आईटीसी लिमिटेड के लिए मुश्किल दौर धीरे-धीरे खत्म होता नजर आ रहा है। जून तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद भी निवेशकों का भरोसा कंपनी पर बना हुआ है। सोमवार को आईटीसी के शेयरों में करीब 2% की तेजी देखने को मिली, हालांकि साल 2026 में अब तक कंपनी का शेयर लगभग 29% नीचे है।
कंपनी के सिगरेट कारोबार पर बढ़े हुए टैक्स का बड़ा असर पड़ा है। फरवरी में लागू हुई नई टैक्स व्यवस्था के कारण जून तिमाही में सिगरेट कारोबार का EBIT 35% घटकर 3,341 करोड़ रुपये रह गया। इसके बावजूद बाजार को उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन दिखाई दिया, क्योंकि दूसरी कंपनियों की तुलना में आईटीसी की गिरावट कम रही।
आईटीसी के सिगरेट कारोबार में सुधार के संकेत
आईटीसी के सिगरेट कारोबार में टैक्स बढ़ने के बाद कंपनी ने कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की, ताकि ग्राहक अवैध उत्पादों की ओर न जाएं। 20% से ज्यादा कीमत बढ़ाने के बाद भी सिगरेट से मिलने वाला राजस्व सालाना आधार पर 25% कम हुआ। वहीं बिक्री में गिरावट अनुमान से कम रही।
कंपनी की सिगरेट बिक्री मात्रा जून तिमाही में करीब 5% घटी, जबकि बाजार को लगभग 10% गिरावट की उम्मीद थी। यही कारण है कि निवेशकों को लग रहा है कि कंपनी का सबसे खराब दौर अब पीछे छूट सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में आईटीसी कीमतों में और बदलाव कर सकती है, जिससे मुनाफे पर दबाव कम हो सकता है।
आईटीसी के जून तिमाही अपडेट
- शेयर प्रदर्शन: सोमवार को करीब 2% तेजी
- 2026 प्रदर्शन: शेयर लगभग 29% नीचे
- सिगरेट EBIT: 35% घटकर 3,341 करोड़ रुपये
- सिगरेट बिक्री: करीब 5% की गिरावट
- कुल आय: 16,907 करोड़ रुपये
- EBITDA मार्जिन: 26.7%
FMCG कारोबार ने संभाला कंपनी का प्रदर्शन
हालांकि सिगरेट कारोबार आईटीसी के लिए अभी भी सबसे बड़ा मुनाफा देने वाला क्षेत्र है। इसके कमजोर प्रदर्शन का असर कंपनी के कुल नतीजों पर पड़ा। जून तिमाही में कंपनी की कुल आय 14.4% घटकर 16,907 करोड़ रुपये रही, जबकि EBITDA मार्जिन भी 5% कम होकर 26.7% पर आ गया।
दूसरी तरफ कंपनी के FMCG कारोबार ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इस क्षेत्र में आय में 12% की बढ़ोतरी हुई और मुनाफा करीब 20% बढ़ा। डेयरी, स्नैक्स, नूडल्स और फ्रोजन फूड जैसे उत्पादों की बिक्री में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। पर्सनल केयर उत्पादों में भी मजबूत ग्रोथ देखने को मिली।
आईटीसी के अन्य कारोबार की स्थिति
- FMCG: आय में 12% वृद्धि
- FMCG मुनाफा: करीब 20% बढ़ा
- डिजिटल ब्रांड: 1,500 करोड़ रुपये राजस्व स्तर
- पेपर कारोबार: आय में 9% वृद्धि
- पेपर मुनाफा: 38% की बढ़ोतरी
- कृषि कारोबार: आय में 17% गिरावट
नए ब्रांड और पेपर कारोबार से मिला सहारा
आईटीसी के नए डिजिटल ब्रांड और ऑर्गेनिक उत्पादों का कारोबार भी तेजी से बढ़ रहा है। Yogabar, 24 Mantra, Prasuma, Meatigo और Mother Sparsh जैसे ब्रांड अब लगभग 1,500 करोड़ रुपये के सालाना राजस्व स्तर पर पहुंच चुके हैं।
कंपनी के पेपरबोर्ड, पेपर और पैकेजिंग कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र में आय 9% बढ़ी, जबकि मुनाफे में 38% की वृद्धि हुई। लकड़ी की लागत में कमी और बेहतर उत्पादों की बिक्री से कंपनी को फायदा मिला।
निवेशकों की नजर आगे की रणनीति पर
हालांकि कृषि कारोबार में कमजोरी रही। तंबाकू की मांग कम होने, गेहूं व्यापार में देरी और पश्चिम एशिया संकट के कारण इस सेगमेंट की आय 17% घट गई।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि आईटीसी के सिगरेट कारोबार में बिक्री की मजबूती और अन्य क्षेत्रों में सुधार कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि महंगाई, कच्चे माल की कीमतों में बदलाव और मानसून जैसी चीजों पर नजर रखना जरूरी होगा। कुछ विशेषज्ञों ने कंपनी के शेयर को लेकर अपना रुख बेहतर करते हुए खरीदारी की सलाह दी है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों और बाजार विश्लेषण पर आधारित है, निवेश सलाह नहीं है।
