अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा Supreme Court में दायर नई अपील के बाद E Jean Carroll मानहानि मामले की एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सर्वोच्च अदालत इस अपील पर सुनवाई के लिए सहमत होती है या नहीं।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़े मानहानि मामले में दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए Supreme Court का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत से उस फैसले को रद्द करने की मांग की है, जिसमें लेखिका E Jean Carroll को 8.33 करोड़ डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया गया था। ट्रंप का कहना है कि राष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने जो बयान दिए थे, वे उनके आधिकारिक पद से जुड़े थे और उन पर immunity लागू होनी चाहिए।
Donald Trump ने Supreme Court में क्यों दायर की अपील
यह मामला उन बयानों से जुड़ा है जो ट्रंप ने वर्ष 2019 में कैरोल के आरोपों का जवाब देते समय दिए थे। कैरोल ने दावा किया था कि कई साल पहले उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। ट्रंप ने इन आरोपों से इनकार किया था। बाद में अदालत में यह मामला पहुंचा और जूरी ने माना कि उनके बयान defamation के दायरे में आते हैं। इसके बाद कैरोल को बड़ी राशि का हर्जाना देने का फैसला सुनाया गया।
⚖️ मामले की मुख्य बातें
- मामला: Defamation Case
- अपीलकर्ता: Donald Trump
- शिकायतकर्ता: E Jean Carroll
- हर्जाना: 8.33 करोड़ डॉलर
- मुख्य तर्क: राष्ट्रपति पद की Immunity
- वर्तमान स्थिति: Supreme Court में नई अपील
ट्रंप की कानूनी टीम ने क्या तर्क दिया
अब ट्रंप की कानूनी टीम का कहना है कि अपील अदालत ने राष्ट्रपति को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा के मुद्दे पर सही तरीके से विचार नहीं किया। उनका तर्क है कि जब कोई राष्ट्रपति अपने पद पर रहते हुए आधिकारिक जिम्मेदारियों के तहत बयान देता है, तो उसके लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने सर्वोच्च अदालत से पूरे मामले की दोबारा सुनवाई करने की मांग की है।
ट्रंप के वकीलों ने यह भी दलील दी है कि इस मामले में व्यक्तिगत रूप से ट्रंप की जगह अमेरिकी सरकार को पक्षकार बनाया जाना चाहिए, क्योंकि बयान उनके राष्ट्रपति पद के दौरान दिए गए थे। उनका कहना है कि इस कानूनी पहलू पर भी अदालत को विस्तार से विचार करना चाहिए।
पहले अदालत ने क्या फैसला दिया था
दूसरी ओर, पहले की सुनवाई में अपील अदालत ने जूरी के फैसले को सही माना था। अदालत ने कहा था कि मामले के तथ्यों को देखते हुए दी गई हर्जाने की राशि उचित है। इसके बाद ट्रंप ने दोबारा सुनवाई की मांग की, लेकिन वह भी स्वीकार नहीं की गई। एक न्यायाधीश ने यह भी कहा था कि राष्ट्रपति को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा का तर्क बहुत देर से उठाया गया।
📌 आगे क्या हो सकता है
- नई अपील: Supreme Court के समक्ष
- यदि सुनवाई होती है: मामला दोबारा सुना जा सकता है
- यदि अपील खारिज होती है: पुराना फैसला बरकरार रह सकता है
- पिछला मामला: 5 मिलियन डॉलर हर्जाने का फैसला अलग है
- स्थिति: अंतिम निर्णय अभी बाकी
- अगला कदम: Supreme Court के निर्णय का इंतजार
यह मामला पहले से चल रहे एक अन्य फैसले से भी अलग है, जिसमें ट्रंप को पांच मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश मिला था। उस मामले में भी सर्वोच्च अदालत ने उनकी अपील सुनने से इनकार कर दिया था। अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार उस फैसले से जुड़ी राशि का बड़ा हिस्सा पहले ही कैरोल को मिल चुका है。
अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सर्वोच्च अदालत इस नई अपील पर सुनवाई के लिए सहमत होती है या नहीं। यदि अदालत इस मामले को स्वीकार करती है, तो अंतिम फैसला आने में अभी काफी समय लग सकता है। वहीं यदि सुनवाई से इनकार किया जाता है, तो पहले दिया गया फैसला बरकरार रह सकता है। फिलहाल इस मामले में अंतिम निर्णय आना बाकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी।
Disclaimer: यह जानकारी सार्वजनिक रिपोर्टों और उपलब्ध कानूनी दस्तावेजों पर आधारित है। अंतिम स्थिति अदालत के आगामी फैसले पर निर्भर करेगी।