UPI Payment Free रहेगा, आम ग्राहकों से नहीं लगेगा शुल्क

भारत में आम लोगों के लिए UPI से भुगतान करना फिलहाल मुफ्त ही रहेगा। फोनपे के सीईओ और संस्थापक समीर निगम ने स्पष्ट किया है कि आम ग्राहकों से यूपीआई भुगतान करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ कारोबारी लेनदेन पर शुल्क लगाए जाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

आम ग्राहकों के लिए UPI भुगतान रहेगा मुफ्त

समीर निगम ने सोशल मीडिया पर कहा कि भारतीय ग्राहकों के लिए यूपीआई मुफ्त था और आगे भी मुफ्त रहेगा। उन्होंने साफ किया कि लोगों को यूपीआई के जरिए भुगतान करने के लिए किसी तरह का अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा।

यह पूरा मामला MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट से जुड़ा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ कारोबारी यूपीआई लेनदेन पर 0.25 से 0.4 प्रतिशत तक शुल्क लगाए जाने की संभावना है। हालांकि यह शुल्क सीधे आम ग्राहकों से लेने की बात नहीं है।

💳 UPI शुल्क को लेकर क्या साफ है?

  • आम ग्राहक: यूपीआई भुगतान के लिए कोई शुल्क नहीं
  • प्रस्तावित शुल्क: कुछ कारोबारी लेनदेन पर 0.25 से 0.4 प्रतिशत तक
  • सीमा: 2,000 रुपये से अधिक के कुछ कारोबारी लेनदेन
  • MDR: मर्चेंट डिस्काउंट रेट से जुड़ा शुल्क
  • छोटे कारोबारी: छोटे दुकानदारों से शुल्क नहीं लेने की बात

छोटे दुकानदारों पर नहीं लगेगा एमडीआर

पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी कहा है कि छोटे दुकानदारों और छोटे कारोबारियों से यूपीआई भुगतान स्वीकार करने पर एमडीआर शुल्क नहीं लिया जाएगा। संगठन के अनुसार, जहां शुल्क लागू होगा, वह दुकानदार और भुगतान सेवा देने वाली कंपनी के बीच व्यावसायिक व्यवस्था का हिस्सा होगा।

इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को यूपीआई से पैसे भेजता है तो उस लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क लागू नहीं होगा। चर्चा मुख्य रूप से कुछ ऐसे भुगतान पर है जो कारोबारियों को किए जाते हैं और जिनकी राशि तय सीमा से अधिक है।

एमडीआर डिजिटल भुगतान स्वीकार करने से जुड़ा शुल्क होता है। आम तौर पर इसका भुगतान व्यापारी की ओर से भुगतान प्रक्रिया में शामिल संस्थाओं को किया जाता है। यूपीआई के मामले में लंबे समय से ज्यादातर लेनदेन पर व्यापारियों से यह शुल्क नहीं लिया गया है।

UPI व्यवस्था को चलाने में कई संस्थाओं की भूमिका

यूपीआई व्यवस्था को चलाने में बैंकों, भुगतान कंपनियों और अन्य संस्थाओं की बड़ी भूमिका होती है। तकनीक, साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने, ग्राहक सहायता और नई सुविधाओं पर लगातार खर्च किया जाता है। अब उद्योग जगत में इस व्यवस्था को लंबे समय तक आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने को लेकर चर्चा हो रही है।

📱 UPI भुगतान में ग्राहक पर असर

  • व्यक्ति से व्यक्ति: यूपीआई से पैसे भेजने पर प्रस्तावित शुल्क लागू नहीं
  • आम ग्राहक: भुगतान के लिए अतिरिक्त पैसा देने की जरूरत नहीं
  • कारोबारी भुगतान: कुछ योग्य लेनदेन पर शुल्क की चर्चा
  • व्यापारी स्तर: शुल्क व्यावसायिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है
  • मुख्य उद्देश्य: डिजिटल भुगतान व्यवस्था को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना

सरकार के संशोधन के बाद तेज हुई चर्चा

सरकार द्वारा लाए गए कर संबंधी संशोधन विधेयक में कुछ इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों पर एमडीआर लगाने की व्यवस्था का रास्ता साफ किया गया है। इसी के बाद यह सवाल उठने लगा कि डिजिटल भुगतान का खर्च आखिर कौन उठाएगा।

हालांकि पेमेंट्स काउंसिल ने साफ किया है कि कारोबारी स्तर पर लगने वाला शुल्क और आम ग्राहक से लिया जाने वाला शुल्क अलग-अलग चीजें हैं। इसलिए प्रस्तावित बदलाव का मतलब यह नहीं है कि आम लोगों को यूपीआई से भुगतान करने के लिए शुल्क देना पड़ेगा।

डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाने की चुनौती

यूपीआई पिछले कई वर्षों में भारत के भुगतान ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। करोड़ों लोग रोजाना इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि व्यवस्था को आगे बढ़ाने के साथ यह भी जरूरी है कि छोटे कारोबारियों और आम ग्राहकों के लिए भुगतान आसान और सस्ता बना रहे।

फिलहाल फोनपे और पेमेंट्स काउंसिल के बयान के अनुसार आम ग्राहकों के लिए यूपीआई भुगतान मुफ्त रहेगा। संभावित बदलाव मुख्य रूप से कुछ योग्य कारोबारी लेनदेन और व्यापारी स्तर पर लागू होने वाले शुल्क से संबंधित हैं। NPCI सहित भुगतान क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं के सामने अब बढ़ते लेनदेन के बीच व्यवस्था को मजबूत और टिकाऊ बनाए रखने की चुनौती है।

अस्वीकरण: शुल्क से जुड़े नियम बदल सकते हैं, इसलिए अंतिम निर्णय से पहले आधिकारिक जानकारी जरूर देखें।

Gourav Kumar Singh

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Gourav Kumar Singh

Gourav Kumar Singh is the Founder and Editor of Wealth Scope News. He writes about finance, business, stock market, technology, government schemes and trending news. His mission is to provide readers with accurate, reliable and easy-to-understand information through well-researched articles.

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