साहिबगंज में गैस एजेंसियों पर कालाबाज़ारी के गंभीर आरोप

ज़िले में गैस की समस्या अब सड़कों तक पहुँच गई है। महादेवगंज में स्थित ‘माँ समुंद्र गैस एजेंसी’ और सकरोगढ़ में स्थित ‘स्वस्तिक गैस एजेंसी’ पर गैस के अनियमित वितरण और अवैध रूप से बेचने के गंभीर आरोप लगे हैं। मंगलवार को सैकड़ों ग्राहक इन एजेंसियों के दफ़्तरों के बाहर जमा हो गए, जिससे वहाँ काफ़ी हंगामा हुआ।

Gas वितरण में अनियमितता पर बढ़ा हंगामा

ग्राहकों का आरोप है कि बुकिंग करवाने के बाद भी एजेंसियाँ स्टॉक की कमी का बहाना बनाकर उनकी बुकिंग रद्द कर देती हैं। उनका कहना है कि आम ग्राहकों को तो बहुत कम संख्या में सिलेंडर दिए जाते हैं, जबकि बाकी सिलेंडर आस-पड़ोस के खुदरा विक्रेताओं और बिचौलियों को मनमानी कीमतों पर बेच दिए जाते हैं। ये बिचौलिए फिर उन्हीं सिलेंडरों को ज़रूरतमंद ग्राहकों को ₹2,000 तक की ऊँची कीमत पर बेच देते हैं।

🔥 गैस संकट से बढ़ी लोगों की परेशानी

  • स्थान: महादेवगंज और सकरोगढ़
  • एजेंसियां: माँ समुंद्र गैस एजेंसी और स्वस्तिक गैस एजेंसी
  • मुख्य आरोप: गैस का अनियमित वितरण और अवैध बिक्री
  • ग्राहकों की शिकायत: बुकिंग रद्द कर स्टॉक खत्म बताना
  • ब्लैक मार्केट रेट: सिलेंडर ₹2,000 तक में बिक्री
  • स्थिति: एजेंसी कार्यालयों के बाहर हंगामा

होम डिलीवरी बंद होने से ग्रामीण परेशान

इसके अलावा, गाँव वालों का यह भी कहना है कि इन एजेंसियों की ‘होम डिलीवरी’ (घर पर गैस पहुँचाने की सेवा) लगभग पूरी तरह से बंद हो चुकी है; जब तक अतिरिक्त पैसे न दिए जाएँ, तब तक गैस की डिलीवरी नहीं की जाती। खबरों के मुताबिक, एजेंसी के कर्मचारी खुद ही ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि वे आस-पास के खुदरा विक्रेताओं से ही सिलेंडर खरीदें।

गैस न मिलने के कारण, वहाँ मौजूद महिलाओं के घरों का खाना-पीना पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। वे अपने बच्चों के लिए समय पर दोपहर का खाना भी नहीं बना पा रही हैं, क्योंकि उन्हें अब लकड़ी और गोबर के उपलों (कंडों) पर खाना पकाना पड़ रहा है। गुस्साए ग्राहकों ने माँग की है कि खाद्य आपूर्ति विभाग और ज़िला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जाँच करे और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दे। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर ज़ोरदार विरोध-प्रदर्शन करेंगे।

⚠️ प्रशासन और एजेंसियों पर गंभीर सवाल

  • पेंडिंग बुकिंग: 30,000 से अधिक गैस सिलेंडर लंबित
  • DC की चेतावनी: आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई
  • मुख्य सवाल: गैस ₹2,000 में कौन बेच रहा?
  • संभावना: बिचौलियों और एजेंसी की मिलीभगत
  • जनता की मांग: निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई
  • चेतावनी: समस्या न सुलझी तो बड़ा आंदोलन

प्रशासन की चेतावनी के बावजूद जारी विवाद

अभी तक, न तो ‘स्वस्तिक गैस एजेंसी’ और न ही ‘माँ समुंद्र गैस एजेंसी’ के प्रशासन की ओर से इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान आया है। गौरतलब है कि सोमवार को उपायुक्त (DC) दीपक कुमार दुबे ने अधिकारियों को इस बात के लिए फटकार लगाई थी कि 30,000 से ज़्यादा गैस सिलेंडरों की बुकिंग अभी भी पेंडिंग (लंबित) पड़ी हुई है। इसके अलावा, उन्होंने ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी थी।

लेकिन, ऐसा लगता है कि ‘स्वस्तिक गैस एजेंसी’ अपनी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं करना चाहती। सीधा सा सवाल यह है कि जब उपायुक्त (DC) के निर्देशों के बावजूद गैस ₹2,000 में बिक रही है, तो इस पूरे सिस्टम में बिचौलिया कौन है? क्या कोई बाहरी व्यक्ति बिचौलिया है, या फिर खुद एजेंसी ही बिचौलिये की भूमिका निभा रही है? अब यह फ़ैसला सरकार को ही करना है कि वह दोषियों पर कार्रवाई करती है, या फिर लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होने देती है।

Conclusion

गैस वितरण में अनियमितता और ब्लैक मार्केटिंग के आरोपों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और दोषियों पर होने वाली सख्ती पर टिकी हुई है।

Disclaimer: यह खबर स्थानीय लोगों और संबंधित सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है, आधिकारिक जांच अभी जारी है।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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