पंजाब सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना के किदवई नगर और मिलर गंज में दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों का विस्तार सरकारी शिक्षा को बेहतर बनाने और सभी बच्चों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने की सरकार की योजना का हिस्सा है।
इन दो नए कैंपस के शुरू होने के बाद लुधियाना में स्कूल ऑफ एमिनेंस की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। इसके अलावा जिले में 11 स्कूल ऑफ ब्रिलिएंस और 35 स्कूल ऑफ हैप्पीनेस भी संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बच्चों को उनकी आर्थिक स्थिति से अलग हटकर बेहतर शिक्षा मिल सके।
पंजाब में स्कूल ऑफ एमिनेंस का विस्तार
भगवंत मान ने बताया कि किदवई नगर स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस को करीब 10.62 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह कैंपस 8,300 वर्ग गज से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसमें 60 कमरे हैं, जिनमें 27 क्लासरूम, 7 लैब, लाइब्रेरी, प्रिंसिपल ऑफिस, 500 सीटों वाला ऑडिटोरियम और 9 वॉशरूम शामिल हैं।
वहीं मिलर गंज स्कूल ऑफ एमिनेंस को 3.48 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह स्कूल 1,800 वर्ग गज से ज्यादा क्षेत्र में तैयार किया गया है। इसमें 22 कमरे हैं, जिनमें 11 क्लासरूम, 7 लैब, प्रिंसिपल ऑफिस और 6 वॉशरूम शामिल हैं। छात्रों की सुविधा के लिए यहां लिफ्ट की व्यवस्था भी की गई है।
लुधियाना के नए स्कूल ऑफ एमिनेंस
- स्थान: किदवई नगर और मिलर गंज
- कुल संख्या: लुधियाना में 16 स्कूल ऑफ एमिनेंस
- किदवई नगर लागत: 10.62 करोड़ रुपये
- मिलर गंज लागत: 3.48 करोड़ रुपये
- उद्देश्य: सरकारी शिक्षा को बेहतर बनाना
- फोकस: आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
सरकारी स्कूलों में बढ़ रही सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि लुधियाना के इंदरपुरी में पहले शुरू किए गए स्कूल ऑफ एमिनेंस में भी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहां स्विमिंग पूल और टेनिस कोर्ट जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस स्कूल में छात्रों की संख्या 1,320 से बढ़कर 1,788 हो गई है, जो सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि लुधियाना जिले के करीब 200 सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है। जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग 3 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। सरकार पिछले चार सालों से शिक्षक प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम और नई शिक्षा पद्धतियों पर ध्यान दे रही है।
पंजाब शिक्षा सुधार के आंकड़े
- सरकारी स्कूल छात्र: करीब 3 लाख
- NEET सफलता: 2021 में 80 से बढ़कर 2026 में 881 छात्र
- JEE Main: 125 से ज्यादा सरकारी स्कूल छात्र सफल
- पैरेंट-टीचर मीटिंग: करीब 24 लाख अभिभावक शामिल
- मुफ्त बस सुविधा: करीब 20 हजार छात्रों को लाभ
- लड़कियां: 12 हजार छात्राएं शामिल
शिक्षा में असमानता कम करने का लक्ष्य
भगवंत मान ने दावा किया कि इन सुधारों के कारण पंजाब ने स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब अब प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहले स्थान पर है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब पंजाब स्कूल शिक्षा में 27वें स्थान पर था। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों से NEET परीक्षा पास करने वाले छात्रों की संख्या 2021 में 80 थी, जो 2026 में बढ़कर 881 हो गई है। वहीं इस साल सरकारी स्कूलों के 125 से ज्यादा छात्रों ने JEE Main परीक्षा भी पास की है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी स्कूलों की ओर से आयोजित पैरेंट-टीचर मीटिंग में करीब 24 लाख अभिभावकों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा लगभग 20 हजार छात्रों को मुफ्त बस सुविधा मिल रही है, जिसमें 12 हजार लड़कियां शामिल हैं।
स्कूल ऑफ एमिनेंस योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल ऑफ एमिनेंस योजना का उद्देश्य शिक्षा में असमानता को कम करना है, ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने स्कूलों का दौरा कर छात्रों और शिक्षकों से बातचीत की और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए उनके योगदान की सराहना की।
इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सरकारी बयान और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है।
