SEC ने AI क्रिप्टो घोटाले में टेक्सास निवासी पर लगाया आरोप

अमेरिका में एक कथित AI-आधारित क्रिप्टो निवेश घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें SEC ने एक टेक्सास निवासी पर निवेशकों से लाखों डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है।

US अधिकारियों ने टेक्सास के एक व्यक्ति पर क्रिप्टोकरेंसी निवेश घोटाला चलाने का आरोप लगाया है। इस व्यक्ति ने निवेशकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलने वाले ट्रेडिंग बॉट्स के ज़रिए भारी मुनाफ़े का वादा करके $12 मिलियन से ज़्यादा की रकम जुटाई थी, लेकिन ये बॉट्स वादे के मुताबिक काम नहीं कर पाए। अब इस व्यक्ति पर धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं।

SEC का आरोप और निवेश घोटाले का खुलासा

AI क्रिप्टो निवेश घोटाले में आरोपी टेक्सास निवासी नाथन फुलर का प्रतीकात्मक चित्र
SEC ने AI आधारित क्रिप्टो निवेश योजना के जरिए करोड़ों डॉलर जुटाने के आरोप में टेक्सास निवासी पर कार्रवाई की।

 

‘द ब्लॉक’ के अनुसार, US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने बताया है कि टेक्सास के साइप्रेस में रहने वाले नाथन फुलर ने अक्टूबर 2022 से लेकर 2024 के मध्य तक, लगभग 150 निवेशकों से करीब $12.3 मिलियन की रकम हासिल की।

गुरुवार को ह्यूस्टन की एक संघीय अदालत में दायर एक मुक़दमे में यह दावा किया गया है कि फुलर ने ‘Privvy Investments LLC’ के अलावा ‘Gateway Digital Investments’ नाम की कंपनी का भी इस्तेमाल किया।

SEC के मुताबिक, फुलर ने निवेशकों को यह दावा करके लुभाया कि उसने AI-आधारित ऐसे अत्याधुनिक ट्रेडिंग बॉट्स बनाए हैं, जो क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफ़ॉर्म पर कीमतों में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को पहचानकर उनका फ़ायदा उठा सकते हैं।

AI ट्रेडिंग बॉट्स से बड़े मुनाफे का दावा

🤖 AI क्रिप्टो निवेश योजना की मुख्य बातें

  • मुख्य आरोपी: नाथन फुलर
  • कुल जुटाई गई राशि: $12.3 मिलियन
  • निवेशक: लगभग 150
  • दावा: AI ट्रेडिंग बॉट्स से भारी मुनाफा
  • वादा: 30-45 दिनों में 40% से 50% रिटर्न
  • स्थान: साइप्रेस, टेक्सास

‘द ब्लॉक’ के अनुसार, उसने निवेशकों को बताया था कि इस तकनीक से 30 से 45 दिनों के भीतर 40% से 50% तक का मुनाफ़ा मिल सकता है। कथित तौर पर, कई निवेशकों से तो सिर्फ़ 21 दिनों में ही 100% से ज़्यादा की कमाई का वादा किया गया था।

SEC ने कहा कि ये सभी वादे पूरी तरह से बेबुनियाद थे। कमीशन के अनुसार, फुलर ने निवेशकों को सॉफ़्टवेयर की AI क्षमताओं के बारे में जो कुछ भी बताया था, वह सब झूठ था। इसके अलावा, मुक़दमे में यह भी दावा किया गया है कि इस ट्रेडिंग सिस्टम में जोखिम-प्रबंधन (risk-management) की बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था; जैसे कि ‘स्टॉप-लॉस’ सुरक्षा कवच, जो बाज़ार में उतार-चढ़ाव के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में मददगार साबित होते हैं।

‘द ब्लॉक’ के अनुसार, SEC ने बताया कि फुलर ने निवेशकों से जुटाई गई कुल रकम में से सिर्फ़ $380,000 (यानी लगभग 3%) का ही इस्तेमाल क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए किया। और इन सौदों से उसे किसी भी तरह का कोई मुनाफ़ा नहीं हुआ।

निवेशकों की रकम का कथित दुरुपयोग

इसके विपरीत, अधिकारियों ने बताया कि फुलर ने लाखों डॉलर की रकम का दुरुपयोग अपने निजी इस्तेमाल के लिए किया। SEC के अनुसार, उसने कम से कम $6.2 मिलियन की रकम का गबन किया, जिसे उसने एक जीप, जुआ, ट्रेडिंग कार्ड, यात्रा और लगभग $1 मिलियन की कीमत वाली एक संपत्ति पर खर्च कर दिया।

‘द ब्लॉक’ के अनुसार, मुक़दमे में यह दावा भी किया गया है कि फुलर ने नए निवेशकों से मिली रकम में से लगभग $5.5 मिलियन का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को भुगतान करने के लिए किया। नियामकों ने इन लेन-देनों को ‘पॉन्ज़ी-स्कीम’ (Ponzi-like) जैसे भुगतान करार दिया है, जिनका मकसद निवेशकों के मन में यह भ्रम पैदा करना था कि यह एक मुनाफ़ा कमाने वाली निवेश कंपनी है।

SEC का तर्क है कि फुलर ने निवेशकों को भरोसा दिलाने और उन्हें और अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित करने के मकसद से कई तरह के झूठे बयान दिए थे।

फर्जी लाइसेंस और बीमा दावों का मामला

⚠️ SEC के प्रमुख आरोप

  • फर्जी AI दावे: बॉट्स में वास्तविक AI क्षमता नहीं थी
  • कथित गबन: $6.2 मिलियन
  • Ponzi-जैसे भुगतान: $5.5 मिलियन
  • फर्जी बीमा दावा: $5 मिलियन कवरेज का दावा
  • फर्जी कंपनी: Texas Guarantors and Securities
  • जांच एजेंसी: SEC Cyber and Emerging Technologies Unit

‘द ब्लॉक’ के अनुसार, एजेंसी ने बताया कि उसने निवेशकों को जानकारी दी थी कि उसकी कंपनी के पास एक श्योरिटी बॉन्ड और टेक्सास मनी-ट्रांसमीटर लाइसेंस मौजूद है। इसके अलावा, उसने यह भी दावा किया कि प्रोफेशनल लायबिलिटी इंश्योरेंस और फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (FDIC) कवरेज निवेशकों के पैसों को सुरक्षित रखते हैं।

SEC के अनुसार, इनमें से कोई भी दावा सच नहीं था। रेगुलेटर्स के मुताबिक, फुलर ने कथित तौर पर ‘टेक्सास गारंटीर्स एंड सिक्योरिटीज’ नाम की एक फर्जी इंश्योरेंस कंपनी बनाई थी।

‘द ब्लॉक’ के अनुसार, इस मुकदमे में उस पर यह आरोप भी लगाया गया है कि उसने biBERK का एक असली जैसा दिखने वाला इंश्योरेंस सर्टिफिकेट बनाकर निवेशकों को यह यकीन दिलाने की कोशिश की कि ‘प्रिवी इन्वेस्टमेंट्स’ के पास $5 मिलियन का प्रोफेशनल-लायबिलिटी कवरेज मौजूद है। SEC का दावा है कि फुलर जिस कवरेज का दावा कर रहा था, उसे असली पॉलिसी से साफ तौर पर बाहर रखा गया था।

ChatGPT और कथित फर्जी दस्तावेज़

SEC के अनुसार, निकासी और रिटर्न को लेकर बढ़ती चिंताओं के बावजूद, फुलर अपने इन फर्जी दावों की बदौलत निवेशकों का भरोसा बनाए रखने में कामयाब रहा।

SEC की शिकायत में इस घोटाले के आखिरी चरणों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के एक असामान्य इस्तेमाल का विस्तार से ज़िक्र किया गया है। ‘द ब्लॉक’ के अनुसार, जब जून 2024 में निवेशकों ने अपने पैसे निकालने की मांग शुरू की, तो फुलर ने कथित तौर पर ‘ब्लॉकचेन ऑडिट सॉल्यूशंस’ नाम की एक फर्जी कंपनी खड़ी कर दी। इसके बाद, SEC के मुताबिक, उसने ChatGPT की मदद से निवेशकों के लिए एक पत्र तैयार किया।

मुकदमे में यह दावा किया गया है कि इस पत्र के ज़रिए निवेशकों को गुमराह किया गया और उन्हें यह यकीन दिलाया गया कि उनके खाते कहीं और ट्रांसफर कर दिए गए हैं, और अब उन्हें कोई भी पैसा निकालने से पहले KYC वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। रेगुलेटर्स के अनुसार, इस पत्र का मकसद निकासी की प्रक्रिया में देरी करना और निवेशकों की अपने पैसे वापस मिलने को लेकर बढ़ती चिंताओं को शांत करना था।

SEC के मुकदमे के अनुसार, भले ही इस पत्र के पीछे जिस कंपनी का नाम था, उसका असल में कोई वजूद नहीं था, फिर भी इस संदेश से निवेशकों को यह लगा कि कोई स्वतंत्र ऑडिट या समीक्षा प्रक्रिया चल रही है। धोखाधड़ी से जुड़े इस सिविल मुकदमे से पहले भी ‘प्रिवी इन्वेस्टमेंट्स’ कई कानूनी पचड़ों में फंसी रही है।

दिवालियापन और कानूनी कार्रवाई

‘द ब्लॉक’ के अनुसार, सितंबर 2025 में टेक्सास के एक बैंकरप्सी जज ने फुलर को $12.5 मिलियन से ज़्यादा के कर्ज़ से मुक्ति (discharge) देने से साफ इनकार कर दिया था।

अमेरिकी न्याय विभाग ने पहले यह खुलासा किया था कि बैंकरप्सी की कार्यवाही के दौरान फुलर ने खुद यह बात स्वीकार की थी कि वह ‘प्रिवी इन्वेस्टमेंट्स’ को एक ‘पॉन्ज़ी स्कीम’ (धोखाधड़ी वाली निवेश योजना) के तौर पर चला रहा था और उसने कंपनी से जुड़े दस्तावेज़ों में भी हेराफेरी की थी।

‘द ब्लॉक’ के अनुसार, जब निवेशकों ने टेक्सास की एक राज्य अदालत में फुलर के खिलाफ मुकदमा दायर किया और अदालत द्वारा नियुक्त एक रिसीवर ने उसकी संपत्तियों को अपने कब्ज़े में ले लिया, तब अक्टूबर 2024 में फुलर ने ‘चैप्टर 7 बैंकरप्सी’ (दिवालियापन) के लिए अर्जी दी थी। दिवालियापन अदालत का फ़ैसला और फुलर की पिछली स्वीकारोक्ति SEC के सबसे नए मुक़दमे में शामिल नहीं हैं।

AI आधारित निवेश योजनाओं पर बढ़ती निगरानी

SEC की साइबर और नई टेक्नोलॉजी यूनिट—जो 2025 की शुरुआत में नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके होने वाली गड़बड़ियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बनाई गई एक विशेष प्रवर्तन इकाई है—ने इस जाँच में सहायता प्रदान की।

निवेश योजनाएँ, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मार्केटिंग के वादों पर आधारित थीं, कई हाई-प्रोफ़ाइल मामलों का विषय रही हैं, जिन पर इस इकाई ने मुक़दमा चलाया है। ‘द ब्लॉक’ के अनुसार, नियामकों ने PGI Global के संस्थापक रामिल पालाफ़ॉक्स पर एक कथित AI-संचालित ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ा $198 मिलियन का घोटाला चलाने का आरोप लगाया।

SEC ने अन्य कथित क्रिप्टोकरेंसी घोटालों पर भी कार्रवाई की है, जिन्होंने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए AI-संबंधित ब्रांडिंग का लाभ उठाया था। ‘द ब्लॉक’ के अनुसार, सरकार ने दिसंबर में कई धोखाधड़ी वाले क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफ़ॉर्म और तथाकथित AI निवेश क्लबों के संचालकों पर आरोप लगाया कि उन्होंने कथित तौर पर निवेशकों से लगभग $14 मिलियन की धोखाधड़ी की।

SEC ने फुलर पर धोखाधड़ी-रोधी और संघीय प्रतिभूति पंजीकरण आवश्यकताओं का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। एजेंसी एक ऐसा आदेश जारी करने का अनुरोध कर रही है जो उन्हें भविष्य की प्रतिभूति पेशकशों में भाग लेने से प्रतिबंधित करे, साथ ही वित्तीय दंड, कथित तौर पर अवैध रूप से कमाए गए मुनाफ़े की ब्याज सहित वापसी, और स्थायी निषेधाज्ञा की भी माँग कर रही है।

‘द ब्लॉक’ के लेख के अनुसार, SEC ने अपने मुक़दमे में कहा कि “जहाँ तक कोड ने काम भी किया, उसमें कोई AI क्षमताएँ नहीं थीं और उससे कोई राजस्व उत्पन्न नहीं हुआ।” इसके अतिरिक्त, एजेंसी ने कहा कि फुलर ने निवेशकों के सामने महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों—जैसे कि नियामक मंज़ूरी और बीमा कवरेज—के बारे में गलत जानकारी दी।

Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले स्वतंत्र वित्तीय सलाह अवश्य लें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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