टीवीएस समूह के भीतर कारोबारी बंटवारे को लेकर परिवार में मतभेद की चर्चा तेज हो गई है। इस मामले के केंद्र में उद्योगपति वेणु श्रीनिवासन के बच्चे लक्ष्मी वेणु और सुदर्शन वेणु हैं।
42 वर्षीय लक्ष्मी वेणु अब ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी सुंदरम-क्लेटन का नेतृत्व कर रही हैं, जबकि उनके 37 वर्षीय छोटे भाई सुदर्शन वेणु टीवीएस होल्डिंग्स के प्रमुख हैं। यह कंपनी टीवीएस मोटर और समूह के कर्ज देने वाले कारोबार में हिस्सेदारी रखती है।
कारोबार के पुनर्गठन के बाद दोनों भाई-बहनों के पास अलग-अलग कंपनियों की जिम्मेदारी है, लेकिन इन कंपनियों के आकार और विकास की संभावनाओं में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
टीवीएस समूह में कारोबारी बंटवारे की वजह
इस विवाद का मुख्य कारण पिछले कुछ वर्षों में समूह के कारोबार में किए गए बदलाव हैं। वर्ष 2022 में सुंदरम-क्लेटन के पास टीवीएस मोटर की 50.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। उस समय कंपनी के वित्तीय नतीजों में टीवीएस मोटर की कमाई और मुनाफा भी शामिल होता था। इस वजह से सुंदरम-क्लेटन का कुल कारोबार काफी बड़ा दिखाई देता था। बाद में पुनर्गठन के दौरान टीवीएस मोटर की हिस्सेदारी टीवीएस होल्डिंग्स के पास चली गई, जबकि सुंदरम-क्लेटन के पास वाहन उद्योग के लिए कलपुर्जे बनाने का कारोबार रह गया। इस बदलाव से दोनों कंपनियों की कारोबारी स्थिति अलग हो गई।
बंटवारे से जुड़ी मुख्य बातें
- सुदर्शन वेणु टीवीएस होल्डिंग्स का नेतृत्व कर रहे हैं।
- लक्ष्मी वेणु सुंदरम-क्लेटन के ऑटो पार्ट्स कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
- पुनर्गठन के बाद टीवीएस मोटर की हिस्सेदारी टीवीएस होल्डिंग्स के पास चली गई।
- दोनों कंपनियों के कारोबार और वित्तीय स्थिति में अंतर दिखाई देता है।
सुंदरम-क्लेटन और टीवीएस मोटर के राजस्व में अंतर
इस बंटवारे से पहले लक्ष्मी वेणु जिस कंपनी का नेतृत्व कर रही थीं, उसका कारोबार राजस्व के आधार पर बड़ा था। वित्त वर्ष 2022-23 में सुंदरम-क्लेटन ने 33,564 करोड़ रुपये का राजस्व और 1,333 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। इसमें अधिकांश योगदान टीवीएस मोटर का था। इसी अवधि में टीवीएस मोटर का राजस्व 31,974 करोड़ रुपये और मुनाफा 1,309 करोड़ रुपये था। इसके विपरीत, सुंदरम-क्लेटन के केवल ऑटो पार्ट्स कारोबार से 2,074 करोड़ रुपये का राजस्व और 273 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इस तरह लक्ष्मी उस कंपनी की जिम्मेदारी संभाल रही थीं, जिसके वित्तीय नतीजों में समूह के सबसे बड़े कारोबार का योगदान शामिल था।
वर्ष 2022 से 2023 के बीच हुए बड़े बदलाव
अगले कुछ वर्षों में समूह के भीतर कई बड़े बदलाव हुए। सितंबर 2022 में सुंदरम-क्लेटन ने अमेरिका में स्थित समूह की घाटे वाली फैक्ट्री पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए टीवीएस मोटर की एक सहायक कंपनी को 317 करोड़ रुपये दिए। मार्च 2023 में कंपनी ने अपने जमा मुनाफे में से 2,347 करोड़ रुपये अलग रखकर शेयरधारकों के लिए एक विशेष श्रेणी के शेयर जारी करने की व्यवस्था की। इस रकम का बड़ा हिस्सा टीवीएस मोटर की करीब 7 प्रतिशत हिस्सेदारी दो चरणों में बेचने से प्राप्त हुआ था। इस बिक्री से मार्च 2022 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान लगभग 2,094 करोड़ रुपये मिले थे।
कारोबारी बदलावों से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- अमेरिका की फैक्ट्री पर नियंत्रण के लिए 317 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
- मार्च 2023 में 2,347 करोड़ रुपये अलग रखने की व्यवस्था की गई।
- टीवीएस मोटर की करीब 7 प्रतिशत हिस्सेदारी दो चरणों में बेची गई।
- हिस्सेदारी की बिक्री से लगभग 2,094 करोड़ रुपये मिलने की जानकारी दी गई।
टीवीएस होल्डिंग्स और सुंदरम-क्लेटन का पुनर्गठन
इसके बाद कारोबारी पुनर्गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी। 16 जून 2023 को टीवीएस होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड का सुंदरम-क्लेटन में विलय कर दिया गया। इसके बाद 17 जुलाई को सुंदरम-क्लेटन का नाम बदलकर टीवीएस होल्डिंग्स कर दिया गया। अगस्त 2023 में परिवार की एक अन्य कंपनी वीएस इन्वेस्टमेंट्स का भी इसमें विलय हुआ। उसी महीने ऑटो पार्ट्स बनाने वाले कारोबार को अलग कंपनी में स्थानांतरित कर दिया गया और इस नई कंपनी का नाम सुंदरम-क्लेटन रखा गया।
पुनर्गठन के बाद दोनों कंपनियों की जिम्मेदारियां
इन बदलावों के बाद टीवीएस मोटर की हिस्सेदारी टीवीएस होल्डिंग्स के पास रही। इसी के माध्यम से कंपनी को समूह के कर्ज देने वाले कारोबार में भी हिस्सेदारी मिली। सितंबर 2023 में सुदर्शन वेणु टीवीएस होल्डिंग्स के प्रबंध निदेशक बन गए। दूसरी ओर, लक्ष्मी वेणु के नेतृत्व वाली नई सुंदरम-क्लेटन के पास वाहन कलपुर्जे बनाने का कारोबार और अमेरिका में चल रहे परिचालन की जिम्मेदारी रह गई। कंपनी पर कर्ज का बोझ भी था। मार्च 2023 के अंत में उसका कर्ज 1,082 करोड़ रुपये था, जो मार्च 2024 के अंत तक बढ़कर 1,417 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा, टीवीएस मोटर के शेयर बेचने से मिली रकम का लाभ नई सुंदरम-क्लेटन को नहीं मिला।
दोनों कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन में बढ़ता अंतर
इस बीच, दोनों कंपनियों के प्रदर्शन में अंतर और बढ़ गया। मार्च में समाप्त वर्ष के दौरान सुंदरम-क्लेटन का राजस्व 2,026 करोड़ रुपये रहा, जो तीन साल पहले के स्तर के आसपास था। कंपनी ने 252 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, लेकिन इसमें चेन्नई की जमीन की बिक्री से मिला लगभग 513 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ भी शामिल था। इस लाभ को हटा दिया जाए, तो कंपनी को करीब 186 करोड़ रुपये का नुकसान होता। दूसरी ओर, इसी तीन साल की अवधि में टीवीएस मोटर का राजस्व 76 प्रतिशत बढ़कर 56,069 करोड़ रुपये हो गया, जबकि उसका मुनाफा दोगुने से अधिक बढ़कर 3,693 करोड़ रुपये पहुंच गया।
टीवीएस मोटर की हिस्सेदारी बनी अहम मुद्दा
इन आंकड़ों के आधार पर कुछ जानकारों का मानना है कि पुराने सुंदरम-क्लेटन की सबसे मूल्यवान संपत्ति टीवीएस मोटर में उसकी हिस्सेदारी थी, जो पुनर्गठन के बाद अलग हो गई। इससे दोनों भाई-बहनों को मिले कारोबारी आधार में अंतर दिखाई देता है। हालांकि, परिवार के भीतर हुए समझौते और कारोबारी फैसलों के पीछे की पूरी वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
मल्लिका श्रीनिवासन ने उठाए पारिवारिक समझौते पर सवाल
परिवार में मतभेद का मुद्दा तब और चर्चा में आया, जब वेणु श्रीनिवासन की पत्नी मल्लिका श्रीनिवासन ने इस दावे पर सवाल उठाया कि परिवार के सभी मामले सुलझ चुके हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के भीतर कोई वित्तीय समझौता नहीं हुआ है और उनकी बेटी लक्ष्मी वेणु को भी अपने भाई सुदर्शन वेणु के समान अधिकार मिलने चाहिए। इस मामले में वेणु श्रीनिवासन और मल्लिका श्रीनिवासन से प्रतिक्रिया मांगी गई थी, लेकिन रिपोर्ट में उनकी ओर से जवाब मिलने की जानकारी नहीं दी गई।
20 मार्च 2024 को हुआ नियंत्रण संबंधी समझौता
20 मार्च 2024 को परिवार ने दोनों कारोबारों के प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर एक समझौता किया। इसके तहत सुदर्शन वेणु और उनके पिता वेणु श्रीनिवासन को टीवीएस होल्डिंग्स तथा उसके अंतर्गत आने वाले कारोबारों, जिनमें टीवीएस मोटर, टीवीएस क्रेडिट और होम क्रेडिट शामिल हैं, का नियंत्रण सौंपा गया। वहीं, लक्ष्मी वेणु और उनके पिता को सुंदरम-क्लेटन का नियंत्रण मिला। इस समझौते में प्रतिस्पर्धा से जुड़े प्रतिबंधों और टीवीएस ब्रांड के इस्तेमाल की शर्तें भी शामिल थीं। तीनों सूचीबद्ध कंपनियों ने 22 मार्च 2024 को इस समझौते की जानकारी शेयर बाजारों को दी थी।
कंपनियों के वास्तविक नियंत्रण को लेकर सवाल
हालांकि, समझौते में कंपनियों के स्वामित्व से जुड़ी सभी जानकारियां स्पष्ट नहीं की गई थीं। वेणु श्रीनिवासन वीएस ट्रस्ट के एकमात्र ट्रस्टी हैं। इस ट्रस्ट के माध्यम से उनके पास सुंदरम-क्लेटन की 46.83 प्रतिशत और टीवीएस होल्डिंग्स की 66.55 प्रतिशत हिस्सेदारी का नियंत्रण है। इस कारण परिवार के बीच हुए समझौते और कंपनियों के वास्तविक नियंत्रण को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
प्रतिभूति बाजार के नियम और जानकारी देने की जिम्मेदारी
प्रतिभूति बाजार के नियमों के अनुसार, सूचीबद्ध कंपनियों के प्रवर्तकों, निदेशकों और अन्य प्रमुख लोगों को ऐसे समझौतों की जानकारी कंपनी को देनी होती है, जिनसे उसके प्रबंधन या नियंत्रण पर सीधा या अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। यह नियम तब भी लागू हो सकता है, जब समझौते में कंपनी खुद पक्षकार न हो। इसके बाद कंपनी को निर्धारित नियमों के अनुसार शेयर बाजारों को जानकारी देनी होती है। कानूनी जानकारों के अनुसार, किसी समझौते को केवल ब्रांड के इस्तेमाल या प्रतिस्पर्धा से जुड़ा मामला बताने से यह जरूरी नहीं कि वह नियंत्रण संबंधी नियमों के दायरे से बाहर हो जाए। हालांकि, किसी विशेष मामले में जानकारी का खुलासा पर्याप्त था या नहीं, इसका आकलन संबंधित कंपनी, शेयर बाजार और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड कर सकते हैं।
सूचीबद्ध कंपनियों के खुलासों और नियामकीय जानकारी के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
निष्कर्ष
टीवीएस समूह के पुनर्गठन ने लक्ष्मी वेणु और सुदर्शन वेणु के कारोबारी आधार में अंतर को सामने ला दिया है। एक ओर टीवीएस मोटर की हिस्सेदारी वाला कारोबार है, तो दूसरी ओर ऑटो पार्ट्स निर्माण से जुड़ी कंपनी है। परिवार के समझौते, स्वामित्व और नियंत्रण से जुड़े सभी सवालों के स्पष्ट जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. टीवीएस समूह में कारोबारी बंटवारे का मुख्य मुद्दा क्या है?
इस मामले का मुख्य मुद्दा पुनर्गठन के बाद दोनों भाई-बहनों को मिली कंपनियों के आकार और कारोबारी संभावनाओं में अंतर है। सुदर्शन वेणु टीवीएस होल्डिंग्स का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि लक्ष्मी वेणु सुंदरम-क्लेटन के ऑटो पार्ट्स कारोबार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
2. टीवीएस मोटर की हिस्सेदारी किस कंपनी के पास गई?
पुनर्गठन के बाद टीवीएस मोटर की हिस्सेदारी टीवीएस होल्डिंग्स के पास चली गई। इसके कारण सुंदरम-क्लेटन के वित्तीय नतीजों में टीवीएस मोटर के राजस्व और मुनाफे का योगदान पहले की तरह शामिल नहीं रहा।
3. लक्ष्मी वेणु के नेतृत्व वाली सुंदरम-क्लेटन की वित्तीय स्थिति कैसी रही?
लेख में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सुंदरम-क्लेटन का राजस्व 2,026 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने 252 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया, जिसमें जमीन की बिक्री से मिला लगभग 513 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ शामिल था।
4. परिवार के बीच नियंत्रण संबंधी समझौता कब हुआ था?
परिवार के बीच प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर समझौता 20 मार्च 2024 को हुआ था। इसके तहत टीवीएस होल्डिंग्स और उससे जुड़े कारोबारों का नियंत्रण सुदर्शन वेणु तथा उनके पिता को, जबकि सुंदरम-क्लेटन का नियंत्रण लक्ष्मी वेणु और उनके पिता को मिला।
5. टीवीएस समूह के मामले में सेबी की भूमिका क्या हो सकती है?
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सूचीबद्ध कंपनियों से जुड़े नियामकीय नियमों और खुलासों की समीक्षा कर सकता है। किसी समझौते के बारे में दी गई जानकारी पर्याप्त थी या नहीं, इसका आकलन संबंधित तथ्यों और लागू नियमों के आधार पर किया जा सकता है।
अस्वीकरण
यह लेख उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। इसमें व्यक्त दावे और आंकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं। आधिकारिक घोषणाओं और नियामकीय दस्तावेजों को प्राथमिकता दें।

