समस्तीपुर से दिल्ली और बेंगलुरु तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने समेत रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग तेज हो गई है। इसी को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की समस्तीपुर जिला कमेटी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम से मुलाकात कर 17 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
समस्तीपुर से दिल्ली और बेंगलुरु के लिए सीधी ट्रेन की मांग
कर्पूरीग्राम स्टेशन पर बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के ठहराव के बाद उत्तर बिहार में रेल सुविधाओं को लेकर लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। लोगों का कहना है कि केवल एक ट्रेन का ठहराव काफी नहीं है, बल्कि क्षेत्र में बेहतर Connectivity और नई ट्रेनों की जरूरत है।
प्रतिनिधिमंडल ने समस्तीपुर-हसनपुर रेलखंड पर ट्रेनों की देरी की समस्या को दूर करने की मांग रखी। इसके अलावा नए बिथान स्टेशन से पटना और दरभंगा के लिए नियमित ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग भी की गई।
🚆 समस्तीपुर रेल सेवा विस्तार की मांग
- मुख्य मांग: समस्तीपुर से दिल्ली और बेंगलुरु सीधी ट्रेन
- मांग पत्र: डीआरएम को 17 सूत्री ज्ञापन
- जरूरत: नई ट्रेनों और बेहतर Connectivity की सुविधा
- क्षेत्र: उत्तर बिहार के यात्रियों को लाभ
- उद्देश्य: यात्री सुविधाओं का विस्तार
रेलवे अधिकारियों को सौंपा गया 17 सूत्री ज्ञापन
ज्ञापन में स्टेशन परिसर में बड़ा तिरंगा लगाने सहित कुल 17 मांगें रेलवे अधिकारियों के सामने रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल में जिला सचिव रामाश्रय महतो, सचिव मंडल सदस्य शाह जफर इमाम, सत्यनारायण सिंह, उपेंद्र राय और नीलम देवी समेत अन्य लोग शामिल थे।
कर्पूरीग्राम में बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के ठहराव को क्षेत्र के लोग बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। उनका कहना है कि इससे आसपास के यात्रियों को सुविधा मिली है और अब अन्य रेल सेवाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।
🚉 यात्रियों को नई रेल सुविधाओं की उम्मीद
- ठहराव: कर्पूरीग्राम में बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
- मांग: बिथान से पटना और दरभंगा ट्रेन सेवा
- समस्या: समस्तीपुर-हसनपुर रेलखंड पर देरी
- सुविधा: यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी
- आशा: रेलवे जल्द मांगों पर ध्यान देगा
स्थानीय लोगों को रेल सुविधाओं में सुधार की उम्मीद
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि रेल प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान देगा और समस्तीपुर क्षेत्र में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है, रेलवे फैसलों में बदलाव संभव है।
