जापान के सरकारी बॉन्ड बाजार में सोमवार को हलचल बढ़ गई। दो साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 1.730 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो अप्रैल 1995 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की उम्मीद और इस सप्ताह होने वाली सरकारी बॉन्ड नीलामियों को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी है। दस साल की जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड भी 1 आधार अंक बढ़कर 2.935 प्रतिशत हो गई। बॉन्ड की कीमत और यील्ड आमतौर पर एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चलती हैं।
जापानी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी
दो साल की यील्ड पर खास नजर इसलिए रहती है क्योंकि यह बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर नीति में बदलाव के प्रति काफी संवेदनशील होती है। बाजार में अब यह उम्मीद मजबूत हो रही है कि जापान का केंद्रीय बैंक आने वाले समय में ब्याज दर बढ़ा सकता है। शुक्रवार को जारी टोक्यो के महंगाई आंकड़ों ने भी इस उम्मीद को मजबूत किया। अगस्त में टोक्यो का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बढ़ा, जिससे अगले महीने ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में तर्क मजबूत हुआ है।
इसी बीच अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर भी बाजार की चिंता बनी हुई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वार्श ने शुक्रवार को कहा कि अगर नीति निर्माता इस बात को लेकर पर्याप्त भरोसा हासिल नहीं कर पाते कि महंगाई दो प्रतिशत की ओर बढ़ रही है, तो केंद्रीय बैंक को आगे और काम करना पड़ सकता है। उनके बयान को संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की दिशा में अपेक्षाकृत कड़ा संकेत माना गया।
बॉन्ड नीलामियों पर बाजार की नजर
जापान के वित्त मंत्रालय की ओर से इस सप्ताह दो महत्वपूर्ण बॉन्ड नीलामियां होनी हैं। मंगलवार को दस साल की सरकारी बॉन्ड नीलामी होगी, जबकि गुरुवार को 30 साल की अवधि वाले कर्ज की नीलामी प्रस्तावित है। इन नीलामियों में निवेशकों की मांग कैसी रहती है, इस पर बाजार की नजर रहेगी। कमजोर मांग रहने पर बॉन्ड यील्ड पर और दबाव आ सकता है।
SMBC Nikko Securities के वरिष्ठ दर रणनीतिकार अतारू ओकुमुरा के अनुसार, अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए मौद्रिक नीति को और सख्त करता है, तो बैंक ऑफ जापान और जापानी बॉन्ड बाजार के लिए माहौल और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सप्ताह होने वाली दस साल और 30 साल की बॉन्ड नीलामियों में निवेशकों की पर्याप्त मांग आएगी या नहीं, इसे लेकर अभी स्पष्टता नहीं है।
महंगाई से दर बढ़ोतरी की उम्मीद मजबूत
महंगाई के आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान की नीति को लेकर बाजार की सोच में भी बदलाव किया है। ANZ की विदेशी मुद्रा शोध प्रमुख महजबीं जमान के अनुसार, टोक्यो के उपभोक्ता मूल्य आंकड़े बैंक ऑफ जापान के अपेक्षाकृत कड़े रुख को और मजबूत करते हैं। उनके अनुमान के मुताबिक, बैंक ऑफ जापान सितंबर की बैठक में ब्याज दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी कर सकता है।
उन्होंने यह भी अनुमान लगाया कि इसके बाद आने वाली तिमाहियों में लगातार दर बढ़ोतरी हो सकती है और अंततः केंद्रीय बैंक की दर 1.75 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है और अंतिम फैसला बैंक ऑफ जापान के अधिकारियों द्वारा आर्थिक आंकड़ों तथा महंगाई की स्थिति को देखकर लिया जाएगा।
30 साल की बॉन्ड यील्ड भी बढ़ी
30 साल की जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड भी सोमवार को 1.5 आधार अंक बढ़कर 4.135 प्रतिशत हो गई। लंबी अवधि की यील्ड में बढ़ोतरी से यह संकेत मिलता है कि बाजार में भविष्य की ब्याज दरों और सरकारी कर्ज की मांग को लेकर सतर्कता बढ़ रही है। आने वाली बॉन्ड नीलामियों के नतीजे जापानी बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जापानी बॉन्ड यील्ड में यह तेजी केवल घरेलू घटनाओं तक सीमित नहीं है। अमेरिका की ब्याज दर नीति, जापान में बढ़ती महंगाई और केंद्रीय बैंक के संभावित फैसले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। अगर वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं और जापान भी अपनी दरों में बढ़ोतरी करता है, तो निवेशकों के लिए जापानी सरकारी बॉन्ड की कीमत और यील्ड दोनों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
Disclaimer
यह जानकारी केवल सामान्य बाजार सूचना के लिए है और इसे निवेश सलाह या वित्तीय निर्णय की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।
