जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा विशेषज्ञ सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को अस्पताल पहुंचाया। वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल भेजा।
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल भेजा गया
प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाने के दौरान बल प्रयोग किया गया। प्रदर्शन से जुड़े एक संगठन के सदस्य ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में कुछ लोगों के साथ मारपीट भी हुई और उन्हें हिरासत में लिया गया।
दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया कि सोनम वांगचुक की खराब होती स्वास्थ्य स्थिति और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने कहा कि यह कदम उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस ने संयम बरता और स्थिति को नियंत्रित तरीके से संभाला।
दिल्ली पुलिस ने दी कार्रवाई की जानकारी
पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से स्थान खाली करने की अपील भी की है। फिलहाल यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
सोनम वांगचुक लंबे समय से पर्यावरण और हिमालयी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनकी भूख हड़ताल को लेकर समर्थकों और प्रशासन के बीच मतभेद देखने को मिल रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाना चाहिए, जबकि प्रशासन उनकी स्वास्थ्य स्थिति को प्राथमिकता दे रहा है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है।

