सिंगापुर के शेयर बाजार में इस साल तेज बढ़त देखने को मिली है। पिछले एक महीने में यहां के शेयरों ने दुनिया के कई बड़े बाजारों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
ऊंचे लाभांश, मजबूत वित्तीय स्थिति और अर्थव्यवस्था के अनुकूल माहौल ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इस स्थिति को बाजार के कुछ जानकारों ने “Goldilocks” माहौल कहा है, जिसमें आर्थिक वृद्धि अच्छी रहती है और महंगाई नियंत्रण में बनी रहती है।
सिंगापुर शेयर बाजार में तेजी की बड़ी वजह
तकनीक से जुड़े निर्यात में मजबूत वृद्धि और उत्पादकता में सुधार से सिंगापुर की अर्थव्यवस्था को सहारा मिला है। महंगाई पर नियंत्रण रहने से कंपनियों की कमाई को भी फायदा हुआ है। इस वजह से सिंगापुर का प्रमुख शेयर सूचकांक इस साल अब तक करीब 23 प्रतिशत बढ़ चुका है और कई बार नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। पिछले साल भी इसमें करीब इतनी ही बढ़त दर्ज हुई थी।
निवेश प्रबंधकों का मानना है कि सिंगापुर के शेयरों में तेजी आगे भी जारी रह सकती है। देश की अर्थव्यवस्था में सुधार और स्थानीय मुद्रा के मजबूत होने से शेयर बाजार को सहारा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा संपत्ति प्रबंधन और Artificial Intelligence से जुड़े बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
बाजार में लगातार पांचवीं तिमाही तेजी
सिंगापुर का शेयर बाजार लगातार पांचवीं तिमाही में बढ़त की ओर बढ़ रहा है। यह करीब एक दशक में इसकी सबसे लंबी लगातार तेजी है। वैश्विक संघर्षों और तकनीकी शेयरों में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक ऐसे बाजारों की तलाश कर रहे हैं जहां वृद्धि के साथ स्थिरता भी मिल सके। इसी वजह से सिंगापुर के बाजार में संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
सिंगापुर के प्रमुख सूचकांक में तेजी के पीछे देश के तीन बड़े बैंकों का बड़ा योगदान रहा है। DBS Group Holdings, Oversea-Chinese Banking और United Overseas Bank के शेयर हाल के महीनों में कई बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे हैं। निवेशकों को खास तौर पर सिंगापुर के तेजी से बढ़ते संपत्ति प्रबंधन कारोबार में इन बैंकों की मौजूदगी आकर्षित कर रही है।
📈 सिंगापुर शेयर बाजार की बड़ी बातें
- इस साल बढ़त: प्रमुख शेयर सूचकांक करीब 23 प्रतिशत ऊपर
- लगातार तेजी: पांचवीं तिमाही में बढ़त की ओर
- मुख्य वजह: ऊंचे लाभांश और मजबूत वित्तीय स्थिति
- अर्थव्यवस्था: तकनीकी निर्यात और उत्पादकता से सहारा
- निवेश रुचि: संपत्ति प्रबंधन और Artificial Intelligence से जुड़े क्षेत्र
तीन बड़े बैंकों ने बाजार को दिया सहारा
इन तीनों बैंकों ने हाल में दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए, जो बाजार के अनुमान से बेहतर रहे। इनमें OCBC का प्रदर्शन सबसे मजबूत रहा। इस साल इसके शेयर में करीब 61 प्रतिशत की तेजी आई है, जिससे यह प्रमुख 30 शेयरों वाले सूचकांक का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला शेयर बन गया है।
सिंगापुर की मुद्रा भी पिछले तीन वर्षों में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत मजबूत हुई है। वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले बाजारों की ओर रुख किया है। सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण महंगाई को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय मुद्रा को अपने व्यापारिक साझेदारों की मुद्राओं के मुकाबले मजबूत रखने की नीति अपनाते हैं।
तेजी के बीच मूल्यांकन को लेकर सावधानी
कुछ निवेश प्रबंधक सिंगापुर को अभी भी आकर्षक बाजार मान रहे हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि शेयरों की कीमतें कंपनियों की कमाई की तुलना में काफी तेजी से बढ़ी हैं। मौजूदा मूल्यांकन वैश्विक वित्तीय संकट के बाद के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गया है।
Straits Times Index अपने अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई के 16 गुना से अधिक स्तर पर कारोबार कर रहा है। साथ ही सूचकांक में बैंकों का वजन भी काफी बढ़ गया है। DBS, OCBC और UOB मिलकर सूचकांक के कुल बाजार मूल्य का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। इससे बाजार का प्रदर्शन कुछ बड़ी बैंकिंग कंपनियों पर अधिक निर्भर हो गया है।
⚖️ सिंगापुर बाजार में अवसर और जोखिम
- अवसर: अर्थव्यवस्था में सुधार और मजबूत मुद्रा
- बैंकिंग: बड़े बैंकों के बेहतर प्रदर्शन से बाजार को सहारा
- निवेश क्षेत्र: संपत्ति प्रबंधन और Artificial Intelligence का बुनियादी ढांचा
- जोखिम: शेयरों का ऊंचा मूल्यांकन
- निर्भरता: सूचकांक में बड़े बैंकों का अधिक वजन
आगे भी निवेश के अवसर मौजूद
इसके बावजूद कुछ निवेश कंपनियों का मानना है कि सिंगापुर के शेयरों में आगे भी अवसर मौजूद हैं। हालांकि तेज बढ़त के बाद अब निवेश का चयन अधिक सावधानी से करना होगा। जिन कंपनियों की कमाई में स्थिरता, बेहतर रिटर्न और शेयरधारकों के लिए मूल्य बढ़ाने की क्षमता है, उनमें आगे भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है।
Disclaimer: यह जानकारी केवल समाचार उद्देश्य के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

