भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 50 के सोमवार, 31 अगस्त को कमजोर शुरुआत करने की संभावना जताई जा रही है। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण घरेलू बाजार में शुरुआती दबाव देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी भी कमजोरी का संकेत दे रहा था और करीब 24,232 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी वायदा के पिछले बंद स्तर से लगभग 110 अंक नीचे था।
सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी में कमजोरी के संकेत
पिछले कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार ने सकारात्मक प्रदर्शन किया था। सेंसेक्स 330.92 अंक यानी 0.43 प्रतिशत बढ़कर 77,264.51 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 84.80 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की तेजी आई और यह 24,175.65 पर पहुंच गया। हालांकि, सोमवार की शुरुआत से पहले बाजार में वैश्विक संकेतों को लेकर सावधानी बनी हुई है।
सेंसेक्स को लेकर Choice Equity Broking के तकनीकी शोध विश्लेषक हितेश टेलर का कहना है कि सूचकांक 76,800 से 77,000 के महत्वपूर्ण सहारा क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है। वहीं, 77,680 से 78,000 के बीच तत्काल रुकावट का स्तर है। सेंसेक्स का आरएसआई 46.84 पर रहा, जो यह बताता है कि गति अभी मध्य स्तर से नीचे है, हालांकि बाजार में स्थिरता के कुछ संकेत दिखाई दे रहे हैं।
सेंसेक्स के लिए अहम सहारा और रुकावट
Share.Market के बाजार विश्लेषक मयंक जैन के अनुसार, सेंसेक्स के लिए 76,300 से 76,500 का क्षेत्र महत्वपूर्ण आधार है। यदि यह स्तर कायम रहता है तो मध्यम अवधि में बाजार की सुधार प्रक्रिया को सहारा मिल सकता है। उनके मुताबिक, 77,000 के ऊपर मजबूत आधार बनने से सूचकांक को आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। ऊपर की ओर 78,400 से 78,600 का क्षेत्र मुख्य रुकावट बन सकता है। इससे पहले 78,000 के आसपास बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
निफ्टी 50 ने शुक्रवार को लगातार दो सत्रों की अस्थिरता के बाद वापसी की और करीब 84 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। HDFC Securities के वरिष्ठ तकनीकी शोध विश्लेषक नागराज शेट्टी के अनुसार, दैनिक चार्ट पर छोटी तेजी वाली कैंडल बनी, जिसके ऊपर और नीचे दोनों तरफ छाया थी। यह करीब 24,000 के महत्वपूर्ण सहारे से मामूली सुधार का संकेत देती है।
गुरुवार को निफ्टी 50 करीब 24,150 के स्तर पर मौजूद ऊपर जाती ट्रेंडलाइन के नीचे चला गया था, लेकिन शुक्रवार को इसके बाद तेज बिकवाली नहीं हुई। तकनीकी विश्लेषण में इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि कई बार कमजोर गिरावट के बाद सूचकांक तेजी से वापस ऊपर आ सकता है। फिलहाल निफ्टी का व्यापक रुख सीमित दायरे में सकारात्मक बना हुआ है।
निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर अहम
निफ्टी के लिए 24,000 से 24,400 का दायरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि निचले स्तर से मजबूत वापसी होती है तो सूचकांक निकट अवधि में 24,300 से 24,400 की ओर बढ़ सकता है। दूसरी ओर, 24,000 का स्तर टूटने पर बाजार में अतिरिक्त कमजोरी दिखाई दे सकती है। इसलिए सोमवार के कारोबार में इस स्तर पर खास नजर रहने की संभावना है।
Angel One के मुख्य प्रबंधक ओशो कृष्ण के अनुसार, निफ्टी की मौजूदा स्थिति में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। सूचकांक लगभग 24,050 के मजबूत सहारे और 24,370 के आसपास मौजूद रुकावट के बीच घूम रहा है। यदि 24,050 से 24,000 का क्षेत्र निर्णायक रूप से टूटता है तो निफ्टी 23,890 से 23,820 तक कमजोर हो सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,350 से 24,370 का क्षेत्र तत्काल चुनौती बना रहेगा।
यदि निफ्टी इस रुकावट क्षेत्र के ऊपर मजबूती से टिक जाता है तो निकट अवधि में 24,500 की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है। फिलहाल जब तक सूचकांक 24,050 के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर है, तब तक बाजार का व्यापक रुख सीमित दायरे में सकारात्मक माना जा रहा है।
बैंक निफ्टी में भी सीमित दायरा
बैंक निफ्टी पिछले करीब 18 कारोबारी सत्रों से सीमित दायरे में बना हुआ है। SBI Securities के तकनीकी और डेरिवेटिव शोध प्रमुख सुदीप शाह के अनुसार, दैनिक चार्ट पर तटस्थ कैंडल बनी और सूचकांक 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। ऊपर और नीचे बनी छाया बाजार में खरीदारों और विक्रेताओं के बीच स्पष्ट दिशा न होने का संकेत देती है।
बैंक निफ्टी का आरएसआई भी तटस्थ क्षेत्र में बना हुआ है, जिससे मजबूत गति की कमी दिखाई देती है। आने वाले सत्र में 57,000 से 56,900 का क्षेत्र महत्वपूर्ण सहारा माना जा रहा है। यदि यह स्तर कायम रहता है तो मौजूदा सीमित कारोबार जारी रह सकता है। ऊपर की ओर 57,900 से 58,000 का क्षेत्र तत्काल रुकावट है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक निफ्टी अगर 58,000 के ऊपर निर्णायक बढ़त दर्ज करता है तो मौजूदा सीमित दायरे से बाहर निकलकर मजबूत तेजी की दिशा पकड़ सकता है। इसके विपरीत, 57,000 के नीचे गिरावट होने पर कमजोरी बढ़ने की संभावना है। इसलिए सोमवार को इन दोनों स्तरों के आसपास बाजार की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं।
कुल मिलाकर, सोमवार के कारोबार में वैश्विक संकेतों के कारण शुरुआती दबाव रह सकता है, लेकिन निफ्टी और सेंसेक्स के महत्वपूर्ण सहारा स्तर अभी पूरी तरह टूटे नहीं हैं। निफ्टी के लिए 24,000 और सेंसेक्स के लिए 76,800 से 77,000 का क्षेत्र महत्वपूर्ण रहेगा। निवेशकों को तेज उतार-चढ़ाव के बीच जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए। विशेषज्ञों की राय केवल जानकारी के लिए है और इसे निवेश की निश्चित सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
📈 निफ्टी और सेंसेक्स के अहम स्तर
- निफ्टी सहारा: 24,000 से 24,050
- निफ्टी रुकावट: 24,350 से 24,400
- सेंसेक्स सहारा: 76,800 से 77,000
- सेंसेक्स रुकावट: 77,680 से 78,000
- निफ्टी संभावित लक्ष्य: 24,500
- मुख्य संकेत: वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
⚠️ सोमवार के कारोबार में किन स्तरों पर नजर
- बैंक निफ्टी सहारा: 56,900 से 57,000
- बैंक निफ्टी रुकावट: 57,900 से 58,000
- निफ्टी कमजोरी: 24,000 के नीचे दबाव बढ़ सकता है
- निफ्टी तेजी: 24,370 के ऊपर मजबूती से 24,500 की संभावना
- सेंसेक्स आधार: 76,800 से 77,000
- सावधानी: विशेषज्ञों की राय निवेश की निश्चित सलाह नहीं है