महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की राशि चोरी की जा रही थी। हालांकि, यह आरोप राज ठाकरे द्वारा लगाया गया है और मामले की जांच जारी है।
सिद्धिविनायक मंदिर चढ़ावा मामले में राज ठाकरे के आरोप
राज ठाकरे ने कहा कि मंदिर के दान पेटी से पैसे चोरी करने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्ट की सतर्कता के कारण पकड़ा गया। उन्होंने दावा किया कि चोरी पकड़े जाने से पहले मंदिर में हर सप्ताह मिलने वाला दान 50 लाख रुपये से कम था, लेकिन इसके बाद यह बढ़कर करीब 1.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
MNS प्रमुख ने कहा कि आज के समय में मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात रखने की मांग की। यह बयान उन्होंने अपनी पार्टी की छात्र इकाई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया।
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट ने दी मामले पर जानकारी
सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर ने बताया कि इस मामले में नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां भी जरूरत थी, वहां कानूनी कार्रवाई की गई है। ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर की आय पिछले दो साल में 114 करोड़ रुपये से बढ़कर 182 करोड़ रुपये हो गई है।
🛕 सिद्धिविनायक मंदिर मामले की मुख्य बातें
- आरोप: चढ़ावे की राशि में अनियमितता का दावा
- आरोप लगाने वाले: MNS प्रमुख राज ठाकरे
- दावा: हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की चोरी
- कार्रवाई: नौ कर्मचारियों की गिरफ्तारी
- ट्रस्ट आय: दो साल में 114 करोड़ से बढ़कर 182 करोड़ रुपये
वहीं, अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच भी जारी है। मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने बताया कि सोना, चांदी और अन्य चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है।
जांच के बाद मंदिर में दान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। दान पेटियों को खाली करने, गिनती करने और सुरक्षित रखने की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी बढ़ाई गई है।
राम मंदिर में दान प्रक्रिया को बनाया जा रहा पारदर्शी
मंदिर परिसर में मौजूद करीब 40 दान पेटियों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खोला जा रहा है। पूरी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग के लिए कैमरे लगाए गए हैं और निगरानी टीम भी तैनात की गई है।
🔍 मंदिर दान प्रक्रिया में नए कदम
- निगरानी: दान पेटियों की प्रक्रिया पर कैमरों से नजर
- गिनती: दान पेटियां अलग-अलग दिनों में खोली जा रही हैं
- सुरक्षा: निगरानी टीम तैनात की गई
- उद्देश्य: दान व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना
- जांच: पुलिस और एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं
राम मंदिर और सिद्धिविनायक मंदिर से जुड़े मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है, आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी।
