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अमेरिका के राष्ट्रपति Trump प्रशासन ने देश में महत्वपूर्ण खनिजों का उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 3 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य देश में खनिजों और बैटरी से जुड़ी परियोजनाओं को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
अमेरिका में महत्वपूर्ण खनिजों के लिए 3 अरब डॉलर का निवेश
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को खनन क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों, निवेशकों, शिक्षाविदों और नेताओं के साथ हुई बैठक में कई निवेश योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका को महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन में अपनी मजबूत स्थिति फिर से हासिल करनी होगी।
घोषित निवेश में अमेरिकी रक्षा विभाग के रणनीतिक पूंजी कार्यालय की ओर से सिला नैनोटेक्नोलॉजीज को 1.4 अरब डॉलर तक का सशर्त ऋण शामिल है। यह कंपनी लिथियम-आयन बैटरी के लिए जरूरी हिस्से तैयार करती है। इसके अलावा स्कैंडियम खनन कंपनी सनराइज एनर्जी मेटल्स को 40 करोड़ डॉलर और चुंबक बनाने वाली कंपनी नाइरॉन मैग्नेटिक्स को 15 करोड़ डॉलर का सशर्त ऋण देने की योजना है।
अमेरिका के खनिज निवेश की मुख्य बातें
- कुल निवेश: करीब 3 अरब डॉलर
- सिला नैनोटेक्नोलॉजीज: 1.4 अरब डॉलर तक का सशर्त ऋण
- सनराइज एनर्जी मेटल्स: 40 करोड़ डॉलर
- नाइरॉन मैग्नेटिक्स: 15 करोड़ डॉलर
- मुख्य उद्देश्य: घरेलू खनिज उत्पादन बढ़ाना
- प्राथमिकता: आयात निर्भरता कम करना और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करना
अमेरिकी निर्यात-आयात बैंक की ओर से भी वेस्टवॉटर रिसोर्सेज, ग्लोबल एडवांस्ड मेटल्स और 5ई एडवांस्ड मैटेरियल्स को कुल 5.8 करोड़ डॉलर का ऋण दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि महत्वपूर्ण खनिजों का इस्तेमाल आधुनिक हथियारों, वाहनों और कई जरूरी औद्योगिक उत्पादों में होता है।
दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति बढ़ाने पर जोर
अमेरिकी प्रशासन का विशेष ध्यान दुर्लभ खनिजों की उपलब्धता बढ़ाने पर है। ईरान के साथ लंबे संघर्ष के दौरान बड़ी संख्या में सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलों और हवाई रक्षा उपकरणों का इस्तेमाल हुआ है। ऐसे में हथियारों के भंडार को फिर से भरने के लिए जरूरी कच्चे माल की मांग बढ़ गई है।
अमेरिका लंबे समय से चीन पर महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति के मामले में अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। दुर्लभ पृथ्वी तत्व, टंगस्टन, जर्मेनियम और स्कैंडियम जैसे खनिज आधुनिक हथियारों, लड़ाकू विमानों, बख्तरबंद वाहनों और सेंसर जैसी तकनीकों के निर्माण में इस्तेमाल होते हैं।
अमेरिकी सरकार का मानना है कि देश के भीतर खनन और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। इसके साथ ही सरकार कंपनियों को नई खदानें और प्रसंस्करण संयंत्र विकसित करने के लिए आर्थिक मदद भी दे रही है।
अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण खनिज क्यों जरूरी
- रक्षा: आधुनिक हथियारों और मिसाइलों में इस्तेमाल
- वाहन: इलेक्ट्रिक और अन्य वाहनों के लिए जरूरी
- तकनीक: सेंसर और अन्य तकनीकों में उपयोग
- बैटरी: लिथियम-आयन बैटरी से जुड़े हिस्सों के लिए जरूरी
- राष्ट्रीय सुरक्षा: विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करना
- Supply Chain: घरेलू उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता मजबूत करना
खनन शिक्षा के लिए 10 करोड़ डॉलर का अनुदान
खनन क्षेत्र में कुशल लोगों की कमी दूर करने के लिए शिक्षा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। ऊर्जा विभाग ने अमेरिका के सभी 14 मान्यता प्राप्त खनन विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और शिक्षा कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ डॉलर के अनुदान की घोषणा की।
सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में विश्वविद्यालयों से खनन क्षेत्र से जुड़े छात्रों की संख्या दोगुनी करना है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीन के पास खनन शिक्षा और विशेषज्ञों का बड़ा नेटवर्क है, जो वैश्विक खनिज उत्पादन में उसकी मजबूत स्थिति का एक कारण है।
ट्रंप प्रशासन ने सत्ता में लौटने के बाद रणनीतिक खनिज भंडार के लिए 12 अरब डॉलर की योजना शुरू की है। इसके अलावा अमेरिका में खनन और प्रसंस्करण परियोजनाओं वाली कंपनियों में निवेश बढ़ाया जा रहा है और Pentagon से जुड़े ठेकेदारों को चीन से मिलने वाली आपूर्ति पर निर्भरता कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश
अमेरिकी सरकार का कहना है कि लंबे समय तक चीन के निवेश के कारण कई महत्वपूर्ण खनिजों के खनन और प्रसंस्करण में उसकी मजबूत पकड़ बन गई है। नए निवेश के जरिए अमेरिका घरेलू उत्पादन बढ़ाकर अपनी Supply Chain को मजबूत करना चाहता है।
Disclaimer: यह जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। निवेश और सरकारी योजनाओं में बदलाव संभव है।
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