलाई को Petrol और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 95.5 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जो पिछले छह सप्ताह का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके बावजूद देश के अधिकांश शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। अमेरिका की ओर से ईरान पर नए सैन्य हमले और लाल सागर में जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर पहुंचा दिया है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ है।
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बेंगलुरु में पेट्रोल 111.68 रुपये और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है।
आज के ईंधन बाजार की मुख्य बातें
- ब्रेंट क्रूड: 95.5 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर
- दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये
- मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये
- चेन्नई: पेट्रोल 107.76 रुपये | डीजल 99.55 रुपये
- बेंगलुरु: पेट्रोल 111.68 रुपये | डीजल 99.56 रुपये
कुछ शहरों में कीमतों में मामूली बदलाव
कुछ शहरों में मामूली बदलाव भी देखने को मिला। भुवनेश्वर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि चंडीगढ़, जयपुर, नोएडा और तिरुवनंतपुरम में दोनों ईंधनों के दाम कुछ कम हुए हैं। वहीं हैदराबाद और पटना में भी हल्का बदलाव दर्ज किया गया है।
इस बीच अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार दो मिलियन बैरल बढ़ गया। इसका कारण रिफाइनरियों की धीमी गतिविधियां, निर्यात में कमी और आयात में बढ़ोतरी बताया गया है। हालांकि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
आगे क्या रह सकती है स्थिति
- मुख्य वजह: मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
- वैश्विक असर: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
- भारत: फिलहाल खुदरा कीमतें स्थिर
- संभावना: लंबे समय तक महंगा तेल रहने पर असर
- नजर: वैश्विक तेल बाजार की स्थिति पर
वैश्विक बाजार पर बनी रहेगी नजर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा बना रहता है, तो आने वाले दिनों में भारत में भी ईंधन की कीमतों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल Diesel और पेट्रोल के खुदरा दाम स्थिर हैं, लेकिन निवेशकों और उपभोक्ताओं की नजर अब वैश्विक तेल बाजार की आगे की स्थिति पर बनी हुई है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
