भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने कर्मचारियों से जुड़ी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर 17 अगस्त को देशभर में प्रदर्शन करने का फैसला किया है। संगठन का कहना है कि इन प्रदर्शनों के जरिए सरकार के सामने कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दे रखे जाएंगे। इनमें न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, महंगाई भत्ते को बदलती महंगाई से जोड़ने और कर्मचारी भविष्य निधि की सीमा बढ़ाने जैसी मांगें शामिल हैं।
BMS 17 अगस्त को देशभर में करेगा प्रदर्शन
BMS ने 13 अगस्त को बताया कि उसके केंद्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक जुलाई के अंत में रांची में हुई थी। बैठक में संगठन की सभी 28 राज्य इकाइयों और 42 औद्योगिक महासंघों को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, रैली और धरना आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिला अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और श्रम मंत्री को ज्ञापन सौंपने के लिए भी कहा गया है।
संगठन की प्रमुख मांगों में कर्मचारी पेंशन योजना के तहत न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग शामिल है। BMS चाहता है कि इस पेंशन को महंगाई भत्ते और आयुष्मान भारत योजना से भी जोड़ा जाए। इसके अलावा कर्मचारी राज्य बीमा के लिए वेतन सीमा को 21,000 रुपये से बढ़ाकर 42,000 रुपये करने की मांग की गई है।
पेंशन और कर्मचारी राज्य बीमा की सीमा बढ़ाने की मांग
कर्मचारी भविष्य निधि के लिए वेतन सीमा को भी 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग रखी गई है। संगठन का कहना है कि बोनस की गणना पूरे वेतन के आधार पर होनी चाहिए और इसकी सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए। ग्रेच्युटी की गणना के लिए मौजूदा 15 दिन के वेतन को बढ़ाकर 30 दिन करने और इस पर लगी सीमा हटाने की मांग भी की गई है।
BMS ने महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के आधार पर न्यूनतम मजदूरी तय करने की मांग की है। योजना से जुड़े कर्मचारियों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी और सभी तरह के ठेका कर्मचारियों के लिए समान काम के बदले समान वेतन की मांग भी शामिल है। संगठन ने मजदूरी में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों और कर्मचारियों की आपूर्ति करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
👷 कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
- न्यूनतम पेंशन: 7,500 रुपये करने की मांग
- EPF वेतन सीमा: 15,000 से 30,000 रुपये करने की मांग
- ESI वेतन सीमा: 21,000 से 42,000 रुपये करने की मांग
- ग्रेच्युटी: 15 दिन से 30 दिन के वेतन के आधार पर गणना
- ठेका कर्मचारी: समान काम के बदले समान वेतन
- न्यूनतम मजदूरी: महंगाई और जीवन-यापन लागत के आधार पर तय करने की मांग
पांच दिन काम और खाली पद भरने की मांग
इसके अलावा बैंकिंग व्यवस्था में पांच दिन काम करने की व्यवस्था लागू करने, सरकारी सेवाओं में खाली पदों को भरने और जल्द भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने की मांग भी रखी गई है। BMS ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग भी दोहराई है।
संगठन ने नए श्रम कानूनों के कुछ प्रावधानों का भी विरोध किया है। BMS का कहना है कि Industrial Relations Code और Occupational Safety, Health and Working Conditions Code में ऐसे प्रावधान हैं जो कर्मचारियों के हितों को प्रभावित कर सकते हैं।
योजना कर्मचारियों को कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
BMS ने योजना से जुड़े कर्मचारियों की स्थिति पर भी चिंता जताई है। संगठन के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारें इन कर्मचारियों से सेवाएं लेती हैं, लेकिन उन्हें कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। संगठन ने कहा है कि बदलते रोजगार ढांचे को देखते हुए असंगठित क्षेत्र के लिए देश की जरूरत के अनुसार नई नीति बनाई जानी चाहिए।
📢 17 अगस्त के प्रदर्शन की जानकारी
- संगठन: भारतीय मजदूर संघ (BMS)
- तारीख: 17 अगस्त
- कार्यक्रम: प्रदर्शन, रैली और धरना
- स्थान: जिला मुख्यालय
- ज्ञापन: प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और श्रम मंत्री को
- मुख्य मुद्दे: पेंशन, EPF, ESI, मजदूरी और श्रम कानून
Disclaimer: यह जानकारी समाचार उद्देश्य के लिए है और किसी सरकारी घोषणा या कर्मचारी लाभ की गारंटी नहीं है।

